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सिल्वर स्क्रीन

Posted On September - 28 - 2019

ए. चक्रवर्ती

इंडस्ट्री नहीं छोड़ना चाहती सोनम

सोनम की नई फिल्म जोया फैक्टर के रिलीज़ का भी कुछ पता नहीं चला है। इसमें कोई संदेह नही है कि यह अच्छी फिल्म है। नये डायरेक्टर अभिषेक शर्मा ने इसमें खुलकर अपनी काबिलियत पेश की है। पर इसे सोनम का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि अच्छी प्रतिक्रिया के बावजूद कई फिल्मों के रिलीज डेट में फंसकर इसे न के बराबर थियेटर मिले। बहरहाल फिल्म इंडस्ट्री में यह बात मशहूर है कि सोनम के फिल्मी ग्रह हमेशा बुरे रहे है। यहां तक कि सूरज बड़जात्या जैसे बड़े डायरेक्टर भी उनके इस बुरे ग्रह से मुक्ति नहीं पा सके है। उनकी पिछली फिल्म एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा भी बॉक्स ऑफिस पर दो शो भी पूरे नहीं कर पाई। अब तमाम तारीफों के बावजूद जोया फैक्टर भी अच्छे सिनेमाई दर्शकों से मिले बिना ही चुपके से निकल जा रही है। दूसरी ओर शादी के बाद ऐसा लग रहा था कि कि अब सोनम फिल्मों से संन्यास ले लेगी,पर उनका फिल्मी सम्मोहन है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जबकि फिल्मी बाज़ार उनके कॉस्टिंग को जरा भी तवज्जो नहीं देता है। पर प्रचार में रहने का सोनम का अपना अंदाज है। हाल ही में जोया फैक्टर के प्रमोशन के लिए वह खूब चर्चा में रही। वैसे फिल्म के प्रमोशन या किसी आनंदमय मुहूर्त में सोशल मीडिया में हिस्सा लेना कोई नई बात नहीं है। लेकिन अपनी ऑयरन डेफिसिएंसी, एक्जिमा आदि कई व्यक्तिगत जीवन की बातों को इस तरह से झटपट खोलना एक अलग बात है। सोनम कपूर यानी सोनम आहूजा इसी बात को भूल गई हैं। इसलिए इन दिनों इसी टाइप के पोस्ट में उनका एकाउंट ज्यादा देखा जा रहा है। वैसे इसके लिए उन पर ज्यादा दोष नहीं मढ़ा जा सकता हैं। करियर छोड़कर शादी कर, विदेश चले जाने से एक अनिश्चियता तो छा ही जाती है।

प्रभु फिर आ रहे हैं…
प्रभुदेवा की मूल पहचान कोरियोग्राफर की है। अपनी इसी पहचान के साथ वह जल्द ही निर्देशक रेमो डिसूजा की अगली फिल्म स्ट्रीट डांसर में दिखाई पड़ेंगे। वैसे वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। वह निर्देशक, अभिनेता हैं, गीतकार हैं, संगीतकार हैं आदि-आदि। उनके बारे में मशहूर है कि ज़रूरत पड़े तो उनसे कुछ भी करवा लो। उनकी कोरियोग्राफी का तो कोई जवाब ही नहीं है। इस जोनर की ढेरों हिट फिल्मों के साथ उनका नाम जुड़ा हुआ है। यही नहीं निर्देशक-अभिनेता के तौर पर भी उन्होंने कई हिट फिल्में दी हैं। उन्होंने साउथ की कई और हिंदी की कुछेक फिल्मों का निर्देशन किया है। इन दिनों भी वह सलमान की दबंग-3 का निर्देशन कर रहे हैं। वह कहते हैं,‘हिंदी की वांटेड के बाद मेरे निर्देशन की भी लोगों ने तारीफ की है। वैसे साउथ की इंडस्ट्री की बात जाने दें, तो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी मेरे दोस्तों की कोई कमी नहीं है,जो मेरे साथ काम करना चाहते हैं। मैं फिल्मों में एक्शन और डांस के मिक्सचर को एक अच्छा फॉर्मूला मानता हूं। वैसे मेरी शुरूआत भी ऐसी फिल्मों से हुई थी। इसलिए मैं अपनी इस काबिलियत को सबसे उपर  रखता हूं।’

