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मिलों के स्टॉक और खरीद का होगा मिलान

Posted On November - 21 - 2019

ट्रिब्यून न्यूज सर्विस
चंडीगढ़, 20 नवंबर
हरियाणा में धान खरीद के नाम पर फर्जीवाड़े की बात सामने आते ही खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय सख्त हो गया है। अब राइस मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन होगा। यानी स्टॉक और धान खरीद का मिलान किया जाएगा। कई राइस मिल्स के बाहर पुलिस का पहरा बिठा दिया गया है। बता दें कि डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला के पास यह मंत्रालय है। उन्होंने बुधवार को इस मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बातचीत की। सूत्रों का कहना है कि दुष्यंत ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी विचार-विमर्श किया।
आरोप हैं कि बड़ी संख्या में राइस मिलर्स ने अपने निर्धारित स्टॉक की कागजों में पहले ही बिलिंग कर दी। यानी किसानों से धान तो कम खरीदा गया, लेकिन कागजों में बिलिंग काफी अधिक दिखा दी गई। यही नहीं, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भुगतान भी हो चुका है या इसकी प्रक्रिया चल रही है। विपक्षी दलों द्वारा शुरू से ही धान खरीद में घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं। विधानसभा सत्र के दौरान भी विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा व इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला यह मुद्दा उठा चुके हैं।
इधर, विभाग को गड़बड़ी इसलिए भी लग रही है क्योंकि इस बार धान का कुल उत्पादन लगभग 55 लाख मीट्रिक टन होने की उम्मीद थी। वहीं सरकारी एजेंसियों व मिलर्स द्वारा 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है। आमतौर पर ऐसी बात सामने आती है कि पड़ोसी राज्यों के किसान अपनी फसल हरियाणा की मंडियों में बेच जाते हैं। इसलिए फिजिकल वेरिफिकेशन का फैसला किया गया। जिन मिलों का स्टॉक मिलान नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई मिलों ने बिलिंग तो पहले ही कर ली, लेकिन उनके पास स्टॉक नहीं है। स्टॉक इसलिए नहीं है क्योंकि ये मिल मालिक यूपी और बिहार से परमल धान के मार्केट में आने का इंतजार करते हैं। मार्केट में परमल धान आने के बाद उसकी खरीद होती है। बासमती धान के मुकाबले परमल धान 500 से 700 रुपये प्रति क्विंटल तक सस्ता होता है। बताया जा रहा है कि पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जब राइस मिलर्स की ओर से बासमती धान के बदले सरकार को परमल चावल मिक्स करके लौटा दिये गये। इस बार यह गड़बड़ न हो, इसीलिए विभाग ने पहले ही फिजिकल वेरिफिकेशन करवाने का निर्णय लिया है। कहा जा रहा है कि जिन मिलों में स्टॉक का मिलान हो जाएगा, उन पर कोई एक्शन नहीं होगा लेकिन स्टॉक नहीं मिलने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
सकती है।
व्यापारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
राइस मिलों के बाहर पुलिस तैनात करने के सरकार के फैसले के खिलाफ व्यापारियों ने आंदोलन की चेतावनी दे दी है। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग का कहना है कि राइस मिलर्स के साथ किसी भी तरह की ज्यादती बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मिलों में पुलिसकर्मी तैनात करने से प्रदेशभर के व्यापारियों में आक्रोश है। अगर सरकार ने मिलों से पुलिसकर्मियों को नहीं हटाया तो प्रदेश का व्यापारी सड़कों पर आने को मजबूर होगा। गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किसान की जीरी की खरीद न करने और अपनी विफलता को छिपाने के लिए किसान व आम जनता का ध्यान हटाने के लिए यह सारा ड्रामा किया गया है।


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