पराली से धुआं नहीं अब बिजली बनेगी !    विवाद : पत्नी को पीट कर मार डाला !    हरियाणा : कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग !    बाबर की ऐतिहासिक भूल सुधारने की जरूरत : हिन्दू पक्ष !    आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश में पाकिस्तान !    आस्ट्रेलियाई महिला टी20 टीम को पुरुष टीम के बराबर मिलेगी इनामी राशि !    पनामा लीक : दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट !    हादसे में परिवार के 3 सदस्यों समेत 5 की मौत !    पुलिस स्टेट नहीं बन रहा हांगकांग : कैरी लैम !    प्रदर्शन के बाद खाताधारक की हार्ट अटैक से मौत !    

शनि के 20 नये चंद्रमा मिले, बृहस्पति को पछाड़ा

Posted On October - 10 - 2019

न्यूयॉर्क, 9 अक्तूबर (एजेंसी)
शनि ग्रह की कक्षा में अनुसंधानकर्ताओं ने 20 नये चंद्रमा खोजे हैं। इसके बाद सौर मंडल के इस ग्रह ने 79 चंद्रमा वाले बृहस्पति को पछाड़ते हुए कुल 82 चंद्रमा अपने खाते में कर लिए हैं। कहा जा रहा है कि 20 नये चंद्रमाओं की खोज के बाद छल्ले वाले शनि ग्रह के बारे में और जानकारियां मिल सकेंगी।
अमेरिका स्थित ‘कार्नेजी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस’ के अनुसंधानकर्ताओं का दावा है कि नये खोजे गये चंद्रमाओं का व्यास करीब 5 किमी है। दिलचस्प बात यह भी है कि इनमें से 17 चंद्रमा, अपनी धुरी पर शनि के घूमने की दिशा से विपरीत दिशा में, उसकी कक्षा में चक्कर लगा रहे हैं। इस खोज का खुलासा ‘इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन’ के ‘माइनर प्लेनेट सेंटर’ में किया गया। इसमें बताया गया है कि 3 चंद्रमाओं के घूमने की दिशा वही है, जिस दिशा में शनि अपनी धुरी पर घूम रहा है। इनमें से 2 चंद्रमा शनि के करीब हैं और इसकी कक्षा में अपना एक चक्कर पूरा करने में लगभग 2 साल का समय लेते हैं। वहीं, विपरीत दिशा में घूमने वाले चंद्रमाओं में से सर्वाधिक दूर स्थित चंद्रमा शनि का चक्कर लगने में 3 साल से अधिक समय लेता है।
खोज दल के नेतृत्वकर्ता स्कॉट एस शेफर्ड ने बताया, ‘इन चंद्रमाओं की कक्षा के अध्ययन से उनके बनने के समय शनि के आसपास की स्थितियों के बारे में जानकारी मिल सकती है।’ अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि नये खोजे गये और शनि के घूमने की दिशा में घूम रहे 2 चंद्रमा शायद पहले एक ही विशाल चंद्रमा रहे होंगे, जो बाद में 2 हिस्सों में टूट गया।

 


Comments Off on शनि के 20 नये चंद्रमा मिले, बृहस्पति को पछाड़ा
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.