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सिल्वर स्क्रीन

Posted On October - 26 - 2019

ए. चक्रवर्ती

अनन्या पांडे ने पैंतरा बदला

इसके कोई शक नहीं है कि अनन्या पांडे की पहली फिल्म ‘स्टूडेंट आॅफ द इयर-2’ कोई बड़ी हिट नहीं थी। यह भी एक बड़ी वजह है कि इसके चलते अभिनेता चंकी पांडे की अभिनेत्री बेटी अनन्या पांडे का फिल्म करिअर काफी स्थिर हो गया है। अब जाकर उन्हें ईशान खट्टर के साथ एक फिल्म ‘खाली-पीली’ मिली है। ऐसे में फिल्मी पारी के हिसाब से देखें तो ईशान के पास भी फिल्मों का बहुत अभाव है। जहां तक अनन्या का प्रश्न है, इस संकट से उबरने के लिए उन्होंने एक नया पैंतरा शुरू कर दिया है। अब वह नए दौर के हीरो के साथ दोस्ती करने के लिए बेताब हैं। फिल्म ‘पति पत्नी और वो’ की शूटिंग के दौरान अभिनेता कार्तिक आर्यन उसके दोस्त बन गए हैं, पर फिलहाल कार्तिक के साथ उनकी दोस्ती ज्यादा जम नहीं पा रही है क्योंकि कार्तिक इन दिनों अभिनेत्री सारा अली खान में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी ले रहे हैं। अब यह दीगर बात है कि अभी हाल में इन दोनों के बीच ब्रेकअप की खबरें भी सुनने को मिली हैं। यही वजह है कि अब अनन्या पांडे का मन ईशान खट्टर की तरफ ज्यादा चल रहा है। अभी हाल में अली अब्बास जफर द्वारा प्रस्तुत नई फिल्म ‘खाली-पीली’ की घोषणा हुई है। मकबूल खान द्वारा निर्देशित इस फिल्म में ईशन खट्टर और अनन्या की मुख्य भूमिका है। अनन्या के मुताबिक ईशान की फिल्म ‘बिहाइन्ड द क्लाउड्स’ देखने के बाद वह ईशान के साथ काम करने के लिए बेताब थी। अब अनन्या अपनी भाव-भंगिमा से साफ जतला देती है कि वह ईशान के साथ काम करके बहुत खुश है। ऐसा लगता है अचानक आई इस खुशी को पाकर वह अपने आपको स्थिर नहीं कर पाई है। जहां तक ईशान का सवाल है, जाह्नवी कपूर से दोस्ती टूटने के बाद वह भी शिद्दत से एक नई दोस्त की तलाश कर रहे हैं।

यामी गौतम अब खेतीबाड़ी करेगी

काबिल, उरी जैसी हिट फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री यामी गौतम का स्टारडम फिलहाल कोई आधार नहीं ले पा रहा है। पर यह एक अच्छी बात है कि उनके पास फिल्मों का अभाव कभी नहीं रहता है। किसी न किसी फिल्म को लेकर वह लगातार व्यस्त रहती हैं। आयुष्मान खुराना की नई फिल्म ‘बाला’ में भी वह एक अहम किरदार कर रही हैं। दूसरी ओर अब उन्हें खेतीबाड़ी का भी एक नया शौक चर्राया है। वह हिमाचल प्रदेश के अपने मूल निवास स्थान में इसकी शुरुआत करना चाहती है। जहां वह आर्गेनिक फार्म खोलकर पूरे मन से खेती भी करना चाहती हैं। इसके ज़रिये वह लोगों को ऑर्गेनिक फार्मिंग के बारे में बताना चाहती हैं। उनका कहना है कि उनके राज्य में बहुत ज्यादा कीटनाशक और अजीब पद्धति से खेतीबाड़ी की जाती है। उससे होने वाले नुकसान को समझाने के लिए ही वह अपने घर पर फार्म खोलेंगी। लगता है कि यामी काफी पर्यावरण प्रेमी है। ग्लोबल वार्मिंग, क्लाइमेट चेंज के बारे में सोचकर उनका मन काफी बेचैन है। लेकिन इसके पीछे एक और कहानी देखने को मिल रही है। उरी के बाद वह ‘बाला’ और ‘जिनी वेड्स सनी’ में काम कर रही है। इन फिल्मों में भी उन्हें ज्यादा स्क्रीन स्पेस नहीं मिल रहा है। जल्द रिलीज़ होने वाली फिल्म बाला में आयुष्मान का कब्ज़ा ही ज्यादा है। फिर इसमें भूमि पेडणेकर भी एक अहम रोल कर रही हैं।

