सिल्वर स्क्रीन !    हेलो हाॅलीवुड !    साहित्यिक सिनेमा से मोहभंग !    एक्यूट इंसेफेलाइिटस सिंड्रोम से बच्चों को बचाएं !    चैनल चर्चा !    बेदम न कर दे दमा !    दिल को दुरुस्त रखेंगे ये योग !    कंट्रोवर्सी !    दुबला पतला रहना पसंद !    हिंदी फीचर फिल्म : फर्ज़ !    

सरकार संस्कृत को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रतिबद्ध

Posted On August - 13 - 2019

शिमला में सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर संस्कृत अभिनंदन समारोह का उद्घाटन करते हुए। -दैनिक ट्रिब्यून

शिमला, 12 अगस्त (निस)
प्रदेश सरकार राज्य में संस्कृत भाषा को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि संस्कृत भाषा को पुनः उचित स्थान प्राप्त हो सके। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज शिमला में संस्कृत भाषा को राज्य की दूसरी भाषा घोषित करने के लिए सप्ताह भर चलने वाले संस्कृत सप्ताह के उपलक्ष्य पर आयोजित संस्कृत अभिनन्दन समारोह में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत को प्राचीन भारत में ‘देवभाषा’ व देवताओं की भाषा के नाम से जाना जाता था। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं के धार्मिक अनुष्ठानों और बौद्ध धर्म के मंत्रों व भजनों में संस्कृत भाषा का व्यापक रूप से प्रयोग होता है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि संस्कृत के मंत्रों का उच्चारण करोड़ों हिन्दुओं द्वारा किया जाता है तथा अधिकतर धार्मिक अनुष्ठानों में संस्कृत भाषा का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि संस्कृत लाहौल-स्पीति के एक गांव में बोली जाने वाली मुख्य भाषा है। उन्होंने कहा कि यदि संस्कृत का और अधिक प्रचार किया जाए, तो यह दूसरे राज्यों के लोगों के मध्य एक कड़ी के रूप में काम कर सकती है।
ब्रह्मबोधी पत्रिका का शीर्षक कवर जारी
जयराम ठाकुर ने आज शिमला में ब्रह्मनन्द कल्चरल सोसायटी द्वारा प्रकाशित कला और संस्कृति की बहुभाषी पत्रिका ‘ब्रह्मबोधी’ का शीर्षक कवर जारी किया। मुख्यमंत्री ने प्रकाशन की सफलता की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि पत्रिका देश के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पत्रिका के प्रकाशक और सम्पादक रूपक मेहता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


Comments Off on सरकार संस्कृत को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रतिबद्ध
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.