आसां नहीं ‘मिस्टर हीरो’ बनना
‘फन्ने खां’ की रिलीज़ के बाद से ही अभिनेता अनिल कपूर आत्मचिंतन के मूड में है। इसके बाद से ही उन्होंने कैमरे का सामना न के बराबर किया है। पर खबर है कि वह जल्द ही नए सिरे से सक्रिय होंगे। जिसमें एक टीवी सीरियल और दो तीन फिल्मों की बारी है। उनकी फिटनेस को देखते हुए उनसे यही उम्मीद की जाती है। देखा जाए तो वह सही मायने में मिस्टर हीरो हैं। उनके अभिनय जीवन के 40 साल से ज्यादा हो चुके हैं। आज भी उनका प्रशंसक अपने इस हीरो को पहचानने में कोई चूक नहीं कर रहा है। अनिल बताते हैं,‘ सच कहूं, तो उनके बिना मेरा कोई वजूद ही नहीं है। वह आज भी चाहते हैं कि मैं लगातार फिल्में करता रहूं। जबकि मुझे कई बार निजी तौर पर ऐसा लगता है कि मुझे अब थोड़ा रेस्ट ले लेना चाहिए,मैं उन्हें काफी बोर कर चुका हूं। पर वह है कि मुझसे बोर ही नहीं हो रहे हैं। ऐसे में मुझे घई साहब की एक बात याद आ जाती है, आपका बेहतर काम आपको हमेशा लाइम लाइट में रखता है। शायद वह ठीक ही कह रहे हैं।’ हल्के-फुल्के और मज़ाकिया अंदाज़ में अपनी बात को कहना अनिल कपूर की आदत है। इस दृष्टि से देखें तो वह एक परफेक्ट हीरो के तौर पर सामने आते हैं।

सतर्क हो गए वरुण
अब इस साल अभिनेता वरुण धवन की कोई फिल्म रिलीज़ नहीं होगी। नए साल में उनकी दो फिल्में ‘स्ट्रीट डांसर’ और ‘कुली नंबर-1’ जनवरी और मई में एक के बाद एक रिलीज़ होंगी। इन दिनों उनकी फिल्म स्ट्रीट डांसर का पोस्ट प्रोडक्शन तेजी से चल रहा है। दूसरी ओर खुद वह पिता डेविड धवन की रीमेक फिल्म कुली नंबर-1 की शूटिंग तेज़ी से पूरा कर रहे हैं। इस फिल्म की रिलीज़ डेट भी मई में फाइनल कर ली गयी है। जहां तक अपनी कुछ फिल्मों ‘अक्टूबर’, ‘सुई- धागा’, ‘कलंक’ आदि का सवाल है, इनके बॉक्स आफिस रिपोर्ट से वरुण ज्यादा संतुष्ट नहीं हैं। वह कहते हैं,‘ मैं भी पापा की तरह काफी हद तक फिल्म के हिट और फ्लॉप को तवज्जो देता हूं। मेरा भी यह माानना है कि फिल्म यदि नहीं चली तो उसकी सारी अच्छाई दबी रह जाती है। फिर कोई यह नहीं कहता है कि वरुण ने अक्टूबर या सुई धागा में उम्दा काम किया। इसलिए इन दिनों मैं फिल्म के कमर्शियल वेल्यू को लेकर और ज्यादा संजीदा हुआ हूं।’ उनके बारे में यह मशहूर हो चला है कि वह अपने किरदार में पूरी तरह से डूब जाते हैं। वह बेहिचक मानते हैं कि जुड़वा में सलमान को बहुत अच्छी तरह से फॉलो किया था, ताकि वह परदे पर कुछ अलग कर सकें। अब वह कुली नंबर-1 के समय भी कुछ ऐसा कर रहे हैं।

