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महाराष्ट्र का महानाटक

Posted On November - 24 - 2019

राजकुमार सिंह
महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को महानाटक कहना ज्यादा सही होगा। बेशक पिछले कुछ दशकों की सत्तालोलुप राजनीति में ऐसे कई नाटकीय घटनाक्रम आये हैं, जिन्हें असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और अनैतिक कहा जा सकता है। यह कहना ज्यादा सही होगा कि महाराष्ट्र का नया घटनाक्रम भारतीय राजनीति के नैतिक पतन और नाटकीयता में नये कीर्तिमान स्थापित करता दिख रहा है। विधानसभा चुनावों में जनादेश पाने वाले भाजपा-शिवसेना गठबंधन पर मन की गांठें और महत्वाकांक्षाएं हावी हो जाती हैं। असीमित संभावनाओं वाले सत्ता के खेल में जब धुर विरोधियों के बीच नए समीकरण आकार लेते नज़र आते हैं, तभी आधी रात को, पहले बहुमत न होने के चलते सरकार बनाने से इनकार कर चुकी सबसे बड़ी पार्टी भाजपा नए समीकरण के शिल्पकार शरद पवार की एनसीपी में सेंध लगाने के दावे के साथ राजभवन पहुंच जाती है। जिन भतीजे अजित पवार को शरद पवार ने बेटी सुप्रिया सुले पर वरीयता दी, वही गद्दारी कर सत्ता के खेल में भाजपा का मोहरा बन जाते हैं। आधी रात में ही पूर्व भाजपाई मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफ़ारिश करते हैं और केंद्र की भाजपा सरकार तो मानो उसी की प्रतीक्षा कर रही थी। आनन-फानन में राष्ट्रपति शासन समाप्त कर सुबह होते ही, महज एक निजी न्यूज एजेंसी को बुला कर भाजपा के देवेन्द्र फड़नवीस को मुख्यमंत्री और एनसीपी के बागी अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी जाती है। शरद पवार भारतीय राजनीति के बड़े चतुर खिलाड़ी हैं, लेकिन मोदी शाही के नए दौर में बहुत धीमे साबित होते हैं। उन्हीं की बात पर भरोसा करें तो भाजपा के खेल की भनक भी उन्हें सुबह तड़के लगी। यह सही है कि फिर रात होते-होते शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन ने बहुत हद तक डैमेज कंट्रोल कर लिया है तथा भाजपा कर्नाटक सरीखे एक और अपमानजनक अनुभव के करीब नज़र आ रही है। बेशक बहुमत के इस खेल में संख्या गणित का आखिरी फैसला विधानसभा में ही होगा, जिसे सुप्रीमकोर्ट का हस्तक्षेप नया ट्विस्ट दे सकता है, पर इस खेल में जीते कोई भी, पराजय नीति-सिद्धांत आधारित वैचारिक राजनीति की ही होगी। भाजपा-अजित पवार समीकरण हो या शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस समीकरण—दोनों एक ही कटु सत्य को रेखांकित करते हैं कि वर्तमान भारतीय राजनीति में एक ही विचारधारा शेष रह गई है, और वह है सत्ता की धारा।


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