घर बुलाएं माखनचोर !    बच्चों को ऐसे बनाएं राधा-कृष्ण !    करोगे याद तो ... !    घटता दबदबा  नायिकाओं का !    हेलो हाॅलीवुड !    चैनल चर्चा !     हिंदी फीचर फिल्म : फेरी !    सिल्वर स्क्रीन !    अनुष्का की फोटो पर बवाल !    हेयर कलर और कट से गॉर्जियस लुक !    

फ्लैशबैक

Posted On August - 10 - 2019

हिंदी फीचर फिल्म फरार
शारा
‘फरार’ देवानंद की गीता बाली के साथ अंतिम फिल्म थी। बेशक ‘पॉकेटमार’ इसके साल बाद रिलीज हुई थी लेकिन उसका निर्माण ‘फरार’ से पहले हुआ था। बतियाती आंखों वाली गीता बाली की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री, जितनी देवानंद के साथ दिखती है, उतनी किसी अन्य हीरो के साथ नहीं। याद कीजिए दोनों की पहली फिल्म ‘बाज़ी’ का यह गाना ‘खुद पे भरोसा है तो दाव लगा ले।’ पाठक जानते होंगे कि गीता बाली याहू हीरो शम्मी कपूर की पत्नी थी, जिनका छोटी ही उम्र में निधन हो गया था। शम्मी कपूर ने दूसरी शादी की थी। ऑन स्क्रीन खुद देवानंद भी गीता बाली के साथ काफी सहज महसूस करते थे। यह बात उन्होंने अपनी पुस्तक में भी स्वीकारी है। गोवा से आते हुए ‘जाल’ फिल्म की शूटिंग के दौरान जब उनका एक्सीडेंट हो गया तो उन्हें अस्पताल में काफी दिन गुज़ारने पड़े थे, तब देवानंद ने गीता बाली को बेहद करीब से जाना था कि वह अदाकारा के अलावा बेहतरीन इनसान भी हैं। इस फिल्म में वह होटल में डांसर बनी हैं। डांस करते हुए उनकी अदाओं पर कौन दर्शक नहीं मरना चाहेगा? गीता बाली के कातिलाना डांस की कोरियोग्राफी जोहरा सहगल ने की थी, जो अपने समय की जानी-मानी नृत्यांगना तथा अदाकारा रह चुकी हैं। वह भी उदय शंकर के डांस ट्रूप की सक्रिय सदस्य रह चुकी हैं। नाटकों में अभिनय की पारंगता उन्हें पृथ्वी राज कपूर के नजदीक लायी। जोहरा ने उस ज़माने में जाति-वर्ग के बंधनों को धता बताकर हिन्दू युवक कमलेश्वर सहगल से शादी की थी। जो पाठक फिल्म देखेंगे, वे समझ जाएंगे कि उनके नृत्य के स्टैप्स में कौन बोल रहा है? फणी मजूमदार, कैफी आज़मी, देवानंद, गीता बाली, जोहरा सहगल आदि फैक्टर्स काफी हैं ‘फरार’ फिल्म को सफल बनाने में। चूंकि फरार के नाम से पहले भी तीन फिल्में बन चुकी हैं, इसलिए सेंसर बोर्ड के एतराज़ के कारण इसके नाम में थोड़ी-सी तबदीली की गयी, बड़े फोंट में फरार लिखकर उसके ऊपर छोटे फोंट में ‘देवानंद इन गोवा’ लिख दिया। इससे पहले और बाद में भी फरार के नाम से फिल्में बनीं और बॉक्स ऑफिस पर सफल भी रहीं। लव ट्रायंगल पर बनी अमिताभ बच्चन की फिल्म फरार पाठकों को नहीं भूली होगी, जो 1975 में रिलीज हुई थी। शर्मिला टैगोर के साथ इस फिल्म में संजीव कुमार भी थे। गुलज़ार की पटकथा पर बनी वह फिल्म अपने गीतों के कारण भी खासी चर्चित रही थी। ‘मैं प्यासा तुम सावन’ इसी फरार का गीत था। यूनीक पिक्चर्स के बैनर तले बनी इस फिल्म में देवानंद रोमांटिक हीरो से इतर क्रांतिकारी की भूमिका में हैं (यह बात अलग है कि बाद में उन्हें किसी डांसर से इश्क हो जाता है)। फिल्म का काल स्वतंत्रता पूर्वक दिखाया गया है, जब देश को आज़ाद कराने की जद्दोजहद चल रही थी। गोरा बने देवानंद के नेतृत्व में कुछ क्रांतिकारियों का ग्रुप समुद्री जहाज से गोवा पहुंच जाता है। गोवा में तब पुर्तगाली लोगों का शासन था और इसे एक तरह से फॉरेन कंट्री ही कहा जाता था। इस क्रांतिकारी दल में पूनम नामक महिला भी है, जिसके पति विपिन को गोरा भरी अदालत में गोली मारकर घायल कर देता है क्योंकि वह पुलिस की मुखबरी करता है। इस भागदौड़ में गोरा को भी गोली लग जाती है, जिसका इलाज डॉ. पिल्ले (मनमोहन कृष्ण) करते हैं, जिनकी पृष्ठभूमि भी क्रांतिकारी है। घायल होने के बावजूद गोरा अपने मिशन को पूरा करने के लिए बाजिद है। वह बम बनाने की फैक्टरी लगाना चाहता है, जिसमें अंतत: किट्टी बनी गीता बाली सहयोगी बनती है। किट्टी ही पुलिस की आंखों में धूल झोंकती है। लेकिन विपिन ऐन मौके पर पहुंच कर उस जहाज को तबाह कर देता है, जिसमें बमों के बॉक्स रखे थे, जिसमें पूनम भी मारी जाती है। मगर, एक अन्य नाव में सवार होकर गोरा साथियों सहित बम्बई भाग जाता है, जहां किट्टी भी पहुंच जाती है। फिल्म में देवानंद क्रांतिकारी की भूमिका में खूब जंचे हैं। वह जिस शिद्दत से लवर ब्वॉय की भूमिका निभाते हैं, एक आदर्शवादी देशभक्त के किरदार को उन्होंने खूब जीया है। ब्लैक एंड व्हाइट में बनी इस फिल्म की अधिकांश शूटिंग गोवा में हुई थी। महमूद कैमियो रोल में हैं। कहानी में कहीं भी बिखराव नहीं है। कुल मिलाकर यह एक अच्छी फिल्म है।
निर्माण टीम
प्रोड्यूसर : तारा आनंद व प्रदीप
निर्देशक : फणी मजूमदार
पटकथा : कृष्ण चंद्र
मूलकथा : फण्टो मजूमदार
गीतकार : अली सरदार जाफरी, कैफी आज़मी, प्रेम धवन
संगीतकार : अनिल बिस्वास
सिनेमैटोग्राफी : वी. रतरा
सितारे : देवानंद, गीता बाली, जॉनी वाकर, महमूद, के.एन. सिंह

गीत
जी भर के प्यार कर लो : गीता दत्त
हर एक नजर इधर उधर : गीता दत्त
दिल चुरा लूं : गीता दत्त
प्यार की दास्तां तुम सुनो : लता मंगेशकर, हेमलता मुखर्जी
एक रात की यह प्रीत : गीता दत्त
आया आया बम्बई वाला : अनिल बिस्वास


Comments Off on फ्लैशबैक
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.