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विपक्ष ने विरोध किया तो बिजली निगम में एसडीओ की भर्ती रद्द

Posted On October - 9 - 2019

चंडीगढ़, 8 अक्तूबर (ट्रिन्यू)
हरियाणा की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने बिजली निगमों में एसडीओ की भर्ती पर बड़ा चुनावी यूटर्न लिया है। निगमों में एसडीओ की नियुक्ति होनी थी। इसके लिए 80 उम्मीदवारों को शॉर्ट-लिस्ट किया गया था, शार्ट-लिस्ट किए युवाओं में से महज 2 हरियाणवी मूल के थे बाकी अन्य राज्यों से संबंधित थे। जननायक जनता पार्टी (जजपा) नेता दुष्यंत सिंह चौटाला ने इस घटनाक्रम का खुलासा करते हुए सरकार को घेरा था।
हालांकि शुरुआत में सरकार इस मामले में चुप्पी साधे रही लेकिन अब चुनाव में जब यह मुद्दा बनता नजर आया तो निगम ने इस भर्ती को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड ने बिजली वितरण कंपनियों की डिमांड पूरी करने के लिए यह भर्ती निकाली थी। भर्ती प्रक्रिया के बीच शॉर्ट-लिस्ट किए गए 80 में से 78 उम्मीदवार गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से थे। जजपा नेता एवं पूर्व सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस करके भर्ती के संबंध में खुलासा किया था।  उन्होंने यह सवाल उठाया कि 80 उम्मीदवारों में से हरियाणा के केवल दो ही युवा हैं। ऐसे में प्रदेश के युवाओं को तो रोजगार के अवसर ही नहीं मिलेंगे। सरकार की ओर से दलील दी गई कि भर्तियों में अन्य राज्यों के युवाओं के आवदेन करने पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती। हालांकि बाद में खुद सीएम ने यह ऐलान किया कि आगे से भर्तियों में हरियाणा मूल के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पिछले पांच वर्षों में करीब 70 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी हैं। इसे भाजपा ने बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया हुआ है। मेरिट पर भर्तियों का दम सरकार भर रही है लेकिन निगमों में एसडीओ पद के लिए शॉर्ट-लिस्ट उम्मीदवारों में अधिकांश बाहरी होने की वजह से चुनाव में बड़ा मुद्दा बन रहा था। बाद में जजपा ही नहीं अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे बना लिया। माना जा रहा है कि अब चुनाव के बीच में निगम ने विवाद से बचने के लिए ही इस भर्ती को रद्द किया है।
सूत्रों का कहना है कि कई हलकों से भाजपा उम्मीदवारों ने भी सरकार को फीडबैक दिया था कि निगमों की भर्ती की वजह से स्थानीय युवाओं में नाराजगी है। माना जा रहा है कि इसी के चलते सरकार बैकफुट पर आई। अब विधानसभा चुनाव के बाद नयी सरकार ही इस भर्ती को लेकर फैसला करेगी।

प्रदेश के युवाओं की बड़ी जीत : दुष्यंत
जजपा नेता दुष्यंत चौटाला ने कहा कि विजयदशमी के मौके पर यह प्रदेश के युवाओं की बड़ी जीत है। दुष्यंत ने कहा, राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं के साथ बड़ा धोखा करते हुए बिजली निगम में एसडीओ की भर्ती के जरिए सामान्य वर्ग में 80 में से सिर्फ 2 ही हरियाणा निवासियों को शॉर्टलिस्ट किया था। उन्होंने कहा कि सरकारी ही नहीं, प्राइवेट सेक्टर में भी 75 प्रतिशत पद हरियाणा मूल के युवाओं के लिए रिजर्व होने चाहिए। भाजपाशासित कई राज्यों में इस तरह के नियम बने हुए हैं लेकिन राज्य सरकार हरियाणा की बजाय गुजरात, बिहार व यूपी आदि राज्य के युवाओं को प्राथमिकता दे रही है।

सीएम का बयान
फिर से आवेदन मांगे जाने पर होगा विचार
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने दो-टूक कहा कि बिजली निगम में कोई भी परीक्षा रद्द नहीं की गई है। उन्होंने कहा, प्रदेश के हितों को देखते हुए दोबारा से आवेदन आमंत्रित करने पर विचार किया गया है क्योंकि भाजपा किसी भी हाल में प्रदेश के युवाओं के हितों की अनदेखी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, बिजली निगम एसडीओ के पद के लिए गेट परीक्षा पास अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा गया था। यह परीक्षा चेन्नई के एक विश्वविद्यालय द्वारा कराई जाती है। इसमें हजारों छात्र पास होते हैं और ये छात्र बहुत ही उच्च शिक्षित होते हैं। ऐसे छात्र अगर सरकारी नौकरी में आना चाहते हैं, तो हरियाणा सरकार ने उनको ऑफर दिया था। इस परीक्षा में काफी संख्या में हरियाणा के छात्र भी उत्तीर्ण होते हैं। जब बिजली निगम में एसडीओ के पद के लिए आए हुए फार्म का मूल्यांकन किया गया, तो देखा गया कि जो सीटें रिजर्व नहीं हैं। उनमें काफी संख्या में दूसरे प्रांतों के अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। अब संविधान के नियमों के अनुसार दूसरे प्रांतों के छात्रों को आवेदन करने से तो रोका नहीं जा सकता है। ऐसे में बीच का रास्ता निकालते हुए उस फार्म मूल्यांकन को अभी रोक दिया गया है। हम रास्ता निकाल रहे हैं, ताकि प्रदेश के युवाओं को ज्यादा अवसर मिलें।


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