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बिगड़ने लगी दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा

Posted On October - 12 - 2019

हरीश लखेड़ा/ट्रिन्यू
नयी दिल्ली, 11 अक्तूबर
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए अगले कुछ महीने कष्टप्रद होने वाले हैं। केंद्र और राज्य सरकारों की तमाम कोशिशों के बावजूद पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने का सिलसिला जारी है। यहां का धुआं अब दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा बिगाड़ने लगा है।
पराली के धुएं से दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहरीले प्रदूषक तत्व बढ़ रहे हैं। इससे यहां हल्की-हल्की धुंध छाने लगी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शुक्रवार के एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार दिल्ली, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई है। दिल्ली का एयर इंडेक्स 211 तक पहुंच गया था। शुक्रवार को गाजियाबाद का इंडेक्स 225, ग्रेटर नोएडा 230 रहा। नोएडा में इंडेक्स 171 तक पहुंच गया है। हरियाणा के प्रमुख शहरों करनाल, यमुनानगर व पानीपत में भी हवा का यह इंडेक्स खराब स्थिति में चला गया है। करनाल में 233, यमुनानगर में 284 और पानीपत में 229 रहा। गुरुग्राम, हिसार, बहादुरगढ़, हिसार आदि राज्यों में इंडेक्स 100 से ऊपर चला गया है। जबकि इस इंडेक्स के 100 से कम रहने पर ही वहां की हवा को संतोषजनक माना जाता है। इंडेक्स के 200 से ऊपर जाने पर हवा को सांस लेने लायक नहीं माना जाता है, ऐसी हालत में सांस लेने में मुश्किल होती है। दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा अब ऐसी ही खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है। दीवाली तक हालात और खराब होने की आशंका है।
खास बात यह है कि दिल्ली की आबोहवा को सुधारने के लिए एक ओर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार श्रेय लेने की होड़ में लगी हैं, जबकि पंजाब और हरियाणा में किसान पराली जला रहे हैं। केंद्र सरकार नेे हाल में दावा किया था कि पराली के निपटान के लिए 1150 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके तहत पराली को नष्ट करने के लिए पंजाब और हरियाणा में 18 हजार मशीनें लगाई गई हैं। इसके अलावा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 46 टीमें दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर नजर रखने के लिए तैनात की गई हैं। इसके बावजूद दिल्ली की आबोहवा अब लगातार बिगड़ रही है।


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