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ससुराल में दिखाएं समझदारी

Posted On September - 1 - 2019

मोनिका अग्रवाल

शिष्टाचार की बात करते हैं तो हम परिवार को कैसे भूल सकते हैं। जैसे जीवन के हर क्षेत्र में शिष्टाचार की जरूरत है, उसी प्रकार परिवार में रहते हुए सभी बड़े और छोटे सदस्यों को भी शिष्टाचार बरतने की आवश्यकता होती है। आज हम बात करेंगे ससुराल में शिष्टाचार की।
शादी हो जाने या सात फेरे लेने से जिम्मेदारियां खत्म नहीं हो जातीं! बल्कि एक लड़की का नये घर में प्रवेश करने के बाद एक नया जीवन शुरू होता है। उससे कुछ उम्मीदें होती हैं जिस पर उसको खरा उतरना होता है। जानते हैं कैसे सभ्य व्यवहार से हम सभी की उम्मीदों पर खरा उतर सकते हैं।
* बहू और सास का संबंध बेहद मधुर होता है या फिर बहुत कटु। कटु होने का कारण एक ही है, दोनों की जिद। यदि बहू सास की तरफ से जिद की प्रतिक्रियास्वरूप अपनी ओर से और भी ज्यादा जिद का प्रयास न करे तो यह संबंध बिगड़ेंगे नहीं। वह बड़ी हैं, उनकी बात का सम्मान करें।
* नई बहू को परिवार में सबसे मधुर रिश्ते बनाकर रखना जरूरी है वरना सारे ही रिश्ते कटुता से प्रभावित होंगे। यह रिश्ते हैं -देवर, ननद-ननदोई, जेठ-जेठानी, छोटे बच्चे आदि। इन रिश्तों को निभाना रस्सी पर नट के समान चलने के समान है।
* जेठ-जेठानी हो या ननद ननदोई, दोनों ही रिश्ते आदर व सम्मान चाहते हैं। अलग-अलग घरों से होने के कारण सोच में फर्क होना लाजमी है। अगर मन में पहले से ही बना लें कि इस नये रिश्ते की शुरुआत प्यार और दोस्ती के साथ ही करनी है, तो परिवार से रिश्ता यकीनन मजबूत ही बनेगा।
* सिर्फ पति की ही नहीं बल्कि अपने जीवन में सास की अहमियत भी समझें। बहू घर ही नहीं, बाहर के काम में भी बड़े और बुजु़र्गों के साथ सास से सलाह मश्विरा करे। बड़ों के नाते उनकी सूझबूझ और समझदारी मददगार साबित हो सकती है।
* नये सदस्यों के स्वभाव को समझने में जल्दबाजी न करें। हर रिश्ते को समझने में थोड़ा वक्त दें।
* घर के बड़े बुजुर्ग बच्चों को संस्कार और नैतिक मूल्यों का ज्ञान देने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए आपके बच्चों की बेहतर परवरिश में उनके इस योगदान की कद्र और सम्मान करें।
* स्पष्ट बात करें और परिवार को भी अपना समय दें। कामकाजी हैं तो भी, हाउसवाइफ हैं तो भी।
* ससुराल में परिवार के प्रत्येक सदस्य की पसंद-नापसंद का विशेष ध्यान रखें और कोशिश करें कि किसी को शिक़ायत का मौका न मिले। वैसे सभी के मन का कर पाना संभव भी नहीं होता।
* एक अच्छी बहू के रूप में घर के सभी रीति-रिवाज़ों को पूरी श्रद्धा से सीखें और उसे निभाने का प्रयास करें। अपनी सास से सभी त्योहारों को पूजने की विधि और पकवान आदि को बनाने के बारे में भी सीखें। ऐसा इसलिये क्योंकि आगे चलकर यह आपके लिए मददगार होगा।
* फैशन के नाम पर कभी भी ऐसा कुछ न पहनें, जिसे देखकर घर के बड़े असहज महसूस करें। चाहे परिवार वाले‍ कुछ भी न कहें लेकिन आप स्वयं अपने परिधानों के प्रति सतर्क रहें।


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