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कुछ लोगों को ओम, गाय सुनते ही लग जाता है करंट

Posted On September - 12 - 2019

मथुरा में बुधवार को पशु विज्ञान एवं आरोग्य मेले के दौरान एक बछड़े को सहलाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। – प्रेट्र

मथुरा, 11 सितंबर (एजेंसी)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पशुधन के संरक्षण से संबंधित कई योजनाओं का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय पशु आरोग्य मिशन शुरू करते हुए उन्होंने कहा, ‘पशुधन हमेशा से भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पशुधन के बिना भारत के गांवों की अर्थव्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।’ प्रधानमंत्री ने इस दौरान विपक्ष पर तीखा वार भी किया। उन्‍होंने कहा कि ‘ओम’ शब्‍द सुनते ही कुछ लोगों के कान खड़े हो जाते हैं, कुछ लोगों के कान में ‘गाय’ शब्‍द पड़ता है, तो उनके बाल खड़े हो जाते हैं, उनको करंट लग जाता है। उनको लगता है कि देश 16वीं-17वीं सदी में चला गया है। ऐसे लोगों ने ही देश को बर्बाद कर रखा है। उन्होंने कहा कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन बहुत मूल्यवान है। कोई कल्पना करे कि पशुधन के बिना अर्थव्यवस्था कैसे चल सकती है? प्रधानमंत्री ने इस संबंध में दक्षिण अफ्रीका के रवांडा का उदाहरण भी दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को भगवान कृष्ण से पर्यावरण को बचाने की प्रेरणा मिलती है। जिस प्रकार दूध, दही, माखन, धेनु, प्रकृति, पर्यावरण के बिना बालगोपाल की कल्पना नहीं हो सकती, वैसे ही गाय के संरक्षण के बगैर समाज का विकास अधूरा होगा।’ इस दिशा में उन्होंने स्टार्ट-अप के जरिए पशुधन संरक्षण में नयी तकनीक लाने पर जोर देते हुए कहा कि आईआईटी, आईआईएम के लोग इस क्षेत्र में आएं और देश के पशुओं को पोषक आहार कैसे मिले इस विषय में अपने सुझाव दें। उन्होंने कहा की देश की समस्यायों का समाधान देश की मिट्टी से ही निकलेगा।

सिंगल यूज प्लास्टिक त्यागने का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने देशव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का शुभारंभ करते हुए लोगों से ‘सिंगल यूज’ प्लास्टिक का इस्तेमाल खत्म करने की अपील की। दो अक्टूबर तक अपने घरों, दफ्तरों को सिंगल यूज यानी एक ही बार इस्तेमाल की जाने वाले प्लास्टिक से मुक्त करने का आह्वान करते हुए मोदी ने कहा कि प्लास्टिक से उपजे कचरे की समस्या अब गंभीर हो गयी है। यह कचरा पर्यावरण के लिए तो घातक है ही, पशुओं का जीवन भी इस प्लास्टिक की वजह से खतरे में है।
पड़ोस में पनप रहीं आतंक की जड़ें
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज का दिन ऐतिहासिक है, लगभग एक सदी पहले विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में ऐतिहासिक भाषण दिया था। लेकिन आज ही के दिन 11 सितंबर (9/11) अमेरिका में ही ऐसा हमला हुआ था, जिसे देखकर दुनिया दहल गई थी।’ उन्होंने कहा कि आज आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है, जो विचारधारा बन गई है। आतंक की जड़ें हमारे पड़ोस में पनप रही हैं। इस विचारधारा को बढ़ाने वालों, आतंकवादियों को पनाह और प्रशिक्षण देने वालों के खिलाफ आज पूरे विश्व को संकल्प लेने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत अपने स्तर पर इस चुनौती से निपटने में पूरी तरह से सक्षम है। हमने यह दिखाया भी है और आगे भी दिखायेंगे। समस्या चाहे आतंक की हो, प्रदूषण की हो, बीमारी की हो, हमें मिलकर इनको पराजित करना है।’
टिप्पणी पर तल्ख प्रतिक्रिया
भाकपा के महासचिव डी. राजा ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘ओम’ और ‘गाय’ के मुद्दे क्यों उठा रहे हैं जबकि उन्हें देश की अर्थव्यवस्था की बात करनी चाहिए। ‘वह ऐसे समय में यह बात कह रहे हैं जब गाय और भगवान के नाम पर देश भर में पीट-पीट कर हत्या करने की घटनाएं हो रही हैं।’
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहाद उल मुसलमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत में लोग न केवल ‘ओम’ और ‘गाय’ सुनते हैं बल्कि मस्जिदों की अजान, गुरुद्वारा में होने वाले पाठ और गिरजाघरों की घंटी की आवाज भी सुनते हैं। ‘लोग जब गाय के नाम पर मारे जा रहे हैं तो आपको चिंतित होना चाहिए।’
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद माजिद मेमन ने कहा कि मोदी एक धर्मनिरपेक्ष देश के प्रधानमंत्री हैं और उन्हें अक्सर धार्मिक मामलों का जिक्र नहीं करना चाहिए। ‘वह धर्मगुरु नहीं हैं… प्रधानमंत्री को स्पष्ट कर देना चाहिए कि ‘मैं सरकार के मुखिया के तौर पर किसी को भी धर्म के नाम पर, ‘ओम’ या ‘गाय’ के नाम पर किसी को बर्दाश्त नहीं करूंगा, उन्हें अपने हाथ में कानून नहीं लेने दूंगा।’


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