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सीएम अमरेंद्र ने पेश की एकजुटता की मिसाल : उपराष्ट्रपति

Posted On August - 15 - 2019

जोगिंद्र सिंह/ट्रिन्यू
चंडीगढ़, 14 अगस्त

चंडीगढ़ स्थित पंजाब विवि परिसर में बुधवार को वेंकैया नायडु को सम्मानित करते चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन। -दैनिक ट्रिब्यून

उप-राष्ट्रपति एवं पीयू के चांसलर वैंकेया नायडू ने आज पीयू में आयोजित पहले बलरामजीदास टंडन स्मृति व्याख्यान में कहा कि पंचायतीराज संस्थाओं को राजीव गांधी ने ताकत दी, इसकी सराहना होनी चाहिए, इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह की भी तारीफ की, जिन्होंने भारतीय सेना के बारे में भड़काऊ ट्वीट करने वाले पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का प्रयास बंद करने को कहा था। उन्होंने कहा कि यह समय है जब हमें एकजुट होना सीखना चाहिए और पंजाब के मुख्यमंत्री ने इसकी शानदार मिसाल पेश की।

अलग-अलग जगहों पर बनें सुप्रीमकोर्ट की बेंच
नायडू ने देश की न्यायिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायिक प्रणाली को जनता के लिए सुगम सुलभ बनाना होगा। सालोंसाल फैसले लटके रहते हैं और फैसले तो क्या सुनवाई तक नहीं हो पाती। ऐसे में देरी से मिला न्याय भी अन्याय से कम नहीं होता। नायडू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की बेंच का विस्तार करके तथा अलग क्षेत्रों के लिए सुप्रीम कोर्ट की अलग पीठ स्थापित की जायें। इतने विशाल देश में न्याय को जनसुलभ बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की और पीठ स्थापित की जाए। पंजाब के राज्यपाल व यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनोर, केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंद्र सिंगला सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

पंजाबी बोलकर जीता दिल, ‘महामहिम नहीं आदरणीय ही बहुत’
उप-राष्ट्रपति नायडू ने सबसे पहले पंजाबी में सभी को सतश्रीअकाल बुलाकर पंजाबियों का दिल जीतने का प्रयास किया। फिर पंजाबी में कुछ वाक्य बोले। इसके बाद हिंदी व बीच-बीच में अंग्रेजी में अपना पूरा भाषण किया। उन्होंने सबसे पहले महामहिम आदि अंग्रेजों के दिये अलंकारों व ओहदों से संबोधित करने से परहेज करने को कहा और कहा कि आदरणीय या सम्माननीय ही काफी है।


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