उन्नाव पीड़िता के लिए निकाला कैंडल मार्च !    श्रमिकों के शवों का पुलिस ने करवाया पोस्टमार्टम !    पेंशनर्स की मांगों की होगी पैरवी : भाटिया !    धोखाधड़ी से उड़ाया 20 लाख से भरा बैग !    सुभाष कुहाड़ बने जाट सभा के प्रधान !    ट्रक चालक को बंधक बनाकर लूटा !    10 माह बाद भी पुलिस हाथ खाली !    ट्रक-कार में भीषण टक्कर, एक मरा !    हसला ने डिप्टी सीएम के सामने रखी समस्याएं !    ‘वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 5% से कम रहेगी’ !    

चतुराई, बुद्धिमानी और ज्ञान

Posted On August - 12 - 2019

निशांत मिश्रा

चतुराई, बुद्धिमानी और ज्ञान : ये तीनों एक जैसे ही प्रतीत होने वाले शब्द हैं लेकिन इनमें सूक्ष्म अंतर है। इसका पता कैसे चलता है? घर में दो-तीन छोटे बच्चे हों तो एक साधारण सा प्रयोग किया जा सकता है। एक डिब्बे में कुछ टॉफ़ी या कैंडी भरकर किचन में ऊपर की शेल्फ़ में रख दिया जाए जहां बच्चों की पहुंच न हो। फिर उनसे पूछा जाए कि वे टॉफ़ी कैसे निकालेंगे। सबसे पहले तो वे यह कहेंगे कि कुर्सी रखकर किचन के प्लेटफ़ॉर्म पर चढ़कर टॉफ़ी निकाली जा सकती है। यह चतुराई है। फिर उनसे कहिए कि वे कुर्सी का इस्तेमाल नहीं कर सकते। उन्हें किसी दूसरे ऑप्शन के बारे में सोचने के लिए कहिए। वे कई तरह के उपाय खोजेंगे। वह विकल्प भी हटा लीजिए। क्या और कोई विकल्प बचे हैं? आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि बच्चे टॉफ़ी पाने के लिए कितनी तरकीबें लगा सकते हैं। जी हां! ऐसी तरकीबें कि आप हैरान हो जाएंगे। असल में यह बुद्धिमानी है। और ज्ञान? इसे अब आसानी से समझाया जा सकता है। भले ही आपके पास हर तरह का उपाय करके टॉफ़ी पाने के पर्याप्त उपाय हों लेकिन विनम्रता से टॉफ़ी मांग लेने की समझदारी ही ज्ञान है।
चतुर व्यक्ति यह जानता है कि किसी परिस्थिति से कैसे बाहर निकला जाए जबकि ज्ञानी व्यक्ति यह जानता है कि उस परिस्थिति में पड़ने से कैसे बचा जाए। चतुर व्यक्ति समस्याओं के समाधान खोजते हैं। बुद्धिमान व्यक्ति उन समस्याओं को समझते हैं। ज्ञानी व्यक्ति हमें यह बता सकते हैं कि जिसे हम समस्या मानकर चल रहे हैं, वह वास्तविकता में समस्या है भी या नहीं। चतुर व्यक्ति प्रतिक्रिया करते हैं। बुद्धिमान व्यक्ति कार्रवाई के लिए स्वयं को पहले से ही तैयार रखते हैं। ज्ञानी व्यक्ति यह जानते हैं कि भूतकाल या वर्तमान की किन घटनाओं के भविष्य में क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं। बुद्धिमानी इस बात में है कि आप अपनी कला, विद्या या कौशल का किस प्रकार उपयोग करके वांछित परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। सही-गलत, उचित-अनुचित, धर्म-अधर्म में भेद का बोध होना और उसे महत्तर उद्देश्य के लिए चतुराई और बुद्धिमत्ता के साथ उपयोग करना ही ज्ञान है। हमारे शास्त्रों और अन्य धार्मिक पुस्तकों में भी अनेक ऐसे प्रसंग आते हैं जहां हम बुद्धिमानी, चतुराई और ज्ञान के संबंध में तमाम तर्क-वितर्क देखते हैं। कभी उसके परिणाम तो कभी उसकी परिणति के बाद इस पर हमारे ज्ञान चक्षु खुलते हैं।
साभार : हिंदीजेन डॉट कॉम


Comments Off on चतुराई, बुद्धिमानी और ज्ञान
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.