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मोबाइल और रिश्तों में दूरियां

Posted On November - 3 - 2019

मोनिका अग्रवाल

मोबाइल फोन बहुत से लोगों की ज़िंदगी में दूरियां बढ़ रहा है। आज के समय में रिश्तों की मधुरता को बनाए रखना आसान नहीं रहा। हर समय एक चिंता, एक डर और किसी तीसरे का एहसास साथ रहता है। एक कमरे में पति पत्नी दोनों अपने अपने मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं, आपस की बातचीत ना के बराबर हो गई है। समय मिलने पर साथ होकर भी दोनों अपनी दुनिया में मगन रहते हैं। तो क्या मोबाइल फोन हमसे हमारी पर्सनल लाइफ नहीं छीन रहा?
मजबूरी तो नहीं ?
हो सकता है यह शब्द आपके लिए नया हो असल में लोगों में एक आदत घर कर गई है कि वह हर मिनट अपने मोबाइल फोन पर मैसेज व्हाट्सएप फेसबुक चेक करते रहते हैं। उनकी इस आदत को ही कंपल्शन का नाम दिया गया है। यह ऐसी लत है जिसमें व्यक्ति अपने रिश्तों को भी नजरअंदाज़ करने लगता है। फिर शुरू हो जाता है गलतफहमी हो का दौर। हालांकि हैरानी की बात यह है कि वे खुद भी इसकी वजह नहीं समझ पाते।

कोई तो है?
पति-पत्नी के बीच किसी तीसरे का एहसास जन्म लेने लगता है तो आपसी रिश्तों के तार कमज़ोर होने लगते हैं। इन दिनों स्मार्टफोन निजी रिश्तों में किसी तीसरे शख्स की तरह मौजदू है। लोगों पर इसका नशा इतना चढ़ चुका है कि पार्टनर की मौजूदगी में भी वे उससे बात करने की बजाय अपने फोन में भी व्यस्त रहते हैं। एक शोध के अनुसार जो कपल साथ बिताने के वक्त के दौरान भी स्मार्टफोन का प्रयोग करते हैं, उनके बीच अविश्वास और गलतफहमियों के कारण हर समय शीत युद्ध होता है। जो कि बाद मेंं वाक युद्ध में बदल जाता है।

क्या कहते हैं शोध
एक अध्ययन के मुताबिक वॉट्सएप चैटिंग, मोबाइल फोन का उपयोग करने वालों की संख्या में 20-30 फीसदी वार्षिक बढ़ोतरी हुई है। जिसके साथ ही तलाक दर में भी 3.8 से 4.5 फीसदी बढ़ी है।
इसकी बस एक ही वजह है कि जब दोनों में से कोई भी एक मोबाइल के कारण अपने साथी को नजरअंदाज़ करता है तब दोनों के बीच तनाव उत्पन्न होने लगता है। यह अवसाद खुदकुशी ,हत्या या फिर मारपीट , किसी भी रूप में सामने आता है।

वजह जानें
ज़रूरी है कि दंपत्ति एक बार अपना अपना फोन चेक करें। जाने कि आखिरी बार अपने साथी से कब बात की। यही नहीं मैसेज चेक करें। शायद आपको अपने बीच बढ़ती दूरियों का एहसास हो। जब आप दोनों आपस में बात नहीं करेंगे और न ही कुछ लिखे शब्दों के सहारे अपने रिलेशन को आगे बढ़ायेंगे तो बात सुलझेगी कैसे! वक्त बिताएं, बात करें। कभी झगड़ा हो तो मैसेज करने की बजाय मिलने का प्लान करें या फोन पर बात करें। बात सुलझ जाएगी।

सोशल लाइफ
आज का मनुष्य पहले सेे ज्यादा सोशल है। पर यह सोशल एक्टिविटी उसके रिश्तों में दूरियां पैदा कर रही है क्योंकि वह अपने रिश्तों की जगह दूसरे की जिंदगी में क्या चल रहा है, जानने के लिए ज्यादा उत्सुक है। हमेशा यह जानने का क्रेज़ रहता है कि उस फ्रेंड ने क्या पोस्ट डाला है? याद रखें आपकी पोस्ट या ट्वीट आपके लिए जी का जंजाल हो सकता है क्योंकि आपका पार्टनर शक या फिर आपसे ईर्ष्या कर सकता है।

ब्रेक लें
अपनी तमाम जि़म्मेदारियों के बीच दोनों को एक साथ समय बिताने का अवसर कम मिलता है। ऊपर से मोबाइल। सोचेें कि आपसी रिश्ते कैसे मधुर हो? इनमें करीबी और अपनेपन का एहसास कैसे आये? कैसे मजबूत होंगे आपसी रिश्ते? इसलिए कुछ देर के लिए ब्रेक लें। वरना हो सकता है कि कुछ समय बाद साथ में सिर्फ मोबाइल रहे और आप समय पर रिलेशन न संभालने के लिए पछताते रहें। अगर इससे बचाना चाहते हैं तो तय करके कुछ वक्त अपने दोनों के लिए बिना मोबाइल के ज़रूर निकालें।
बेहतर होगा कि दिन में कम से कम एक घंटा अपने फोन के बिना एक-दूसरे के साथ रहें। अगर यह मु‍मकिन नहीं है तो जब भी मिलें, तो यह तय कर लें कि अगले एक घंटे तक आपको अपना फोन चेक नहीं करना है और यह भूल जाना है कि फेसबुक और ट्विटर पर क्या चल  रहा है!


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