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बच्चों को सिखायें डे टू डे मैनर्स

Posted On August - 18 - 2019

स्वाति गुप्ता

हम सभी चाहते हैं कि हमारा बच्चा खाने के बाद अपनी प्लेट खुद उठाकर रखे, खिलौनों से खेलने के बाद उसे वापस अपनी जगह पर रख दें, दिन में दो बार ब्रश करे। लेकिन यह सब इतना आसान नहीं होता। बच्चों को ये सब बातें हमें छुटपन से ही सिखानी होती हैं ताकि बड़े होने पर वे समझदार बनें। आइए जानें, कुछ अच्छी आदतें, जो बच्चों को सिखानी चाहिए :-
संभाल कर रखें खिलौने
बच्चों के खिलौनों के लिए अलग से एक टोकरी और उसे रखने का निश्चित स्थान बना दें। खेलने के बाद उन्हें सारे खिलौनों को टोकरी में भरने को कहें। शुरुआत में वे आनाकानी करेंगे क्योंकि छोटे बच्चों को अपने खिलौने बिखरे हुए पसंद आते हैं। अगर आप उनके साथ ये कहते हुए भरेंगे कि देखें कौन जल्दी भरता है तो वे इसे मज़े लेकर करेंगे। बच्चों को अपने खिलौनों से बहुत प्यार होता है, अगर आप उनके खिलौने को किसी और को देने की बात कहेंगे तो वे फटाफट उसे टोकरी में डाल देंगे।
हर चीज़ खाने की आदत डालें
आजकल के बच्चे बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज़ तो आसानी से खाते हैं लेकिन घर में बनी दाल-चावल, रोटी-सब्जी नहीं खाना चाहते। इसके लिये बच्चों को सब चीजों के गुणों से अवगत करायें। किसी चीज को खाने से क्या फायदा होता है, उन्हें अवश्य बतायें। परिवार के सारे लोग साथ में मिलकर खायें। जब वे देखेंगे कि सब वही खा रहे हैं, जो घर में बना है तो वे भी खायेंगे। बच्चों को जो सब्जी पसंद नहीं, उसे अपने हाथों से खिलायें। छोटे बच्चों को पार्क में ले जाकर खिलायें। खेल-खेल में बच्चे खुशी-खुशी खा लेते हैं।
कहना मानें, ज़िद न करें
अक्सर बच्चे छोटी-छोटी चीजों की जिद करने लगते हैं और न मिलने पर रोने-चिल्लाने लगते हैं। अगर आपने भावनाओं में बहकर उनकी बात मान ली तो वे हर बार इसका फायदा उठाने लगते हैं। उनकी जिद पूरी न करें, जो आपको उचित लगे, वही करें। उनको रोने-धोने पर उन्हें इग्नोर करें। थोड़ी देर बाद वे खुद ही चुप हो जायेंगे। बड़ों का सम्मान करना सिखायें, आप उन्हें कहानियों के माध्यम से भी अच्छी चीजें सिखा सकते हैं।
समय पर करें अपना काम
बच्चों को समय का महत्व बतायें। हर चीज के लिये समय निर्धारित कर दें। जैसे खेलने का समय, पढ़ने का समय, टीवी देखने का समय। ये काम थोड़ा मुश्किल होता है पर यदि हम शुरुआत से ही बच्चों को सिखायेंगे तो वे धीरे-धीरे सीख जायेंगे। इसके लिये आपको भी समय का पाबंद होना पड़ेगा। अगर बच्चा आपको हर काम समय पर करते देखेगा तो वह भी हर काम समय पर करने की कोशिश करेगा। आप उसे कह सकते हैं कि उसे खेलने जाने को तभी मिलेगा, जब वह अपना स्कूल का काम पूरा कर लेगा।
ब्रश करने की आदत डालें
यह काम थोड़ा मुश्किल होता है। सुबह के समय तो बच्चा ब्रश करने को मान जाता है लेकिन रात के वक्त जल्दी तैयार नहीं होता। इसके लिये आप उसे तरह-तरह की कहानियां बनाकर सुनायें जैसे कि ब्रश उसके मुंह में रहने वाले कीटाणुओं की कैसे पिटाई करता है। या फिर ब्रश को उसका फेवरेट कार्टून कैरेक्टर बना दें। आप भी उसके साथ ब्रश करें और दायें–बायेंे हाथ घुमाकर ब्रश के मूवमेंट सिखायें।


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