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चीनी कम स्वस्थ रहेंगे हम

Posted On November - 9 - 2019

मोनिका अग्रवाल

आज हम सबकी जीवनशैली कुछ इस तरह की हो गई है कि न तो हम समय पर खाना खाते हैं और न ही सही खाते हैं और इस कारण हमारा शरीर कई बीमारियों का घर बन जाता है। इन्हीं बीमारियों में से एक है डाइबिटीज़ यानी मधुमेह। पहले यह समस्या सिर्फ 45 साल से ऊपर के कुछ ही लोगों को होती थी, लेकिन आज काफी लोग बहुत पहले ही इस बीमारी की गिरफ्त में आ जाते हैं। और तब ध्यान जाता है चीनी की ओर। वैसे तो शरीर के लिए थोड़ी चीनी भी ज़रूरी है। इसलिए चीनी से पूरी तरह से दूरी भी ठीक नहीं पर उम्र बढ़ने के साथ डाइट में से धीरे-धीरे चीनी की मात्रा को कम कर देना सेहत के लिए बेहतर साबित होता है। चीनी हमें अपनी ओर आकर्षित करती है। आइए जानते हैं कि हमें कब, कैसे और कितनी चीनी खानी चाहिए। पहले जानते हैं कि चीनी क्या है।

फूडलैस फूड
चीनी एक सफेद क्रिस्टलीय खाद्य पदार्थ है। सामान्य शुगर मोनोसैकेराइड जैसे ग्लूकोज, फ्रुक्टोज व गैलेक्टोज है। मानव की स्वाद ग्रंथियां मस्तिष्क को स्वाद ‘मीठा’ बताती हैं। आप नहीं जानते होंगे कि चीनी को फूडलैस फूड भी कहा जाता है। असल में चीनी खाने से शरीर को कोई विशेष फायदा नहीं मिलता। क्योंकि न तो इसमें कोई विटामिन है और न ही कोई मिनरल। एक्सपर्ट के अनुसार चीनी किसी भी अन्य ड्रग के मुकाबले 6 से 7 गुना अधिक नुकसानदायक है।

नुकसान के कारण
चीनी का सेवन आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है जिससे आपके शरीर को ऊर्जा मिलती है। जो लोग शारीरिक तौर पर ज्यादा मेहनत नहीं करते, उनको चीनी की अधिकता के कारण मेटाबॉलिज्म से जुड़े रोग जैसे उच्च कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन रेजिस्टेंस और हाई ब्लड प्रेशर होते हैं‌। यही नहीं चीनी नॉन अल्कोहलिक लिवर सिरोसिस और लीवर कैंसर का कारण बन सकती है क्योंकि लिवर फ्रुक्टोज को चर्बी में बदलता है। जो हिस्सा चर्बी का लिवर में रह जाता है, वह ही धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले लेता है। शोध यह भी कहते हैं कि जो चीनी अधिक खाते हैं, उनमें दूसरे प्रकार के कैंसर विकसित होने की आशंका भी अधिक होती है। अत्यधिक चीनी का सेवन याददाश्त पर तो असर डालता ही है, ‌त्वचा के रोगों का कारण भी बनता है। शरीर के विकास के लिए चीनी जरूरी है, पर एक नियंत्रित मात्रा में।

अति सेवन से बीमारियां
स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कुल कैलोरी का दस प्रतिशत ही मीठे का सेवन उचित है। जो बढ़ती उम्र के हिसाब से धीरे-धीरे कम कर देना चाहिए। हम रोज खाने वाली चीजों में कुदरती तौर पर मिलने वाली शुगर का ध्यान नहीं करते और इस कारण अलग से मिठास के तौर पर कई गुना ज्यादा चीनी का सेवन कर लेते हैं। मुंह के स्वाद और मिठास के नाम पर हम जो चीनी खाते हैं वह कृत्रिम होती है और इसलिए नुकसानदायक भी। साबुत अनाज, फल, सब्जियों, मेवे, दूध आदि में प्राकृतिक रूप से मिठास होती है जो कुदरती शुगर के कारण हैं। शुगर के साथ -साथ इन सभी चीजों में विटामिंस, मिनरल्स, फाइबर भी होते हैं जिस कारण यह शुगर शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं होती। शारीरिक बीमारियां या परेशानी तब होती है जब हम अलग से शुगर अपने खाने में डालतेे हैं। चीनी फैक्टरी में प्रोसेसिंग के बाद बनती है जिसे को बनाने में कई केमिकल्स का प्रयोग होता है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक होते हैं। जैसे फार्मेल्डिहाइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, कास्टिक सोडा और फॉस्फोरिक एसिड, जिनके कारण उच्च रक्तचाप, धमनियों में सिकुड़न, त्वचा रोग, कैंसर, एलर्जी, कोलाइटिस, गैस्ट्राइटिस और टांसिलाइटिस जैसी बीमारियां होती हैं।

