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जींद का विकास भी होगा गुरुग्राम जैसा

Posted On September - 16 - 2019

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (एजेंसी)
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) एनसीआर के दूरदराज के इलाकों में टिकाऊ विकास के संबंध में अध्ययन करने के लिए नगर योजनाकारों और अन्य विशेषज्ञों की एक समिति का गठन कर सकता है। बोर्ड से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिस तरह दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद का विकास हुआ है, वैसा ही विकास जींद और शामली आदि में भी हो।
गौर हो कि हाल में उत्तर प्रदेश के शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़ जिलों और हरियाणा के जींद तथा करनाल जिलों को एनसीआर में शामिल किया गया है। बोर्ड की पिछले कुछ दिनों से बैठक चल रही थी। अधिकारियों ने बताया कि समिति इस बात का भी अध्ययन कर सकती है कि दिल्ली के आसपास के कुछ इलाकों में आबादी का घनत्व अधिक क्यों है, जबकि एनसीआर के कुछ दूसरे इलाकों में ये तुलनात्मक रूप से कम है।
उन्होंने बताया, ‘एनसीआरपीबी की हाल में हुई बैठक में विशेषज्ञ समिति गठित करने पर विचार हुआ। इसके मद्देनजर नगर योजनाकारों, परिवहन और अन्य विशेषज्ञों की समिति का गठन किया जाएगा।’ समिति की अध्यक्षता को लेकर फैसला अभी नहीं हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि समिति बनाने के लिए नियम-शर्तें जल्द तय की जाएंगी। बोर्ड समान रूप से विकास को तवज्जो देगा।
संबंधित अधिकारी ने यह भी कहा, ‘दिल्ली के आसपास के इलाकों में तेजी से विकास हुआ है। समिति अब एनसीआर के अधिक दूरदराज के इलाकों में टिकाऊ विकास के पहलुओं और संसाधानों के अधिकतम इस्तेमाल पर विचार करेगी।’


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