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वर्दी के रंग भले ही अलग हों, तिरंगा हमारे दिल में बसता है

Posted On August - 13 - 2019

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (एजेंसी)
सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच कथित झगड़े के संबंध में पाकिस्तानी पत्रकार के दावों को फर्जी बताकर उन्हें खारिज करते हुए सुरक्षा बलों ने कहा कि सूचना गलत और निराधार है। कश्मीर पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया है कि उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए इस ट्वीट के बारे में माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट को सूचित कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने की पृष्ठभूमि में झड़प होने का दावा पाकिस्तान के पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने सत्यापित ट्विटर हैंडल से किया है। खान ने लिखा है, ‘कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ रहा है। मुस्लिम कश्मीरी पुलिसकर्मी ने गोली मार कर भारतीय सीआरपीएफ के 5 कर्मियों की हत्या कर दी। सुरक्षा बलों ने एक-दूसरे पर हमला किया, क्योंकि उन्होंने एक गर्भवती महिला को सिर्फ इसलिए जाने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि उसके पास कर्फ्यू का पास नहीं था। हमले के बाद से हालात तनावपूर्ण हैं।’
सीआरपीएफ ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इस संबंध में अपने आधिकारिक हैंडल पर पोस्ट लिखा है। सीआरपीएफ ने लिखा है, ‘इस ट्वीट की छवि खराब करने वाली सामग्री/सूचना आधारहीन और गलत है। हमेशा की तरह भारत के सभी सुरक्षा बल साथ मिलकर समन्वय और भाईचार के साथ काम कर रहे हैं। हमारी वर्दी के रंग भले ही अलग-अलग हों, लेकिन देशभक्ति और तिरंगा हमारे दिल और अस्तित्व में बसता है।’ वहीं, कश्मीर पुलिस ने लिखा है, ‘हम छवि खराब करने वाली सूचना का सिरे से खंडन करते हैं। इसे ट्विटर के समक्ष कार्रवाई के लिए उठाया गया है।’
सीआरपीएफ प्रवक्ता ने कहा कि उपमहानिरीक्षक मोसेस दिनाकरण ने भी पत्रकार की पोस्ट की आलोचना की है। दिनाकरण ने ट्वीट किया, ‘कश्मीर में गलत मंशा को अंजाम नहीं दे पाने की निराशा की वजह से भड़के आपके गुस्से पर मुझे दया आती है। इस फर्जी खबर के साथ आप और नीचे गिर गए हैं।’

4 ट्विटर हैंडल पर रोक
जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत विरोधी दुष्प्रचार करने पर 4 ट्विटर हैंडल्स पर सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोध पर रोक लगा दी गयी है। अधिकारियों ने यह दावा करते हुए बताया कि 4 और खातों पर भी जल्द रोक लगाई जा सकती है। इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि वह राज्य में सुरक्षा बलों के बीच आपसी झड़प की फर्जी खबर का दावा करने वाले ट्विटर हैंडल के खिलाफ कार्रवाई के लिए सोशल मीडिया से संपर्क करेगी।


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