बिजली के रेट घटाने की तैयारी !    गोली चला ढाई लाख रुपए लूट ले गए बदमाश !    दुबई में भारतीय ने लॉटरी में 40 लाख और कार जीती !    जेएनयू छात्र संघ ने हॉस्टल फीस बढ़ोतरी को हाईकोर्ट में चुनौती दी !    टाइटैनिक मलबे को सहेजेंगे अमेरिका और ब्रिटेन !    सबरीमाला के कपाट बंद !    नेपाल में 8 भारतीय पर्यटकों की मौत !    रूसी हवाई हमले में 23 सीरियाई लोगों की मौत !    एकदा !    नडाल दूसरे दौर में, शारापोवा बाहर !    

किसानों को दोषी ठहराने की बजाय मशीनें दें

Posted On November - 22 - 2019

हरीश लखेड़ा/ ट्रिन्यू
नयी दिल्ली, 21 नवंबर
पराली के दमघोंटू धुएं का सियासी असर बृहस्पतिवार को संसद में भी दिखा। दिल्ली समेत पूरे देश में प्रदूषण पर संसद के दोनों सदनों में हुई चर्चा के दौरान सांसदों ने केंद्र सरकार से ठोस प्रयास करने की मांग की। पराली के धुएं को लेकर किसानों को एकतरफा जिम्मेदार ठहराए जाने पर सासंदों ने एतराज जताया। सासंदों ने पराली को मनरेगा से जोड़ने की मांग करते हुए कहा कि पंजाब और हरियाणा में पराली के धुएं से मुक्ति चाहिए तो सरकार को किसानों को मशीनें उपलब्ध करानी चाहिए।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इस चर्चा का जवाब देते हुए राज्यसभा में कहा कि प्रदूषण से निजात पाने के लिए जनांदोलन चलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर काबू के लिए कोई ‘शाॅर्ट-कट’ तरीका नहीं है और इसके लिए सतत प्रयास करना होगा।
इस मामले में सरकार के उठाए कदमों का विस्तार से जिक्र करने के साथ ही जावडेकर ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मद्देनजर एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है,
जबकि हर शहर के प्रदूषण के मद्देनजर नेशनल एक्शन फॉर क्लीन एयर कार्यक्रम बनाया गया है। उन्होंने उज्ज्वला, सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहन, पेराफीरियल एक्सप्रेसवे समेत कई उदाहरण देकर कहा कि इन कदमों से प्रदूषण घटा है।
पराली को मनरेगा से जोड़े सरकार : सैलजा
राज्यसभा में कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि किसान को दोषी ठहराने के बजाय उन्हें टेक्नोलॉजी देकर सक्षम बनाया जाए। मनरेगा से जोड़कर पराली कटवाई जाये। पंजाब से शिरोमणि अकालीदल के बलविंदर भूंदड़ ने खेती को मनरेगा से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को एकतरफा जिम्मेदार ठहराने के बजाय औद्योगिक प्रदूषण घटाने का प्रयास किया जाना चाहिए। पंजाब से ही आम आदमी पार्टी के भगवंत मान ने कहा कि किसान पराली नहीं जलाना चाहते, लेकिन उनके पास कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है। कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि लोग प्रदूषण से बेहाल हैं और सरकार के मंत्री गाजर खाने या गाने सुनने की सलाह दे रहे हैं। सपा सांसद जया बच्चन ने पर्यावरण इमरजेंसी घोषित करने की मांग की। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राज्यों के साथ बैठक होनी चाहिए।
50 हजार से ज्यादा मशीनें दीं
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर न दावा किया कि सालाना आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता र्ज्यादातर दिन बेहतर रही है। उन्होंने कहा कि 122 शहरों में प्रदूषण कुछ बढ़ा है, इससे निपटने के लिए कार्यक्रम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, यूपी और दिल्ली के लिए 11,500 करोड़ रुपये मंजूर किए गये और 50 हजार से ज्यादा मशीनें दी जा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि 2016 और 2017 की तुलना में 2018 में पराली जलाने में 15 से 41 फीसदी की कमी आई है।


Comments Off on किसानों को दोषी ठहराने की बजाय मशीनें दें
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.