70 की उम्र में फिट हैं हेमा

हेमा अपने डांस प्रोडक्शन सिनार्जी को लेकर व्यस्त हैं। असल में अभिनेत्री हेमा मालिनी के तीन चेहरे हैं- पहला, फिल्मी। दूसरा, एक बेहद कुशल और सफल नृत्यांगना का और तीसरा, एक सफल सांसद का। हेमा 70 की हो चुकी हैं। कई भाषाओं की जानकार और बहुमखी प्रतिभा की धनी हेमा मालिनी की व्यस्तता पहले की तुलना में बहुत बढ़ी है। उनके मुताबिक जब वह फिल्मों में काम करती थी, उस समय से आज तक उनकी व्यस्तता बहुत ज्यादा है। कारण, उस समय वह सिर्फ शूटिंग करती थी और घर लौट आती थी। मगर आज उन्हें शूटिंग न होने पर अपना प्रोडक्शन हाउस, डांस शो, परिवार, राजनीति, योगासन, घर का काम…सब कुछ संभालना पड़ता है। लेकिन इन सबके बीच उन्हें सबसे ज्यादा व्यस्त उनका डांस रखता है। कभी उन्होंने उम्र को लेकर बहुत अच्छी बात कही थी। वह कहती हैं, ‘मुझे अच्छी तरह से याद है। मैं अपनी वही बात फिर दोहरा रही हूं। इच्छा होने पर कोई भी व्यक्ति 100 साल तक जीवित रह सकता है। आपको एक टार्गेट लेना होगा कि मैं इतने साल जिंदा रहूंगा। मेंटल हेल्थ ठीक रखना सबसे ज़रूरी है। हर समय अपने आपको मेंटली स्ट्रॉन्ग रहना पड़ेगा।’ उनकी फिटनेस का एक सीक्रेट फॉर्मूला बहुत सरल है। उनके मुताबिक वह सिर्फ नेचुरल उत्पादनों का इस्तेमाल करती हैं। आज तो कितने सारे काॅस्मेटिक सर्जरी निकले हैं। पर उन्हें लगता है कि नेचुरल ब्यूटी इज द बेस्ट ब्यूटी…मानसिक तौर पर अपने आपको दुरुस्त रखिए, आपका स्किन ग्लो करेगा। इसके अलावा उन्होंने कुछ आध्यत्मिक ज्ञान भी प्राप्त किया है। वह हंसकर कहती है, ‘आसपास के सारे लोगों को देख रही हूं,कई लोग जा चुके हैं। यह सब देखकर मैं भी यदि यह समझूं कि मेरा समय खत्म हो चुका है, तब तो नहीं चलेगा। मेरी जि़द है कि मुझे और जि़ंदा रहना ही पड़ेगा। नए काम भी सीखने की कोशिश करती हूं। जैसा कि कुछ दिनों पहले तक मैं खाना बना नहीं पाती थी। लेकिन मेरे कुक ने जिस दिन नौकरी छोड़ी, उस दिन से मजबूरन खाना बनाना शुरू किया। अब उसका पूरा मज़ा ले रही हूं। धरमजी मेरे हाथ का बनाया खाना पसंद करते हैं। मेरे कहने का मतलब यह है कि आप जितना अपने आपको नए काम में व्यस्त रख पाएंगे, उतना ही मेंटली स्ट्रॉन्ग रह पाएंगे।’ उनका प्रोडक्शन हाउस आज भी फिल्में बना रहा है। ऐसे में इस दौर के अपने पसंदीदा हीरो में वह कोई विशेष हीरो का नाम नहीं लेती। वह बताती है—इंडस्ट्री में कई नायक हैं। सभी अच्छा काम कर रहे हैं। मगर नायिका के बीच में मेरी मोस्ट फेवरेट है, दीपिका पाडुकोण।

