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चुनाव में इस बार भी खूब दिलचस्पी ले रहा दिल्ली देहात

Posted On October - 10 - 2019

हरीश लखेड़ा/ट्रिन्यू
नयी दिल्ली, 9 अक्तूबर
हरियाणा विधानसभा के चुनाव में दिल्ली देहात भी हर बार की तरह इस बार भी खूब दिलचस्पी ले रहा है। खासतौर पर पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के गांवों के लोग बड़ी संख्या में हरियाणा में अपने रिश्तेदारों व परिचितों अथवा अपने दलों के नेताओं के लिए चुनाव प्रचार में लगे हैं। दिल्ली को 2 मुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर व डिप्टी स्पीकर समेत कई विधायक भी हरियाणा दे चुका है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी हरियाणा मूल के हैं, जबकि भाजपा नेता और केंद्र में मंत्री रहीं सुषमा स्वराज दिल्ली की मुख्यमंत्री रहने से पहले हरियाणा सरकार में भी मंत्री रह चुकी थीं। दिल्ली विधानसभा के पूर्व स्पीकर व प्रदेश सरकार में मंत्री रहे डा. योगानंद शास्त्री भी हरियाणा के झज्जर जिले के मूल निवासी हैं। इसी तरह हाल तक हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता रहीं किरण चौधरी पहले दिल्ली की राजनीति करती थीं। वे दिल्ली विधासभा की डिप्टी स्पीकर रह चुकी हैं। दिल्ली विधानसभा में कई विधायक भी हरियाणा मूल के हैं।
नजफगढ़ निवासी जजपा नेता दिनेश डागर कहते हैं कि पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग इस बार भी हरियाणा में चुनाव प्रचार में लगे हैं। इन क्षेत्रों के लोग पहले की तरह हरियाणा के चुनाव में दिलचस्पी लेते हैं। जजपा की पूरी दिल्ली इकाई इन दिनों हरियाणा में चुनाव प्रचार में लगी है। इनेलो का भी यही हाल है। जबकि कांग्रेस और भाजपा के कई नेता-कार्यकर्ता भी हरियाणा में पार्टी और खुद के स्तर पर चुनाव प्रचार में जुटे हैं।

360 गांव हैं दिल्ली देहात में
दिल्ली देहात में 360 गांव हैं। इसमें से पूर्वी दिल्ली के गांवों का तो उत्तर प्रदेश के साथ नाता रहा है, जबकि उत्तर पश्चिम में नरेला से लेकर दक्षिण में महरौली से बदरपुर तक के गांव हरियाणा के गांवों की खाप पंचायतों से जुड़े रहे हैं। दिल्ली तीन ओर से हरियाणा से घिरी हुई है। इसलिए भी दिल्ली देहात पर हरियाणा का असर रहा है। जब भी हरियाणा में खाप पंचायतों की बैठक होती है तो दिल्ली देहात के लोगों को भी बुलाया जाता रहा है। नरेला से महरौली तक के गांवों में जाट सुमदाय तथा महरौली से बदरपुर तक गुर्जर समुदाय के लोग हैं। पालम क्षेत्र में कुछ गांव यादवों के भी हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे साहिब सिंह वर्मा को हमेशा ही भाजपा विशेष तौर पर हरियाणा के चुनाव में प्रमुख जिम्मेदारी देती रही। जबकि कांग्रेस में डा. योगानंद शास्त्री, सज्जन कुमार जैसे नेताओं को विशेष तौर पर हरियाणा भेजा जाता था। पश्चिमी दिल्ली में राजनीतिक तौर पर इनेलो के संस्थापक व पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल का भी असर रहा है। इसलिए कई बार भाजपा भी नजफगढ़ क्षेत्र में इनेलो का सहयोग लेती थी।

 


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