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एकदा

Posted On November - 18 - 2019

बड़ी सोच
एक बार गौतम बुद्ध जंगल में आम के पेड़ के नीचे ध्यान मगन थे। तभी वहां खेल रहे कुछ बच्चों ने पेड़ से आम तोड़ने के लिए पत्थर फेंका और वह पत्थर सीधे गौतम बुद्ध के सिर पर लग गया। इस वजह से उनके सिर से खून बहने लगा। गौतम बुद्ध को चोटिल देखकर वहां मौजूद सभी बच्चे डर गए। उन्होंने सोचा कि अब गौतम बुद्ध उन्हें डांटेंगे। वे सभी बच्चे गौतम बुद्ध के चरणों में गिरकर माफी मांगने लगे। बच्चे गौतम बुद्ध से कहने लगे कि उनसे गलती हो गई। उन्होंने पत्थर आम की तरफ उछालते हुए देखा नहीं कि गौतम बुद्ध वहां बैठे हुए हैं। यह सुनकर गौतम बुद्ध बोले, ‘बच्चों मेरे पत्थर लगा, इसका मुझे कोई दुख नहीं है। बल्कि मैं इस वजह से दुखी हूं कि जिस तरह पेड़ को पत्थर मारने पर वह फल देता है, ठीक उसी तरह जब यह पत्थर मुझे लगा तो मैं फल नहीं दे सका। ऐसे में जब तुम बच्चों को खुशियां नहीं दे सकता हूं तो भय दिखाकर दुखी क्यों करूं?’
प्रस्तुति : निशा सहगल


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