गुलज़ार हो उठा ‘जलसा’

बिग बी के बंगले में हर रविवार की शाम की गहमागहमी सभी को चौंका देती है,पर उनके जन्मदिन पर इस बंगले की छटा काबिलेगौर होती है। असल में पिछले एक अरसे से इसी घर में रहते हैं बाॅलीवुड के बिग बी यानी अमिताभ बच्चन। इस संदर्भ में जुहू बीच के सामने खड़ा पुलिसकर्मी जानकारी देता है—सच कहूं तो अब हम प्रार्थना करने लगे हैं कि खास जन्मदिन के दिन अमिताभ साहब मुंबई से बाहर रहें क्योंकि इस दिन दोपहर 12 बजे ट्रैफिक संभालना हमारे लिए एक बड़ी मुसीबत हो जाती हैै। वैसे अब तो मुंबई घूमने आये लोगों के लिए जलसा प्रिय टूरिस्ट स्पाॅट बन चुका है। पर उनके जन्मदिन पर यहां एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है। पिछले 35 साल से यह सिलसिला चल रहा है। इसके बाद सुबह या शाम को जब लोग उन्हें सामने से देखते हैं, ऐसा शोर मचता है कि अपको अपने कान बंद करने होंगे। इनमें से कई लोगों के हाथ में अमिताभ का बड़े आकार का पोस्टर, फूलों की माला और चाॅकलेट बाॅक्स होता है। सुरक्षा कर्मी ने बताया कि उनके जन्मदिन की शाम को भीड़ को नियंत्रित करना वाकई में बहुत कठिन हो जाता है। हमारे अलावा इसे संभालने के लिए साहब के निजी बाउंसर भी होते हैं। मुंबई पुलिस के अफ़सर भी होते हैं। फिर भी कई बार भीड़ को संभालना असंभव सा लगता है। सर के लिए आये फूलों का बुके, कार्ड,और चाॅकलेट सब कुछ हमारे पास आकर जमा होते हैं। कुछ देर बाद वह सारे गिफ्ट अपने पास रख लेते हैं।’

रितेश के लिए काॅमेडी जिंदाबाद

फिल्म हाउसफुल-4 में भी उनकी एक्टिंग की चर्चा शुरू हो चुकी है। अपने 16 साल के फिल्म कैरियर में अभिनेता रितेश देशमुख के पास काम का अभाव कभी नहीं रहा। खासतौर से कॅामेडी बेस्ड फिल्मों में उनका बहुत अच्छा उपयोग हुआ है। मस्ती, हाउसफुल और धमाल की फ्रेंचाइची फिल्मों के वह एक स्थाई सदस्य रहे हैं। सच तो यह है कि इन फिल्मों में उनकी अच्छी धाक जमती है। अब यह दीगर बात है कि एक विलेन के खलनुमा चरित्र में भी वह बेहद संजीदा अभिनेता के तौर पर सामने आते हैं। फिर वह सिर्फ काॅमेडी के पीछे ही क्यों भाग रहे हैं। ताजा हुई मुलाकात के दौरान रितेश इस सवाल पर जरा भी अपसेट नहीं होते, ‘देखिए,मैं एक्टर हूं। और मुझे जहां अच्छा काम मिलेगा, मैं उसे ज़रूर करुंगा। अब जैसे कि हाउसफुल-4 में भी मुझे अच्छा रोल मिला है, फिर उसे मैं कैसे मिस कर सकता हूं। यही बात आप मेरी मस्ती और धमाल फ्रेंचाइची फिल्मों के बारे में भी कह सकते हैं। इन फिल्मों के काॅमेडी ट्रैक ने मुझे भी निजी तौर पर काफी संतुष्टि दी है। इन काॅमेडी फिल्मों ने यदि मुझे कोई इमेज दिया है तो मैं उसकी फ्रिक कम करता हूं।’

