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दोनों दलों के 72 वादे एक जैसे कमेटी बताएगी कैसे हों लागू

Posted On November - 7 - 2019

चंडीगढ़, 6 नवंबर (ट्रिन्यू)

चंडीगढ़ में बुधवार को विधानसभा सत्र के दौरान अनिल विज और अभय चौटाला। -ट्रिन्यू

हरियाणा की सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने चुनावी वादों को सिरे चढ़ाने के लिए काम शुरू कर दिया है। इस बार, भाजपा ने जजपा के समर्थन से सरकार बनाई है, इसलिए कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत दोनों पार्टियों के चुनावी वादों को पूरा किया जाएगा। सीएम मनोहर लाल खट्टर व डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला ने मिलकर घोषणा-पत्रों पर मंथन करने के लिए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
विज भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वे पार्टी के अकेले ऐसे विधायक हैं, जो छठी बार विधानसभा पहुंचे हैं, इसलिए भाजपा ने उन्हें इस कमेटी की कमान सौंपी है। भाजपा की ओर से इस कमेटी में सदस्यों के तौर पर पूर्व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और पूर्व स्पीकर कंवरपाल गुर्जर को शामिल किया गया है। धनखड़ भाजपा की चुनावी घोषणा-पत्र कमेटी के चेयरमैन भी थे। कंवरपाल गुर्जर लगातार दूसरी बार जगाधरी से विधायक बने हैं।
जजपा की ओर से कमेटी में 2 सदस्य शामिल किये गये हैं। इनमें उकलाना से पार्टी विधायक अनूप धानक और चरखी दादरी के पूर्व विधायक राजदीप सिंह फौगाट शामिल हैं। अनूप धानक उकलाना से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं। 2014 में उन्होंने इनेलो के टिकट पर चुनाव जीता था। धानक को कमेटी का वाइस-चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वहीं, राजदीप फौगाट ने इस बार दादरी से चुनाव नहीं लड़ा था। वे जजपा के कोर ग्रुप के सदस्यों में शामिल हैं।
माना जा रहा है कि इस सप्ताह के आखिर में या फिर अगले सप्ताह इस कमेटी की पहली बैठक हो सकती है। दोनों पार्टियों के घोषणा-पत्र में 72 के करीब वादे एक जैसे हैं। ऐसे में इन्हें लागू करने में गठबंधन सरकार को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। यही नहीं, करीब एक दर्जन वादों को सरकार के गठन से लेकर अब तक पूरा करने का ऐलान भी हो चुका है। इनमें ग्रामीण आबादी से शराब के ठेकों को बाहर करना, आउटसोर्स नीति के तहत कार्यरत महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश व सभी पेंडिंग ट्यूबवेल कनेक्शन इस वर्ष के आखिर तक जारी करना प्रमुख हैं। दूसरी ओर, विधानसभा सत्र के दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर भी संकेत दे चुके हैं कि गठबंधन सरकार दोनों पार्टियों के अधिकांश वादों को पूरा करेगी। कांग्रेस के घोषणा-पत्र पर सवाल उठाते हुये सीएम ने कहा, कांग्रेस ने एक लाख 26 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक बोझ वाले वादे लोगों से किये। प्रदेश की वित्तीय स्थिति के लिहाज से इन्हें पूरा भी नहीं किया जा सकता। भाजपा के घोषणा-पत्र को लागू करने में करीब 32 हजार करोड़ रुपये और जजपा के वादे पूरे करने में लगभग 36 हजार करोड़ रुपये का बोझ प्रदेश पर पड़ेगा। इनमें भी छह दर्जन से अधिक वादे एक जैसे होने की वजह से दोनों पार्टियों के घोषणा-पत्र को लागू करने में उतना खर्चा नहीं आएगा, जितना की अभी तक माना जा रहा था। सूत्रों का कहना है कि सीएम की ओर से वित्त विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि वे दोनों पार्टियों के घोषणा-पत्रों का अध्ययन करके रिपोर्ट दें। वित्त विभाग यह बताएगा कि इन वादों को पूरा करने में कुल कितना खर्चा आएगा। माना यही जा रहा है कि पूरी हो सकने वाली अधिकांश घोषणाओं को लागू करने पर गठबंधन सरकार का जोर रहेगा।

75 % रोजगार देने  पर सरकार ने  तलब की रिपोर्ट
गुरुग्राम (हप्र) : उद्योगों में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने के मामले में सरकार ने रिपोर्ट तलब कर ली है। यह कदम गठबंधन में सहयोगी जजपा के प्रयासों के बाद उठाया गया है। इसके लिए कई प्रमुख विभागों के अफसरों को चिट्ठी जारी कर रिपोर्ट मांगी गई हैै। ये विभाग उद्योगों सहित दूसरे संस्थानों में काम कर रहे लोगों के आंकड़े जुटा रहे हैं। यह ब्योरा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट के माध्यम से एकत्रित किया जा रहा है। निदेशक टीसीपी की ओर से सभी सीनियर टाउन कंट्री प्लानर (एसटीपी) को चिट्ठी लिखकर सीएलयू की शर्तों की पालना के विषय में जानकारी मांगी गई है। चिट्ठी में कहा गया है कि औद्योगिक, व्यवसायिक, व्यापारिक, शिक्षण संस्थाओं व कार्यालयों में कार्य कर रहे कर्मचारियों में से कितने प्रतिशत हरियाणा के निवासी हैं, इसका ब्योरा तैयार करें। इस चिट्ठी पर एसटीपी की ओर से जीएम डीआईसी, शिक्षा व श्रम विभाग को संबंधित जानकारी भेजने के लिए कहा गया है। प्रदेश में सबसे ज्यादा सीएलयू गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत जिले में हुए हैं। सरकार का ध्यान इन तीन जिलों पर ज्यादा है। गुरुग्राम के एसटीपी सुधीर चैहान ने कहा कि 75 प्रतिशत स्थानीय निवासियों को रोजगार देने की शर्त पहले से ही शामिल है। शिक्षा, जीएम डीआईसी व श्रम विभाग सहित कई विभागों को पत्र लिखकर संबंधित जानकारी देने के लिए कहा गया है। यह जानकारी सरकार को भेजी जाएगी।

 


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