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बच्चों को भी बनाएं जागरूक

Posted On October - 20 - 2019

शिखर चंद जैन

किशोरावस्था पार करके बच्चे जब युवावस्था की ओर बढ़ने लगें तो उन्हें उनकी नयी जिम्मेदारियों, अधिकारों व कुछ खास सावधानियों के बारे में बताना ज़रुरी है-
बनें जागरूक नागरिक
बच्चों को शुरू से समझाएं कि सड़क पर फैली गंदगी के लिए सरकार को कोसने से काम नहीं चलेगा, सबसे पहले वे खुद कूड़ा इधर उधर फेंकने से तौबा करें और साफ सफाई के लिए अपने मित्रों, परिजनों, मोहल्लावासियों, सहकर्मियों एवं सहपाठियों को भी प्रेरित करें। उन्हें चाहिए कि किसी सरकारी कार्यक्रम में श्रमदान दें और स्वयंसेवक के रूप में अपनी सेवाएं दें।
राजनीति की बारीकियां समझें
किशोरावस्था पार करने और एक मतदाता बनने से पहले बच्चों को चाहिये कि तटस्थ बने रहने के बावजूद देश की राजनीति की पूरी जानकारी रखें। किस राजनीतिक दल की क्या नीतियां हैं यह जानना उनके लिए बेहद ज़रूरी है, तभी तो वे एक जिम्मेदार नागरिक की तरह सही सरकार चुनने में अपनी अहम भूमिका का निर्वाह कर सकेंगे।
सामान्य कानूनों की जानकारी रखें
बच्चों के लिए देश के कानून की मोटे तौर पर जानकारी रखना बेहद जऱूरी है। इसके लिए एडवोकेट होने की ज़रूरत नहीं, बस टीवी और अखबार के माध्यम से एवं अपने सामान्य ज्ञान को विकसित करके वे आसानी से इन बातों को जान सकते हैं। उन्हें बताना जऱुरी है कि ट्रैफिक नियम तोड़ना, किसी दुकान से सामान उठा लेना, किसी की पिटाई कर देना, किसी का सामान तोड़ना, आदि अब बचपन की भूल समझ कर कोई माफ नहीं करेगा बल्कि कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन के मददगार बनें
इन दिनों हर ओर चोरी, डकैती, बलात्कार और आतंकवाद जैसे अपराधों का बोलबाला है। जिसे देखो, वह सरकार और प्रशासन को तो खूब कोसता है, लेकिन खुद कुछ नहीं करता। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उनका भी कर्त्तव्य है कि संदेहास्पद गतिविधि, छेड़छाड़ या डकैती जैसी घटनाओं की सूचना पुलिस या प्रशासन तक पहुंचाएं। हां! चाहें तो वे अपनी पहचान गुप्त रखकर भी ऐसा कर सकते हैं।
पैसों की कीमत समझें
माना कि 18 वर्ष का होते ही उन्हें अपने बैंक अकाउंट औपरेट करने, जमीन-जायदाद खरीदने बेचने आदि का अधिकार मिल जाता है। लेकिन अधिकार मिलना ही काफी नहीं, उनको इसका सदुपयोग करना आना चाहिए। इसके लिए आपको उन्हें पैसे का महत्व समझाना होगा। दूरदृष्टा बनना होगा और अपने लाभ नुकसान का आकलन करने की कला सीकने होगी। इसलिए वे परिवार के बड़े लोगों के अनुभव का फायदा उठाएं और उनके सान्निध्य में इन मामलों की बारीकी सीखें।


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