रिश्वत लेने पर सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर को 5 वर्ष की कैद !    तहसीलों को तहसीलदार का इंतज़ार !    9 लोगों को प्रापर्टी सील करने के नोटिस जारी !    5.5 फीसदी रह सकती है वृद्धि दर : इंडिया रेटिंग !    लोकतंत्र सूचकांक में 10 पायदान फिसला भारत !    कश्मीर में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता मंजूर नहीं !    पॉलिथीन के खिलाफ नगर परिषद सड़क पर !    ई-गवर्नेंस के लिए हरियाणा को मुंबई में मिलेगा गोल्ड !    हवाई अड्डे पर बम लगाने के संदिग्ध का आत्मसमर्पण !    द. अफ्रीका में समलैंगिक शादी से इनकार !    

और सुस्त हो गई अर्थव्यवस्था

Posted On November - 30 - 2019

नयी दिल्ली में शुक्रवार को आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। – प्रेट्र

नयी दिल्ली, 29 नवंबर (एजेंसी)
देश की आर्थिक वृद्धि में गिरावट का सिलसिला जारी है। विनिर्माण क्षेत्र में मंदी और कृषि क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रह गयी। यह छह साल का न्यूनतम स्तर है। एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत थी। वहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर का आंकड़ा 2012-13 की जनवरी-मार्च तिमाही के बाद से सबसे कम है। उस समय यह 4.3 प्रतिशत रही थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी जीडीपी आंकड़ों के अनुसार सकल मूल्य वर्द्धन (जीवीए) वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रही। वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में यह 6.9 प्रतिशत थी। दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में जीवीए के आधार पर उत्पादन एक प्रतिशत गिरा है। एक साल पहले इसी तिमाही में इसमें 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी। कृषि क्षेत्र में जीवीए की वृद्धि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में नरम होकर 2.1 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 4.9 प्रतिशत थी।
निर्माण क्षेत्र की जीवीए वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में 3.3 प्रतिशत रही जो एक साल पहले 2018-19 की दूसरी तिमाही में 8.5 प्रतिशत थी। बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य सामाजिक सेवाओं की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में धीमी पड़कर 3.6 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8.7 प्रतिशत थी। व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़ी सेवाओं की वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 6.9 प्रतिशत थी।
मनमोहन बोले-चिंताजनक, कांग्रेस का भाजपा पर निशाना
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने जीडीपी की 4.5% की वृद्धि दर को नाकाफी और चिंताजनक बताया। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से समाज में ‘गहराती आशंकाओं’ को दूर करने और देश को फिर से एक सौहार्दपूर्ण तथा आपसी भरोसे वाला समाज बनाने का आग्रह किया। उधर, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि भाजपा की नजर में जीडीपी का मतलब ‘गोडसे डिवाइसिव पॉलिटिक्स’ होता है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘मंदी और तालाबंदी मोदी सरकार की पहचान बन गए हैं। इसका उपाय ढूंढ़ने के बजाय मोदी सरकार के मंत्री जनता का मजाक बना रहे हैं। रविशंकर प्रसाद कहते हैं कि फिल्में हिट हो रही हैं, पीयूष गोयल आइंस्टीन का उल्लेख करते हुए कहते हैं कि आर्थिक मंदी से जुड़े आंकड़े गलत हैं।’ उन्होंने कहा कि कारोबारी परेशान हैं। आंकड़ों के अनुसार वित्तीय, रीयल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में 5.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 7 प्रतिशत थी। दूसरी तरफ सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं की वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में सुधरकर 11.6 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8.6 प्रतिशत थी।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक समेत कई एजेंसियों ने 2019-20 के लिये देश के आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक के अनुसार 2019-20 में यह 6.1 प्रतिशत रह सकती है जबकि पूर्व में उसने इसके 6.9 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी थी। चीन की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 6 प्रतिशत रही जो 27 साल का न्यूनतम स्तर है। इस बीच, सरकारी आंकड़ों के अनुसार आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर में अक्तूबर महीने में 5.8 प्रतिशत की गिरावट आयी। यह आर्थिक नरमी गहराने का संकेत है। आठ में से छह बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गयी है।


Comments Off on और सुस्त हो गई अर्थव्यवस्था
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.