अल-कायदा से जुड़े 3 आतंकवादी ढेर, जाकिर मूसा गिरोह का खात्मा !    एटीएम, रुपये छीनकर भाग रहे बदमाश को लड़की ने दबोचा !    दुष्कर्म के प्रयास में कोचिंग सेंटर का शिक्षक दोषी करार !    सिविल अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद हड़ताल !    पीठासीन अधिकारी सहित 3 गिरफ्तार !    ‘या तो गोहाना छोड़ दे नहीं तो गोलियों से भून देंगे’ !    अमेरिका भारत-पाक के बीच सीधी वार्ता का समर्थक !    कुंडू ने की ज्यादा एजेंट बैठाने की मांग !    मनी लांड्रिंग : इकबाल मिर्ची का सहयोगी गिरफ्तार !    छात्रा की याचिका पर एसआईटी, चिन्मयानंद से जवाब तलब !    

उपवास के लिए साबूदाना व्यंजन

Posted On September - 15 - 2019

कृष्णलता यादव

मोती-से चमकीले दानों वाला साबूदाना विभिन्न रूपों में सेवन किया जाता है। फलाहार श्रेणी का होने के कारण इसका सर्वाधिक उपयोग व्रत-उपवास के समय किया जाता है। कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत, ऊर्जादायक, थकान हरने , शरीर के तापमान व रक्तचाप को नियंत्रित रखने आदि विशेषताओं के कारण यह रसोईघर में अपनी उपस्थिति निरन्तर बनाए रखता है। तो आइए, परिचित होते हैं साबूदाना-व्यंजन बनाने की विधियों से।
साबूदाना की खिचड़ी
सामग्री: साबूदाना एक बड़ी कटोरी, सेंगदाना मुट्ठी भर, बारीक कटा हुआ एक आलू, दो हरी मिर्च, नमक स्वादानुसार, चीनी एक छोटा चम्मच, तेल एक बड़ा चम्मच, बघार के लिए जीरा, थोड़ा-सा बारीक कटा धनिया।
विधि: साबूदाना पर स्टार्च की पॉलिश चढ़ी होती है, इसलिए इसको तब तक धोते रहें, जब तक धोवन का पानी सफेदी रहित न हो जाये। अब इसे भीगने के लिए रख दें। पानी इतना ही डालें कि साबूदाना के स्तर से थोड़ा ऊपर रहे। गर्मी के दिनों में 3 से 4 व सर्दी के दिनों में 7 से 8 घंटे तक भीगने दें। सेंगदाना को कड़ाही में धीमी आंच पर भून लें और ठंडा होने पर दरदरा पीस लें। कड़ाही में तेल गर्म करके जीरे का बघार लगाकर उसमें आलू डालें और ढककर पकाएं। आलू पक जाने पर लाल मिर्च पाउडर व साबूदाना डालकर धीरे-धीरे मिलाएं क्योंकि साबूदाना चिपकता है। अब इसमें सेंगदाना पाउडर, नमक, चीनी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। पांच मिनट तक ढककर पकाएं। साबूदाना खिचड़ी तैयार है। हरे धनिए से सजाएं और परोसें।
साबूदाना की खीर
सामग्री: आधा कप साबूदाना, आधा लिटर दूध, एक गिलास पानी, आधी कटोरी चीनी, 8-10 दाने किशमिश, आधा चम्मच इलायची पाउडर, चुटकी भर केसर।
विधि: साबूदाना को भली प्रकार धोकर स्टार्च निकाल दें और पानी में भिगो दें। 2-3 घंटे बाद मोटे तल की कड़ाही में पानी व साबूदाना डालकर चलाते रहें। हल्के गर्म दूध में केसर डालकर रख दें। ध्यान रहे, साबूदाने को सीधे दूध में न पकायें क्योंकि कभी-कभी दूध फट जाता है। अब इसमें दूध डालकर उबाल आने तक हिलाते रहें और किशमिश के दाने छोड़कर धीमी आंच पर पकने दें, बीच-बीच में चलाते हुए, कड़ाही के किनारों पर लगे हुए दूध को हटाते रहें। साबूदाना के आकार का बड़ा होकर खिल जाना तथा पारदर्शी होना इसके पकने की निशानी है। दूध गाढ़ा होने लगे तब चीनी, इलायची पाउडर व केसर मिश्रित दूध डालकर थोड़ा और पकायें। यदि खीर गर्म खानी है तो इसे थोड़ी गाढ़ी होने दें। फ़्रिज़ में ऱखनी है तो थोड़ी पतली रहने दें।
साबूदाना पुलाव
सामग्री: साबूदाना ¾ एक कप, आलू एक, मूंगफली ¼एक कप, हरी मिर्च 3-4, सेंधा नमक स्वादानुसार, घी/तेल 2 बड़े चम्मच, नींबू का रस एक बड़ा चम्मच, खड़ा मसाला-काली मिर्च, बादाम, काजू (प्रत्येक के 5-5,7-7 दाने), आधा चम्मच जीरा, दो तेजपत्ता।
विधि: साबूदाना को भली प्रकार धोकर 2-3 घंटे के लिए भिगो दें। हरी मिर्च को महीन काट लें। आलू को छीलकर-धोकर बारीक टुकड़ों में काट लें। कड़ाही में घी/तेल डालकर खड़े मसालों को सुनहरा होने तक भून लें। इन्हें एक बर्तन में निकाल लें। इसी कड़ाही में जीरे का बघार लगाकर धीमी आंच पर आलू भून लें। अब इसमें नमक, हरी मिर्च व भीगा हुआ साबूदाना डालकर अच्छी तरह मिला लें और साबूदाना अच्छी तरह गलने तक पकने दें। सभी खड़े मसाले डालकर मिक्स करें। अब गैस बंद कर दें और थोडा ठंडा होने पर नींबू निचोड़ कर परोसें।
यदि साबूदाना का पुलाव बिना व्रत के खाना हो तो इसमें हरी मटर, गाजर, बींस आदि भी डाली जा सकती हैं।


Comments Off on उपवास के लिए साबूदाना व्यंजन
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.