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हेमपुष्पा के बूते संवैधानिक विमर्श

Posted On August - 13 - 2019

उलटवांसी

आलोक पुराणिक

हेमपुष्पा बहुत प्यारा नाम है। हेमपुष्पाओं से मेरी कोई नाराजगी नहीं है पर उस दिन हेमपुष्पा ने बहुत परेशान कर दिया। उस टीवी चैनल में कश्मीर में धारा 370 पर गहन संवैधानिक विमर्श चल रहा था। अंबेडकर, जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया-सब आ लिये थे, संवैधानिक विमर्श में, फिर अचानक एंकर ने घोषणा की कि अब लेते हैं एक कमर्शियल ब्रेक और फिर हेमपुष्पा टानिक आ गया।
संविधान की धाराओं में हेमपुष्पा। हेमपुष्पा यूं एक टानिक का नाम है। पर संवैधानिक विमर्श में एकदम से हेमपुष्पा का आ जाना। उस टीवी चैनल का बॉस मेरा मित्र है। मैंने कहा-भाई इतनी महत्वपूर्ण डिबेट में हेमपुष्पा को थोड़ा सा विश्राम दे देते। कहां ले आये हेमपुष्पा को गहन संवैधानिक विमर्श में।
चैनल चीफ बोले-सबसे ऊपर हेमपुष्पा है। फिर लोटन कबूतर है-लोटन कबूतर एक पान मसाले का नाम है। फिर नेवला सुपारी है। फिर दंतचमक है। दंतचमक एक दंतमंजन का नाम है। फिर खचेरा नल की टोंटी का नंबर है। इन सबसे बहुत रकम मिलती है, तब ही संवैधानिक विमर्श करवा पाते हैं। हेमपुष्पाजी हर हाल में आयेंगी, वह संवैधानिक विमर्श में भी आयेंगी, वह बाढ़ विमर्श में भी आयेंगी। वह राष्ट्रीय सुरक्षा विमर्श में आयेंगी। तमाम तरह के एक्सपर्ट लोग आते-जाते हैं, पर हेमपुष्पा बनी रहती हैं। बाकी का क्या, बड़े-बड़े आये, बड़े-बड़े चले गये।
टीवी देखने में इधर बहुत खतरा हो गया है। बड़े-बड़े संवैधानिक एक्सपर्ट लोगों के मुंह बंद हो जाते हैं। उस दिन कश्मीर क्या, पूरे भारत के लिए ही बहुत महत्वपूर्ण दिन था। ढाई से साढ़े तीन बजे उस हिंदी चैनल पर सास-बहू और कुछ कार्यक्रम आ रहा था। सास-बहू को आज के दिन स्थगित कर देते, आज संविधान का मुद्दा है, ऐसा मैंने उस चैनल चीफ से कहा। आप संविधान विमर्श ही चलने दें-ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच।
चैनल चीफ ने उलटे मुझे ही डपटा और कहा कि सास-बहू से बड़ा मुद्दा कोई नहीं है। सास-बहू के कार्यक्रम से कमाते हैं तब ही संवैधानिक विमर्श चला पाते हैं। संविधान सास-बहू और हेमपुष्पा के सहारे चल रहा है टीवी चैनलों पर, यह जानकर मुझे धक्का लगा। सांस्कृतिक झटका लग सकता है कुछ लोगों को, जब वह यह देखते हैं कि संविधान के अनुच्छेद 370 में छेद सा हो गया है, जब लोटन कबूतर उड़ता हुआ दिखता है, ऐन संविधान विमर्श के बीच और पीछे से एक फिल्म एक्टर बताता है कि लोटन कबूतर पान मसाला केसर से बना है।
कोई न्यूज एंकर ज्यादा क्रियेटिव हुआ तो यह भी बता सकता है कि यह पान मसाला भी केसर से बना है और कश्मीर का ताल्लुक भी केसर से है। इसलिए पान मसाला और केसर कश्मीर के अभिन्न अंग हैं और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।


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