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भारत के ‘हिंदू राष्ट्र’ होने को लेकर संघ अडिग : भागवत

Posted On October - 9 - 2019

नागपुर, 8 अक्तूबर (एजेंसी)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि संघ अपने इस नजरिये पर अडिग है कि ‘भारत एक हिंदू राष्ट्र है।’ नागपुर के रेशमीबाग में संघ के विजयादशमी उत्सव के दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्र के वैभव और शांति के लिये काम कर रहे सभी भारतीय ‘हिंदू’ हैं। सरसंघचालक ने कहा, ‘संघ की अपने राष्ट्र की पहचान के बारे में, हम सबकी सामूहिक पहचान के बारे में, हमारे देश के स्वभाव की पहचान के बारे में स्पष्ट दृष्टि व घोषणा है, वह सुविचारित व अडिग है, कि भारत हिंदुस्तान, हिंदू राष्ट्र है।’ संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू अगर चाहते हैं कि उनकी आवाज दुनिया द्वारा सुनी जाए तो उन्हें एकजुट होने और शक्ति हासिल करने की जरूरत है। इस मौके पर भागवत ने कहा कि ‘तथाकथित’ अर्थिक मंदी के बारे में ‘बहुत अधिक चर्चा’ की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे कारोबारजगत तथा लोग चिंतित होते हैं और आर्थिक गतिविधियों में कमी आती है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘स्वदेशी’ पर आरएसएस के जोर का मतलब आत्मनिर्भरता है, न कि आर्थिक अलगाव।
हिंदू राष्ट्र मुद्दे पर भागवत ने कहा, ‘हम मानते हैं कि एक हिंदू व्यक्ति बहुलतावाद को स्वीकार करता है, धर्मों का सम्मान करता है और देश की बेहतरी के लिये काम करता है। यह चीजें सुनने में अच्छी लगती हैं लेकिन दुनिया ताकतवरों की बात ही सुनती है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं 2009 में भी संघ प्रमुख था, लेकिन तब मुझे सुनने के लिये यहां इतने लोग नहीं थे। आज, यहां ज्यादा लोग हैं और इसकी वजह है विभिन्न क्षेत्रों में संघ की वृद्धि।’ इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ हिंदू समाज का संगठन करता है इसका अर्थ यह नहीं है कि वह अन्य वर्गों, विशेषकर मुस्लिम व ईसाइयों से शत्रुता रखता है। इससे पहले संघ प्रमुख ने ‘शस्त्र पूजा’ भी की।
इस मौके पर एचसीएल के संस्थापक शिव नाडर मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस भी मौजूद थे। आर्थिक मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी सरकार पर भरोसा करने की जरूरत है। हमने कई कदम उठाए हैं, आने वाले दिनों में कुछ सकारात्मक असर होंगे।’
‘लिंचिंग’ से न करें भारत को बदनाम
इस मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ‘भीड़ हत्या’ (लिंचिंग) पश्चिमी तरीका है और देश को बदनाम करने के लिए भारत के संदर्भ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘लिंचिग शब्द की उत्पत्ति भारतीय लोकाचार से नहीं हुई, ऐसे शब्द को भारतीयों पर ना थोपे।’ संरसंघचालक ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह की सराहना भी की।


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