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महिलाओं की गिरफ्तारी पर क्या हैं नियम

Posted On August - 11 - 2019

मधु गोयल

कानून में महिलाओं को बहुत से अधिकार दिये हैं, जिनके बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। ज़रूरी है कि महिलाएं जानें कि उन्हें कौन से कानूनी अधिकार मिले हैं ताकि वह अपने साथ हुए अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठा सकें।

  • किसी भी महिला की गिरफ्तारी के नियम और अधिकार क्या-क्या हैं?
  • हमारे कानून के अनुसार किसी भी महिला को पूछताछ के लिए या गिरफ्तारी के लिए किसी भी समय पुलिस स्टेशन नहीं बुलाया जा सकता। विशेष परिस्थितियों में ही ऐसा किया जा सकता है।
  • संविधान की धारा 46 (1) के अनुसार किसी भी महिला को जब तक विशेष परिस्थितियां न हों, गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। गिरफ्तारी भी तब तक संभव नहीं जब तक कोई महिला अधिकारी न हो।
  • हमारे संविधान की धारा 46 (4) के अनुसार किसी भी महिला को सूर्य अस्त के बाद गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। इन परिस्थितियों में लिखित रिपोर्ट करके, जिले के प्रथम न्यायाधीश से अनुमति लेकर ही महिला की गिरफ्तारी संभव है।
  • संविधान की धारा 51 के अनुसार किसी भी महिला की शारीरिक परीक्षा केवल, रजिस्टर्ड महिला चिकित्सक के द्वारा ही की जा सकती है।
  • यदि महिला अपराधी के रात में भागने की आशंका है तो उस केस में उसको नज़रबंद किया जा सकता है।
  • हथकड़ी का क़ानून मुख्य रूप से महिलाओं के लिए नहीं है लेकिन ज़्यादातर लोगों को इस बारे में पता नहीं होता। हथकड़ी तब तक नहीं लगाई जा सकती जब तक कि गिरफ़्तार करने आए अधिकारी के पास कोर्ट का आदेश न हो।
  • यदि महिला अपना वकील करना चाहती है तो वह स्वतंत्र है। लेकिन किसी कारणवश सक्षम नहीं है और वकील का खर्चा नहीं उठा सकती तो वह मुफ्त कानूनी सहायता मांग सकती है।
  • यदि महिला को गिरफ्तार किया गया है तो यह भी जरूरी है कि 24 घंटे के अंदर उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाए।
  • गिरफ्तार महिला के साथ उसका कोई मित्र या रिश्तेदार पुलिस स्टेशन जा सकता है।
  • यदि महिला की गिरफ्तारी हो गई है और उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया है तो ऐसे में ज़रूरी है कि उसे महिला अपराधी के साथ ही रखा जाए।
  • गिरफ्तार की गई महिला के साथ जोर-जबरदस्ती, मारपीट करना अपराध है। वह उसके खिलाफ आवाज़ उठा सकती है।
  • सीआरपी की धारा 51 के अनुसार किसी भी महिला को गिरफ्तार कर हवालात में बंद करने से पहले, उस अपराधी महिला की तलाशी भी एक महिला द्वारा पूरी शिष्टता का पालन करते हुए ली जा सकती है।
  • कोई भी महिला पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन जाने से इनकार कर सकती है। सीआरपीसी की धारा 160 के तहत महिलाओं को पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जा सकता।

महिला से पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ पर महिला शिकायत दर्ज करा सकती है?

  • पहली बात यह है कि रात के समय में किसी भी महिला से पूछताछ नहीं की जा सकती।
  • दूसरी बात अगर पुलिस को महिला से पूछताछ करनी बहुत ज़रूरी है तो ऐसे में महिला के परिवार के सदस्य या पांच पड़ोसियों के सामने उससे पूछताछ की जा सकती है।

यदि महिला भी थाने में अपनी एफआईआर दर्ज करवाना चाहती है तो क्या वह एफआईआर करवा सकती है?

  • गिरफ्तार महिला भी अपनी एफआईआर दर्ज करवा सकती है, लेकिन वह अपने किसी रिश्तेदार को साथ लेकर जाए।
  • गिरफ्तार महिला एफआईआर पढ़ने या पढ़वाने के बाद ही उस पर हस्ताक्षर करे।
  • अपराधी महिला को भी अधिकार है कि एफआईआर की एक कॉपी उसको दी जाए।
  • गिरफ्तार महिला को कानून द्वारा यह भी अधिकार प्राप्त है कि यदि उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है तो वह वरिष्ठ अधिकारी या मजिस्ट्रेट से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है।

गिरफ्तार महिला के लिए मानव अधिकार व कानून क्या है?

  • संविधान की धारा 416 के अंतर्गत गंभीर अपराध की स्थिति में गर्भवती महिला को मृत्युदंड से छूट दी गई है।
  • धारा 437 के अंतर्गत किसी गैर-ज़मानती मामले में तो कोई ज़मानत नहीं दी जाती, लेकिन महिलाओं के साथ नरम रवैया अपनाते हुए उन्हें ज़मानत मुहैया करा दी जाती है।

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