वरुण शर्मा की पसंद
नितेश तिवारी की फिल्म ’छिछोरे’ की सफलता से अभिनेता वरुण शर्मा भी गद्गद हैं। इस फिल्म में सेक्सा के उनके किरदार को फिर दर्शकों ने खूब नोटिस किया है। असल में 2012 की फिल्म ‘फुकरे’ के बाद से उन्हें विचित्र नाम और काम वालेे किरदार करने को ज्यादा मिल रहे हैं। यही नहीं उनके द्वारा अभिनीत किरदार के नाम भी चूचा, फतेह सिंह, सिद्धू, ओनीडा सिंह जैसे विचित्र होते हैं। अपनी फिल्म रुहआफ्जा में भी उनके किरदार का नाम ‘लिकरेस उर्फ लखन बेदी’ बहुत अटपटा सा लगता है। वरुण ने भी अब खुद को इस तरह के नाम वाले किरदार के साथ आत्मसात करना शुरू कर दिया है। वह कहते हैं,‘ इसमें कोई शक नहीं है कि फिल्म ‘फुकरे’ के मेरे किरदार चूचा ने मुझे एक नई पहचान दी थी, पर ‘किस किसको प्यार करूं’ और ‘दिलवाले’ के बाद से सही मायने में मेरी स्थिति बदली है। यह अलग बात है कि मैं चूचा के तौर पर ज्यादा मशहूर हूं। मुझे इस बात का कोई दुख नहीं है कि इन्हीं फिल्मों के आधार पर मुझे नई फिल्में मिल रही हैं। ऐसा होना भी नहीं चाहिए। क्योंकि फिलहाल मेरा एक ही लक्ष्य है, इन फिल्मों के ज़रिए अपनी ज़मीन मजबूत कर लूं।’ वह इसकी वजह बताते हैं,‘इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए आपको पैसे की भी सख्त जऱूरत पड़ती है। वरना आपका सारा स्ट्रगल खत्म हो जाता है।

अमायरा की बेफिक्री
‘प्रस्थानम’ के ठीक बाद ‘मेड इन चीन’ में भी वह नज़र आएंगी। उनकी पिछली फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ बिल्कुल नहीं चली थी। इससे पहले उनकी फिल्में इशक, मि.एक्स, कालाकांडी, राजमा-चावल की बॉक्स रिपोर्ट भी सुखद नहीं थी। बावजूद इसके उनके पास काम का अभाव कभी नहीं था।
ताज़ा मुलाकात के दौरान वह इसकी वजह बताती हैं,‘असल में मैं साउथ की तमिल-तेलुगु के अलावा अंग्रेजी फिल्में भी लगातार करती रहती हूं। फिर शुरू की कुछ फिल्मों के अलावा मैने हमेशा अपने रोल से मतलब रखा है। जो भी रोल मुझे अच्छा लगा, मैने कर लिया। ’ 26 साल की अमायरा अपने करियर को लेकर जरा भी चिंतित नहीं हैं। वह बताती हैं,‘ मैं फिलहाल ज्यादा से ज्यादा फिल्मों में दिखाई देना चाहती हूं,ताकि नया-नया अनुभव हासिल करती रहूं। पिछले साल की तरह इस साल भी मेरी अब तक तीन फिल्में रिलीज़ हो चुकी है। इसमें कोई शक नहीं है कि हर नई फिल्म मुझे काफी लाइम लाइट देती है।
मुझे पूरा यकीन है,यही बातें मेरे करियर को आगे बहुत आसान बना देंगी।’ इस समय भी वह हिंदी की एक और साउथ की दो फिल्में कर रही हैं।


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