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बाल कविता

Posted On August - 11 - 2019

प्यारा बंधन
कच्चे धागों का यह,
है अनोखा त्योहार।
रक्षाबंधन कहते जिसे,
भाई-बहन का है प्यार॥
राखी नाम सुनते ही,
खिलते दोनों के मन।
रंगीन धागा प्रेम का,
सबसे प्यारा बंधन॥
रक्षाबंधन पास आते ही,
तरंग से भर जाता मन।
कभी कष्ट न आने दूं,
भाई दे बहन को वचन॥
दूरी न कर सके दूर,
रिश्तों में आती गहराई।
कहीं भी चाहे रहे बहन,
आ जाता मिलने भाई॥
कभी भी इस बंधन को,
न तोलें धन, उपहार से।
परस्पर मुंह मीठा करके,
मनाएं एकता और प्यार से॥
– मुकेश कुमार जैन

हमारी सेना
विश्व विजयी हमारी सेना
हम को इस पर नाज है।
इसकी शक्ति के आगे ही
झुका दुश्मन भी आज है।
थल सेना की बात निराली
तोप टैंक भारी भरकम।
लेकर बंदूकें कंधों पर
बढ़ती आगे है हरदम।
सेना वायु महान हमारी
चीरे नभ का सीना है।
अपने दुश्मन का इसने तो
सुख चैन सभी छीना है।
सागर की लहरों पर चलती
अपनी तो जल सेना है।
पनडुब्बी हो जंगी जहाज़
बदला गिन -गिन लेना है।
तीनों अंग मिल के हमेशा
गिराती शत्रु पर गाज़ है।
विश्व विजयी हमारी सेना
हम को इस पर नाज़ है।
– गोविंद भारद्वाज


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