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बाल कविता

Posted On September - 1 - 2019

शिक्षक देव समान
तराश के देखो गुण सभी
शिक्षक मेरे सभी महान
राह दिखाते हर शिष्य को
देकर गरिमामय पहचान।
सच की सीख सदा लबों पर
आंखों में करुणा अपार
विद्या, बुद्धि, साहस औ’ बल
मिले गुरु से ज्ञान अपार।
दृढ़ निश्चय के सागर गहरे
शिक्षक मेरे देव समान
करें नमन हम सदा गुरु को
करते हम दिल से सम्मान।
दिशा ग्रोवर

भीमराव का सपना
अनपढ़ता तो अंधेरा है,
शिक्षा ही नया सवेरा है।
क, ख, ग, को पढ़ना है,
हम सबको आगे बढ़ना है।
ये भीमराव का नारा है,
शिक्षा अधिकार तुम्हारा है।
ये शिक्षा ऐसा सोपान है,
इससे बनता देश महान है।
घर-घर शिक्षा दीप जलाएंगे,
हम दर-दर प्रकाश फैलाएंगे।
अब शिक्षा सबको दिलाएंगे,
हम शिक्षित बन दिखलायेंगे।
ये भीमराव का था सपना,
हो पढ़ा-लिखा भारत अपना।
सबका का ये कहना है,
शिक्षा ही सच्चा गहना है।
– भूपसिंह ‘भारती’


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