उचित मात्रा
एक्सपर्ट के अनुसार यदि आप वजन घटाना चाहते हैं तो महिलाओं को प्रतिदिन दो चाय के चम्मच चीनी (25 ग्राम) और पुरुषों को (35 ग्राम) से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। यदि शीघ्र वजन घटाना है तो दो चाय के चम्मच चीनी भी न लें। आप मीठे के बिना नहीं रह सकते तो गुड़, शहद, खजूर आदि का सेवन करें। गुड़ से बनी चीजों का सेवन शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। यदि आप वजन नहीं घटा रहे हैं उस स्थिति में आप चार चाय के चम्मच चीनी का सेवन कर सकते हैं लेकिन उसके लिए शारीरिक कसरत और वर्कआउट जरूरी है। अत्याधिक चीनी के सेवन से महिलाओं में झुर्रियां भी जल्दी पड़ती हैं।

सलाह
अपनी रोजाना की चार चम्मच चीनी को 4 चरणों में विभाजित कर लें। जैसे कि पहली चम्मच सुबह की चाय या कॉफी में। दूसरी चम्मच चीनी लंच के बाद किसी मीठे के रूप में। तीसरी चम्मच चीनी शाम की चाय या कॉफी के साथ। चौथी चम्मच चीनी डिनर के बाद मिठास के रूप में।
स्वस्थ बच्चे के लिए
यदि एक बच्चा खेलता कूदता है, व सारे दिन में 6-8 छोटे चाय के चम्मच चीनी का सेवन करता है तो कोई परेशानी नहीं है। उसे इतनी एनर्जी की भी जरूरत होती है। इतना ध्यान रखना है कि हमारी रोज की कैलोरी की मात्रा की जरूरत का 8 या 10 प्रतिशत से ज्यादा चीनी का सेवन दांतों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

सावधानी
सबसे पहले डिब्बाबंद पेय, मीठे पेय पदार्थ, पकवान और टेबल शुगर कम करें। ज्यादा शुगर डिप्ड खाद्य पदार्थ जैम, सॉस, ब्रेड, बन व बिस्कुट जैसे बेकरी प्रोडक्ट्स को ना बोलें। खजूर और अंजीर, शहद और गुड़ को चीनी के विकल्प के तौर पर प्रयोग करें।
चॉकलेट, टॉफी, शुगर डिप्ड सुपारी, कैंडी व च्युइंगम के बजाय रोजाना 20 ग्राम शुद्ध गुड़ का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद है। जेली,आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, बिस्कुट, आदि का सेवन बंद कर दें। मुनक्का, किशमिश, सेब, संतरा, केला, अनानास, शकरकंद आदि का सेवन करें। भरपूर पानी पीएं। कम मात्रा में खाएं। धीरे-धीरे खाएं।

ज़रूरी बात
डॉक्टर के अनुसार चीनी पचने में ज्यादा समय लगता है। जबकि गुड़ व इससे बनी हुई चीजें चीनी के मुकाबले 5 गुना जल्दी पच जाती हैं। खाने में दालचीनी या स्टीविया की पत्तियों का प्रयोग लाभदायक है।
फिटनेस एक्सपर्ट सोनिया बख्शी , दीप्ति जी दुआ, डायटिशियन, गुरुग्राम से बातचीत पर आधारित।


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