प्लांट से बाहर हुए हड़ताली अस्थाई कर्मचारी !    दूसरे की जगह परीक्षा दिलाने वाले 2 और काबू !    पाकिस्तान में 2 भारतीय गिरफ्तार !    लता मंगेशकर के स्वास्थ्य में अच्छा सुधार !    खादी ग्रामोद्योग घोटाले को लेकर सीबीआई केस दर्ज !    कंधे की चोट, पाक के खिलाफ डेविस कप मैच से हटे बोपन्ना !    एकदा !    जनजातीय क्षेत्रों में खून जमा देने वाली ठंड !    रामपुर बुशहर नगर परिषद उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत !    राम रहीम से हो सकती है हनीप्रीत की मुलाकात ! !    

सच्ची सीख

Posted On October - 27 - 2019

पूजा जायसवाल

एक बार की बात है मैं लाॅन बैठी थी। हमारे माली काका कुछ क्यारियां बना रहे थे। मैंने देखा कि उन्होंने कुछ क्यारियों में बीज डाले हैं और कुछ में नहीं। यह देखकर मैंने पूछा, ‘माली काका तुम सारी क्यारियों में बीज क्यों नहीं डाल रहे हो और फिर इतनी बड़ी क्यारी में इतनी दूर-दूर बीज क्यों डाल रहे हो? एक साथ खूब सारे क्यों नहीं डाल देते ?’
मेरे सवाल पर माली काका बहुत हंसे और बोले, ‘बिटिया! बीज डालने से पहले यह देखना पड़ता है, क्यारी पूरी तरह से तैयार है या नहीं? कच्ची क्यारी में बीज डालने से क्यारी सूखने लगती है ….और उसमें जो दो-चार फूल उगते हैं… वह भी जल्दी मुरझा जाते हैं….।’
यह कहकर माली काका चुप हो गए। फिर कुछ सोच कर बोले, ’अच्छा एक बात बताओ! तुम रोज स्कूल जाती हो?’
मैंने कहा, ‘हां’।
इस पर उन्होंने आगे कहा, ‘तुम अपनी कॉपी के एक ही बनने पर सब कुछ क्यों नहीं लिख लेती हो? बिटिया …अलग-अलग पन्नों पर क्यों लिखती हो?’
मैंने कहा, ‘कैसी बात कर रहे हो माली काका ? इतना भी नहीं समझते, एक ही पन्ने पर ज्यादा लिखूंगी तो सब कुछ गिचपिच नहीं हो जाएगा ?…और फिर यह भी तो नहीं समझ में आएगा कि कहां क्या लिखा है?’
माली काका बोले , ‘बस यही बात तो है इन क्यारियों की बिटिया! अगर अच्छे अच्छे फूल लेने हैं तो एक क्यारी में उतने ही बीज डालने चाहिए ताकि पूरी धूप …पूरी हवा और पूरी खुराक मिल सके। ’
मुझे माली काका की बात समझ में नहीं आई थी। ‘इसमें ऐसा क्या है?’ मैंने पूछा
‘बच्ची’, ध्यान से सोचो। मेरा मतलब है, ‘यदि आपने एक सपना देखा है… तो उसे धीरे-धीरे पूरा करने के लिए लक्ष्य बनाओ! धीरे-धीरे लक्ष्य को हासिल करो !यही सपना धीरे-धीरे वक्त के साथ एक पौधा बन जाएगा और जब आप उसे अपनी मेहनत और लगन से सींचेंगे तो वह एक मजबूत पेड़ भी बन जाएगा। जिसकी छाया में आपका भविष्य सदा के लिए सुरक्षित होगा।’
मुझे माली काका ने वह सीख दी थी, जो आज भी जीवन में काम आ रही है।


Comments Off on सच्ची सीख
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.