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जमानत याचिका को लेकर सुप्रीमकोर्ट पहुंचे चिदंबरम

Posted On November - 19 - 2019

नयी दिल्ली, 18 नवंबर (एजेंसी)
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मनीलांड्रिंग केस में अपनी जमानत याचिका खारिज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए सोमवार को सुप्रीमकोर्ट पहुंचे। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बताया कि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम करीब 90 दिनों से जेल में हैं और उनकी जमानत याचिका पर मंगलवार या बुधवार को सुनवाई हो। पीठ ने सिब्बल से कहा, ‘हम देखेंगे।’
दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में चिदंबरम को जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उनके खिलाफ लगे आरोप पहली नजर में गंभीर प्रकृति के हैं और अपराध में उनकी सक्रिय एवं प्रमुख भूमिका रही है।
ईडी ने किया ‘भूल सुधार’ का अनुरोध
नयी दिल्ली : ईडी ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में चिदंबरम को जमानत देने से इनकार के अपने आदेश में ‘असावधानीवश हुई’ चूक में सुधार करे। प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी अर्जी में अदालत को सूचित किया कि न्यायमूर्ति सुरेश कैत के 15 नवंबर के आदेश में ‘भूलवश/असावधानीवश चूक’ हुई है। अर्जी खारिज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में किसी अन्य मामले से संबंधित जानकारी पायी गई। जस्टिस कैत ने वर्ष 2017 के सुप्रीमकोर्ट के आदेश के कुछ पैराग्राफ इसमें जोड़े हैं जो मनी लांड्रिंग मामले में दिल्ली के वकील रोहित टंडन की जमानत याचिका खारिज करने से संबंधित हैं।
स्वत: संज्ञान लिया कोर्ट ने
उधर, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चिदंबरम को जमानत देने से इनकार करने वाले आदेश में अन्य मामले के तथ्यों का उल्लेख केवल संदर्भ के लिए किया गया है। जस्टिस सुरेश कैत ने कहा कि 15 नवंबर के आदेश में कहीं इसका उल्लेख नहीं था कि एक विशेष पैराग्राफ में की गई टिप्पणियां चिदंबरम के मामले की हैं। अदालत ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेने के बाद यह स्पष्टीकरण दिया है।


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