गुरुग्राम मानेसर प्लांट अनिश्चितकाल के लिये बंद !    फैसले का खुशी से इजहार कीजिए, भव्य मंदिर बनेगा इंतजार कीजिए !    पराली के सदुपयोग, बैटरी चालित वाहनों पर जोर !    कॉलेज के शौचालय में मृत मिला इंजीनियरिंग छात्र !    सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी कांग्रेस !    एचटी लाइन टूटने से 50 घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फुंके !    मोमोटा ने जीता चीन ओपन का खिताब !    चंडीगढ़ के स्कूलों, पीयू, कार्यालयों में आज छुट्टी !    ई-सिगरेट और निकोटीन पर अभियान छेड़ेगी हरियाणा पुलिस !    किराये पर टैक्सी लेकर करते थे लूटपाट, गिरोह के 2 सदस्य काबू !    

और परेशान किया तो फैक्टरियों को ताले लगाकर उतरेंगे सड़क पर

Posted On November - 10 - 2019

पानीपत में शनिवार को प्रदूषण के नाम पर बंद की गई फैक्टरियों के विरोध में बैठक करते उद्यमी। -एस

पानीपत, 9 नवंबर (एस)
पानीपत के दर्जनों औद्योगिक संगठनों की बैठक शनिवार को सेक्टर 25 स्थित जिमखाना क्लब में हुई, जिसमें फैक्टरी मालिकों ने सरकार द्वारा प्रदूषण के नाम पर बार-बार उनकी फैक्टरियों को बंद करवाने पर भारी रोष व्यक्त किया गया। इस मौके पर पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा, पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल, श्रीभगवान अग्रवाल, सुरेश गुप्ता, जगदीश जैन, विनोद ग्रोवर, नरेश गुप्ता, प्रीतम सचदेवा आदि ने बताया कि यदि प्रदूषण के नाम पर अब 11 नवंबर के बाद भी फैक्टरियों को बंद करने के निर्देश दिए तो उद्योगपति चुप नहीं बैठेंगे और सभी अपनी इंडस्ट्री को ताला लगाकर श्रमिकों के साथ सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में होने वाले प्रदूषण की गाज हर बार पानीपत की फैक्टरियों पर ही क्यों डाली जाती है, जबकि प्रदूषण के लिए पानीपत की फैक्टरियां जिम्मेदार नहीं है।
उन्होंने कहा कि पानीपत में फैक्टरियों की चिमनियों पर ऑनलाइन मानिटरिंग सिस्टम लगा हुआ है और उसका सारा कंट्रोल सरकार के पास है तो हमें ही क्यों जिम्मेदार ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि फैक्टरी मालिकों ने सरकार की हर बार हर बात मानी है और वे स्वयं भी प्रदूषण के खिलाफ हैं लेकिन जिस तरह से उद्यमियों के साथ व्यवहार किया जा रहा है, वह पूरी तरह से गलत है।
प्रदूषण के नाम पर पहले फैक्टरियों को 5 नवंबर तक, फिर 8 नवंबर सुबह तक और फिर 11 नवंबर रात तक बंद कर दिया गया। जबकि पानीपत की फैक्टरियां छोटी दिवाली यानि 26 नवंबर से बंद हैं और इन करीब 15 दिनों से फैक्टरियां बंद रहने से उद्यमियों का हर रोज 35 से 40 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। समय पर माल नहीं भेजने से निर्यातकों के ऑर्डर केंसल होने की कगार पर है।
प्रदूषण के कारणों की जांच करवाये सरकार
उद्योगपतियों ने कहा कि पानीपत में प्रदूषण फैलाने के लिए शहर में चलने वाले करीब 3500 ऑटो, पुराने वाहन जोकि दिल्ली से बाहर निकाल दिए गए हैं, पराली का जलाना, बाहरी क्षेत्रों में बिना मंजूरी के चलने वाली फैक्टरियां, प्रदूषण मापक यंत्र का जीटी रोड स्थित टोल प्लाजा के पास होना, जहां से हर रोज 5 राज्यों की हजारों गाड़ियां गुजरती हैं और टोल पर जाम रहने से उनका धुआं सीधे प्रदूषण मापक यंत्र के पास पहुंचता है। वहीं, उद्योगपतियों ने सरकार से मांग की कि वे परेशान करना बंद करें और पानीपत में प्रदूषण फैलाने के लिए कौन जिम्मेदार हैं, उसकी जांच करवाई जाए।
विधायक, डीसी से मिले उद्योगपति
बैठक के उपरांत सभी उद्यमी पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज के कार्यालय में पहुुंचे और उन्हें दिक्कतें व मांगें बताईं। प्रमोद विज ने आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों को केंद्र तक भिजवाएंगे। वहीं उद्यमी उपायुक्त सुमेधा कटारिया से भी मिले। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्याओं को मुख्य सचिव को जल्द भिजवा देंगी।


Comments Off on और परेशान किया तो फैक्टरियों को ताले लगाकर उतरेंगे सड़क पर
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.