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Posted On October - 11 - 2019

नहीं सुधरेगा चीन
10 अक्तूबर के दैनिक ट्रिब्यून का संपादकीय ‘चीनी मिठास’ में भारत के प्रति चीन के बदले हुए रुख का विश्लेषण करने वाला था। चीन सरकार का यह वक्तव्य कि कश्मीर को लेकर उनकी नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, सब कुछ स्पष्ट करने वाला है। चीन द्वारा यह कहना की भारत और पाकिस्तान कश्मीर के मामले को आपसी बातचीत से हल करें और भारत में चीन के राजदूत द्वारा दशहरे पर शुभकामनाएं देना आदि भारत के प्रति चीनी नीति के बदलाव का कोई भी सूचक नहीं है। यह सब बातें चीन के राष्ट्रपति के आगामी भारत दौरे को लेकर ही कही गई हैं ताकि चीन व्यापारिक मामलों में भारत से ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त कर सके। उसका उद्देश्य अपने देश में बने माल को संसार के अलग-अलग देशों में बेचकर वहां के उद्योग, जनता को नष्ट करना, पैसा कमाना है। चीन कभी भी भारत विरोधी रवैया नहीं बदल सकता।
शामलाल कौशल, रोहतक

मतदाता सजग हों
10 अक्तूबर के दैनिक ट्रिब्यून में राजकुमार सिंह के ‘राजयोग के लिए निष्ठाओं के योग-संयोग’ लेख मंे चुनावी जोड़-तोड़ और दलबदल की अफरातफरी का निष्कर्ष है कि अब मतदाता को गहरी समझ के साथ बूथ तक जाना होगा। विरोधियों की भागदौड़ के चलते सत्तादल की मुश्किलें आगे बढ़ सकती हैं। राजयोग यानी सत्ता के लिये दल अपनी जमीन छोड़कर बौराये से, भटके से नजर आ रहे हैं। वैसे उम्मीदवारों के चयन में सभी को सतर्कता की जरूरत थी। राजनीति में भी नैतिक आचरण की दरकार है। स्वस्थ राजनीति के मानक ध्वस्त हो गये हैं।
मीरा गौतम, जीरकपुर

उल्लेखनीय सुधार
देश के सभी सरकारी, प्राइवेट और सहायता-प्राप्त स्कूलों से फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए इन्हें जियो टैग से जोड़ा जाएगा। इसके लिए व्यापक सर्वे होगा ताकि इनका पूरा और सही विवरण आसानी से मिल सके। देश में भ्रष्टाचार के चलते हर क्षेत्र में फर्जीवाड़ा शायद सारी हदें पार कर गया है। यदि ऐसा सर्वे पारदर्शी होता है तो वास्तव में उल्लेखनीय सुधार होगा।
वेद मामूरपुर, नरेला


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