स्क्रिप्ट के कायल पंकज

अभिनेता पंकज त्रिपाठी इन दिनों पूरे जोश में हैं। पंकज की एक अच्छी बात यह है कि वह फिल्मों में सब्जेक्ट ओर उसकी स्क्रिप्ट को बहुत तवज्जो देते हैं। लेखकों के प्रति अपने लगाव के बारे में वह अक्सर जताते रहते हैं। अब वह लेखकों के लिए एक इंस्टीट्यूट खोलना चाहते हैं। उनका मानना है कि लेखकों को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उतना सम्मान नहीं मिल रहा है, जितना मिलना चाहिए। जबकि ज्यादातर फिल्में लेखन के दम पर खड़ी नज़र आती हैं। फिलहाल पंकज अपने घर में कुछ प्रतिष्ठित लेखकों को बुलाते हैं। जहां सब बैठकर अपने विचारों को व्यक्त करते रहते हैं। ये एक-दूसरे को उनके लेखन में मदद करते रहते हैं। दिन के अंत में सभी मिलकर एक-दूसरे को अपनी-अपनी लिखी कहानी पढ़कर सुनाते हैं। पंकज के मुताबिक बिमल राय, महबूब खान, के. आसिफ, हृषिकेश मुखर्जी, शक्ति सामंत जैसे हमारे कई दिग्गज फिल्मकारों ने स्क्रिप्ट की महत्ता को शिद्दत से समझा था। वह बताते हैं, ‘वे अपनी फिल्मों के लिए साहित्य पर भी आश्रित होते थे। वे सब सफल भी खूब हुए। क्योंकि वे अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट पर ज़रूरत से ज्यादा ध्यान देते थे। इस मामले में इन्होंने बराबर इसी क्षेत्र के गुणी व्यक्ति पर भरोसा किया। मुझे यह देखकर बहुत आश्चर्य होता है कि बिमल राय की एक उम्दा फिल्म मधुमति की स्क्रिप्ट ऋत्विक घटक ने लिखी थी।’

राजकुमार राव का दर्द

कंट्रोवर्सी

फिल्म रिलीज़ से पहले सितारों को नये-पुराने सारे वाकये और दर्द याद आ जाते हैं। इसे वे फैंस के साथ, मीडिया के सामने शेयर भी करते हैं। वे जानते हैं कि इससे जहां फैंस की सुहानुभूति मिलेगी वहीं फिल्म का भी अच्छा खासा प्रमोशन हो जाएगा। अब जैसे राजकुमार राव को भी इन दिनों अपने संघर्ष के दिन याद आने लगे हैं। वह भी फिल्म की रिलीज से ठीक पहले। प्रमोशन में जुटे राव कहते हैं कि उन्होंने मुंबई में बहुत संघर्ष किया है। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया था जब उनके पास स्कूल की फीस देने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में स्कूल के शिक्षकों ने मिलकर उनकी मदद की और दो सालों तक राजकुमार की स्कूल की फीस देते रहे। उन्होंने आगे बताया कि जब वह मुंबई आए थे तो वह बहुत ही छोटे से घर में रहते थे, जिसके लिए उन्हें 7000 रुपये रेंट के रूप में देने पड़ते थे। उन्हें लगता था कि यह रकम बहुत ज्यादा है। उन्हें ऐसा लगता था कि जीवित रहने के लिए हर महीने उन्हें लगभग 15000-20000 रुपये की ज़रूरत है और एक वक्त ऐसा भी आया जब उनके पास नोटिफिकेशन आया कि उनके अकाउंट में सिर्फ 18 रुपये ही बचे हैं। हालांकि राव ने यह नहीं बताया कि इतनी हिट फिल्में देने के बाद अब उकी आर्थिक स्थिति सुधरे कितने साल बीत चुके हैं। खैर अच्छा है कि सितारे फलक पर पहुंच कर भी ज़मीन से जुड़े रहें। खैर 25 अक्तूबर को राव की फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। उम्मीद है यह कॉमेडी मूवी देखकर फैंस अपने चहेते हीरो का यह दुखड़ा भूल जाएंगे।

 


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