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सैनिकों की छावनी में कायम है ‘गब्बर’ का रौब!

Posted On October - 16 - 2019

दिनेश भारद्वाज/ट्रिन्यू
अंबाला कैंट, 15 अक्तूबर
हरियाणा के ‘सियासी गब्बर’ का रौब कायम है। सुबह-सवेरे सदर बाजार में थड़े पर बैठकर चाय पीने का स्टाइल बदस्तूर जारी है। न भीषण गर्मी और न ही कड़ाके की ठंड उनके इस नियम को बदल पाई। शहर में काम हुए हैं। सो, आम लोग खुश भी हैं। हां, इस बार वर्करों में असंतोष है। इससे निपटना बड़ी चुनौती है। नुकसान बेशक, न पहुंचा सकें लेकिन आने वाले दिनों में यह रौब महंगा पड़ सकता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं सूबे के स्वास्थ्य और खेल मंत्री अनिल विज की।
अंबाला कैंट से भाजपा टिकट पर लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रहे विज के व्यवहार को लेकर लोगों में थोड़ी बहुत नाराज़गी है लेकिन उनके काम करने के तौर-तरीकों को लोगों ने पसंद किया है। किसी भी मुद्दे पर अड़ जाने की उनकी अदा पर भी वोटर फिदा हैं। उनकी गिनती खट्टर कैबिनेट के हेवीवेट मंत्रियों में होती रही लेकिन वे खुद की ही सरकार से पंगा लेने से भी पीछे नहीं हटे। स्थानीय ही नहीं, देश व इंटरनेशनल मुद्दों पर अकसर ट्वीटर के जरिये टिप्पणी देने वाले विज की राहों को खुद कांग्रेस ने आसान किया है।
ग्राउंड रियलिटी यह है कि कांग्रेस दिग्गजों की आपसी खींचतान के चलती पूर्व मंत्री निर्मल सिंह की अनदेखी इस इलाके में भारी पड़ेगी। निर्मल सिंह कांग्रेस में बड़ा चेहरा रहे हैं। वे उन चुनिंदा नेताओं में शुमार रहे, जिनकी खुद की जमीनी पकड़ है। कांग्रेस से टिकट कटने के बाद बागी हुए निर्मल सिंह ने अपनी बेटी चित्रा सरवारा को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विज के सामने ला खड़ा किया है। पढ़ी-लिखी चित्रा बड़ी संजीदगी से चुनावी रण में डटी हैं, लेकिन वोट बैंक की पॉकेट्स बंटने की वजह से उन्हें अधिक मेहनत करनी पड़ रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा की पसंद और कैंट से प्रत्याशी वेणु अग्रवाल दौड़ में आने की कोशिश ही करती दिख रही हैं। जजपा प्रत्याशी गुरपाल सिंह भी विज के समर्थन में बैठ चुके हैं।
विज अभी तक 5 बार छावनी के सेनापति रह चुके हैं। तीन बार वे भाजपा और 2 बार बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। बात अगर मुद्दों की करें तो यहां विकास मुंह चढ़कर बोल रहा है।
सदर बाजार के हरबख्श ने कहा,’साड़े विज साहब ने तो शहर दी सूरत ही बदल दीती।’ सिविल अस्पताल में हार्ट की बीमारियों का उपचार हो रहा है। राम सिंह का कहना है कि कैंसर अस्पताल बनने से इलाके के लोगों को फायदा होगा। रामनगर कालोनी के युवा सुनील ने कहा, इंटरनेशनल बैडमिंटन स्टेडियम ने शहर को बड़ी पहचान दी है।
हाउसिंग बोर्ड के राकेश इस बात पर खुश हैं कि जर्जर पड़ा वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम अब इंटरनेशनल मानकों पर अपग्रेड हुआ है। फौजी संजय सिंह ने कहा, कैंट में बन रहे शहीद स्मारक ने इस इलाके को उसकी असली पहचान दी है। इसी तरह से आनंद नगर के रोहन भी विज के कार्यों से खुश हैं।
जैनतपुरा गांव के श्याम सिंह विज के व्यवहार से नाखुश हैं। उनका कहना है कि मंत्री बनने के बाद विज में घमंड आ गया। पंजोखरा गांव के लोग बंटे नज़र आए। कुछ विज के समर्थन में दिखे तो कुछ ने उनके कामकाज पर सवाल उठाये। टुंडला गांव के युवाओं में इस बात को लेकर नाराज़गी है कि इलाके के युवाओं को रोजगार नहीं मिला।


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