एकदा !    रॉबर्ट पायस को 30 दिन का पैरोल !    कच्छ एक्सप्रेस में यात्री से 50 लाख के हीरे, नकदी लूटे !    श्रीनगर, 21 नवंबर (एजेंसी) !    आस्ट्रेलिया ने पाक पर कसा शिकंजा !    जिलों में होने वाले राहगीरी कार्यक्रम अब थीम के साथ ही कराए जाएंगे !    इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हरियाणा भी भागीदार !    हरियाणा में मंत्रियों को मिलेगी ट्रांसफर पावर !    सीएम, डिप्टी सीएम समेत मंत्रियों के छोटे पदनाम तय !    पंचकूला डेरा हिंसा मामले में आरोप तय !    

‘युवा सेना के चक्रव्यूह में फंसा चौधरी परिवार’

Posted On October - 18 - 2019

जजपा उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला, भाजपा उम्मीदवार प्रेमलता , कांग्रेस उम्मीदवार बलराम कटवाल

दलेर सिंह/हप्र
उचाना/जींद, 17 अक्तूबर
बांगर इलाके की सबसे हॉट सीट उचाना कलांं के चुनावी दंगल पर प्रदेशभर के लोगों की नजरें हैं। यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद चौधरी बीरेंद्र सिंह की पैतृक सीट है। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी प्रेमलता इनेलो के दुष्यंत चौटाला को हराकर पहली बार विधायक बनीं और जींद जिला पर में पहली ही बार भाजपा का कमल खिलाया। उनके बेटे बृजेंद्र सिंह भी हिसार लोकसभा से दुष्यंत चौटाला को हराकर भाजपा के सांसद बने। अब फिर निवर्तमान विधायक प्रेमलता भाजपा की उम्मीदवार हैं और उनका मुख्य मुकाबला जजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एवं पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला के साथ है। लेकिन इस बार चौधरी परिवार दुष्यंत की युवा सेना के चक्रव्यूह में बुरी तरह से फंसा नजर आ रहा है। क्योंकि उचाना विधानसभा क्षेत्र की नगूरां और अलेवा बेल्ट में चौधरी परिवार की पकड़ कमजोर नजर आ रही है। इसका एक कारण यह भी है कि यहां लोग राष्ट्रीय मुद्दों को दरकिनार कर स्थानीय समस्याओं का ज्यादा जिक्र कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां दुष्यंत का जोर है। सभी वर्गों के युवा दुष्यंत के साथ हैं। लोगों का कहना है कि चौधरी बीरेंद्र सिंह 40 वर्ष तक मुख्यमंत्री बनने के नाम पर वोट मांगते रहे। इस चुनाव में वे मुख्यमंत्री बनने के नाम पर वोट नहीं मांग रहे। लेकिन लोग मुख्यमंत्री बनाने के लिए दुष्यंत चौटाला को वोट देने जा रहे हैं।

कांग्रेस का पहले से बेहतर रहेगा प्रदर्शन

लोगों का कहना है कि इस बार कांग्रेस ने जो उम्मीदवार मैदान में उतारा है, वह परपंरागत वोट को अपने साथ जोड़ रहा। पिछले चुनाव की अपेक्षा इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। लेकिन इसका ज्यादातर नुकसान भाजपा उम्मीदवार को ही भुगतना पड़ सकता है। गांव कटवाल से बलराम कटवाल कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। उनका आसपास के गांव में अच्छा रसूक है। यहां से वोट कांग्रेस को भी जा रहे हैं। यहां पर पिछड़ा वर्ग से संबध रखने वाले रामकुमार कहते हैं कि आजाद उम्मीदवार रघुबीर पंंडित को भी वोट जा रहे हैं।

उचाना उपमंडल में शामिल होने से ग्रामीण परेशान

अलेवा में लोगों का कहना है कि नगूरां क्षेत्र के 21 गांव पहले जींद उपमंडल के तहत आते थे। जिससे उपमंडल स्तर के कामों के लिए वे आसानी से जींद पहुंच जाते थे, क्योंकि जींद के लिए परिवहन व्यवस्था ठीक है। अब उचाना को उपमंडल का दर्जा देकर इन गांवों को उचाना उपमंडल में शामिल कर लिया गया। जिससे इन गांवों के लोगों को अब एसडीएम अथवा डीएसपी के पास उचाना जाना पड़ रहा है। उचाना जाने के लिए परिवहन की कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उचाना क्षेत्र में एक मुख्य मुद्दा जींद नरवाना रोड पर खटकड़ गांव में टोल प्लाजा लगवाना भी है, जो चुनाव के बाद शुरू हो जाएगा। यदि चौधरी बीरेंद्र सिंह प्रयास करते यहां पर टोल स्थापित नहीं हो पाता। अलेवा में लोगों का कहना है कि कि भाजपा सरकार में जो काम हुए हैं, वो रूटीन के हैं। केंद्रीय मंत्री रहते यदि चौधरी बीरेंद्र सिंह चाहते तो इस इलाके में कोई बड़ा उद्योग लग सकते थे, जिसमें युवाओं को रोजगार मिलता। प्रेमलता का तो एक आजाद उम्मीदवार ने सारा खेल बिगाड़ दिया है। लोगों का कहना है कि अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग का ज्यादातर वोट अभी साइलेंट है, जो चुनावी समीकरणों का बहुत असर डालेगा।


Comments Off on ‘युवा सेना के चक्रव्यूह में फंसा चौधरी परिवार’
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.