गुरुग्राम मानेसर प्लांट अनिश्चितकाल के लिये बंद !    फैसले का खुशी से इजहार कीजिए, भव्य मंदिर बनेगा इंतजार कीजिए !    पराली के सदुपयोग, बैटरी चालित वाहनों पर जोर !    कॉलेज के शौचालय में मृत मिला इंजीनियरिंग छात्र !    सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी कांग्रेस !    एचटी लाइन टूटने से 50 घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फुंके !    मोमोटा ने जीता चीन ओपन का खिताब !    चंडीगढ़ के स्कूलों, पीयू, कार्यालयों में आज छुट्टी !    ई-सिगरेट और निकोटीन पर अभियान छेड़ेगी हरियाणा पुलिस !    किराये पर टैक्सी लेकर करते थे लूटपाट, गिरोह के 2 सदस्य काबू !    

पंजाब यूनिवर्सिटी में हरियाणा ने मांगा अपना हिस्सा

Posted On November - 10 - 2019

चंडीगढ़, 9 नवंबर (ट्रिन्यू)
हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जरिए एक पत्र केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखा है। इसमें उन्होंने पंचकूला और अम्बाला जिलों के कॉलेजों को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से मान्यता देने के लिए आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि गत दिनों पंचकूला जिले के कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र उनसे मिले थे और आग्रह किया था की कि पंचकूला जिले के कॉलेजों की मान्यता पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से नहीं है। इसलिए उन्हें या तो चंडीगढ़ के कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाना पड़ता है या फिर पंजाब के लुधियाना, होशियारपुर, मुक्तसर में जाना पड़ता है, जोकि पंजाब विश्वविद्यालय,चंडीगढ़ से मान्य हैं।
इसलिए इस विश्वविद्यालय की शिक्षा ग्रहण करने के लिए अधिक खर्च उठाना पड़ता है और उन्हें विभिन्न विषयों में दाखिला लेने के उनके हक से वंचित होना पड़ता है। गुप्ता ने पत्र में जिक्र किया है कि पंजाब रि-आर्गेनाइजेशन एक्ट, 1966 की धारा 72 व उपधारा 3 व 4 के अनुसार चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा की संयुक्त सम्पत्ति है। इसलिए हरियाणा राज्य ने विश्वविद्यालय के सीनेट व सिंडिकेट की गवर्निंग बॉडी को प्रस्तुति भी दी थी कि अक्तूबर, 1997 से तत्कालीन हरियाणा के मुख्यमंत्री बंसीलाल के कार्यकाल के दौरान से इस प्रणाली को अपनाया नहीं जा रहा है, जबकि हरियाणा सरकार पंजाब विश्वविद्यालय के बजट में अपना हिस्सा प्रति वर्ष 10 से 20 करोड़ रुपये या 60:40 के अनुपात में मुहैया करवा रही है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि यदि पंचकूला और अम्बाला जिलों के कॉलेज पंजाब विश्वविद्यालय से मान्य होंगे तो विश्वविद्यालय का राजस्व, दाखिला फीस और परीक्षा फीस इत्यादि की वजह से बढ़ेगा। उन्होंने स्मरण करवाया कि पंजाब रि-आर्गेनाइजेशन एक्ट, 1966 के अनुसार कई मायनों में हरियाणा राज्य का यह पूर्ण अधिकार है परंतु इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। यदि पंजाब विश्वविद्यालय का वास्तविक स्तर पुन: बहाल होता है तो हरियाणा राज्य को अपना हिस्सा मिलेगा।


Comments Off on पंजाब यूनिवर्सिटी में हरियाणा ने मांगा अपना हिस्सा
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.