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ऊंचा आशियाना… आएंगी ढेर सारी खुशियां

Posted On November - 17 - 2019

वास्तु

मदन गुप्ता सपाटू
महंगे होते जा रहे मकानों के कारण महानगरों के बाद अब छोटे शहरों में भी फ्लैट में रहने का चलन बढ़ने लगा है। बहुमंजिला इमारतों के बिल्डर अकसर दावा करते हैं कि उनके फ्लैट वास्तु अनुरूप बने हैं, लेकिन उन दावों में कितनी सच्चाई है, यह कोई जानकार ही बता सकता है। फ्लैट में यदि कोई वास्तु दोष है, तो उसमें रहने वालों पर उसका विपरीत असर पड़ना तय है। वहीं, यह दोष दूर करके आशियाने में खुशहाली ला सकते हैं। इसके लिए किसी वास्तुविद की सलाह लेने से पहले कुछ बिन्दुओं पर स्वयं विचार कर सकते हैं…
0 भूमि संबंधी वास्तु के नियम सभी जगह समान रूप से लागू होते हैं, इसलिए भूमि का चयन सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए। वास्तु शास्त्र में बहुमंजिला इमारतें बनाने के लिए अलग से नियम नहीं बताए गए हैं, इसलिए सभी फ्लैटों पर भी स्वतंत्र मकान की तरह ही दिशाओं के नियम लागू होते हैं।
0 ध्यान रखें कि बहुमंजिला इमारत का निर्माण भूमि की चारों दिशाओं में कुछ फीट खाली स्थान छोड़कर किया गया हो। उत्तर व पूर्व की ओर अधिक तथा दक्षिण और पश्चिम की ओर कम खाली स्थान छोड़ना चाहिए। इमारत का मुख्य प्रवेश द्वार पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए। आयताकार या चौकोर समकोणीय भूखंड उपयुक्त रहता है।
0 पार्किंग की जगह ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में होनी चाहिए।
0 रसोईघर आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) या दक्षिण दिशा में हो।
0 लिफ्ट है, तो उसके पास ही सीढ़ियां होनी चाहिए और वह घड़ी की सूई की दिशा में ऊपर की ओर जानी चाहिए।
0 पानी की टंकी ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में हो और नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम कोने की भूमि उठी हुई होनी चाहिए।
0 इमारत के प्रत्येक फ्लैट में रोशनदान, खिड़की और दरवाजों की संख्या सम (2, 4, 6…) होनी चाहिए।
0 फ्लैट में टॉयलेट, बाथरूम नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) या पश्चिम दिशा में न हों।
0 अपार्टमेंट का रंग काला, आसमानी या लाल नहीं करवाना चाहिए।
सवाल यह उठता है कि यदि आपने ऐसी किसी इमारत में फ्लैट ले लिया है, जिसमें वास्तुदोष हैं तो क्या करें? सबसे पहले खुद देखें या किसी योग्य वास्तुविद‍ से सलाह लें कि दोष क्या है और उसका निवारण कैसे किया जाए, क्योंकि फ्लैटों में तोड़फोड़ करना संभव नहीं होता।
0 घर में वास्तु यंत्र की स्थापना करें। पूर्वी दिशा, जहां से सुबह सूर्य की किरणें घर में आती हों, उस जगह क्रिस्टल बॉल रखें, ताकि उस पर सूर्य की किरणें पड़ें और उसका प्रकाश पूरे फ्लैट में फैले।
0 पूरे घर में नमक के पानी का पोंछा लगाएं। घर के पूजा स्थान को हमेशा साफ-स्वच्छ रखें।
0 फ्लैट का मुख्य द्वार लिफ्ट के दरवाजे के ठीक सामने होना नकारात्मक ऊर्जा का बहुत बड़ा स्रोत हो सकता है। यदि ऐसा है तो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए लकड़ी, धातु या मार्बल पर ॐ लिखकर इसे अपने फ्लैट के मुख्य द्वार के बाहर लटका सकते हैं।
0 विंडचाइम्स भी नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने में सहायक मानी जाती हैं। ज्यादा तेज आवाज न करने वाली विंडचाइम्स अपने फ्लैट के मुख्य दरवाजे के बाहर लटकाएं।
0 यदि फ्लैट के बाहर डस्टबिन रखा हुआ है, तो इसे तुरंत वहां से हटा दें, क्योंकि यह वास्तु दोष से उत्पन्न होने वाले प्रभावों को बढ़ा देता है।
0 अपने फ्लैट के मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ तुलसी के दो पौधे रखें। इससे जो क्षेत्र पहले नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न कर रहा था, वह भी सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बन जाएगा।


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