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घर बुलाएं माखनचोर

Posted On August - 24 - 2019

दीप्ति अंगरीश

इस बार कृष्ण जन्माष्टमी की सेलिब्रेशन इतनी अनूठी करें कि आपके घर ताउम्र आनंद बरसे। अनूठी का मतलब वस्त्र से लेकर पूजा रूम में चमक-धमक वाले कपड़ों में सजे बाल गोपाल तक सीमित नहीं रखें। बाल गोपाल इतने नटखट हैं कि एक जगह कहां टिक कर बैठते हैं। ऐसे में उनका स्वागत करें अपने आशियाने में ताकि माखनचोर किसी की मटकी न फोड़ दें।

झूले की सजावट
इस बार पूजा रूम के बजाय कान्हा का पालना आप लिविंग रूम में रखें। स्थापित करने के बाद पालने से लेकर दीवारों को कृष्ण भक्ति से सराबोर करें। इसमें मोर पंख, फूलों, बांसुरी, तोरण, आम के पत्तों का तोरण आदि का प्रयोग करें। झूले को गेंदे के फूल से सजाएं। कमरे की चौखट और दीवारों को फूलों की माला से सजाएं। सबसे खास कान्हा जी को चटक रंगों वाले कपड़े पहनाएं। जहां तक हो सके डेकोरेशन को ईको फ्रेंडली रखें।

वॉल डेकोर
खास दिन पर खास डेकोर होनी चाहिए। अगर आप घर में कान्हा का जन्मदिन मना रहे हैं तो दीवारों पर भी हैप्पी फीलिंग आनी चाहिए। इसके लिए पूजा रूम और लिविंग रूम की दीवारों पर कृष्ण के मोहक रूपों वाले वॉल हैंगिंग लटकाएं। यदि यह हैंगिंग पारंपरिक लोक कलाओं वाले हों तो अच्छा रहेगा। यदि इतने कम समय में पारंपरिक वॉल हैंगिंग उपलब्ध नहीं हो तो आप अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करते हुए शीशे, पैच, सितारे, घंटियां, मोती, गोटा, किनारी आदि का प्रयोग करते हुए इसे खुद बनाएं।

दरवाजे को सजाएं
कम से कम कृष्ण जन्माष्टमी पर घर के मुख्य द्वार को सजाएं। आखिर कान्हा जी यहीं से चुपके से आपके घर में आएंगे। साथ ही कृष्ण जन्माष्टमी से ही फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो जाती है। दरवाजों को तोरण के अलावा डोर हैंगिंग से सजाएं। कई डोर हैंगिंग्स में सांवली मूरत को आर्टवर्क और स्टिचिज़ से उभारा जाता है। मुख्य द्वार, लिविंग रूम या पूजा रूम के दरवाजों के दोनों छोर शीशे, मोती, रंगबिरंगी, मोटिफ वाली मटकियां रखें। इनमें मक्खन की जगह रूई भरें। साथ ही कान्हा की गायों को रखना नहीं भूलिए। इन दिनों बाजार में डोर हैंगिंग्स में कृष्ण जन्माष्टमी के चिन्ह जैसे मोरपंख और बांसुरी मिलते हैं। घर को कृष्णमय करने के लिए दरवाजे के बाहर सांवली मूरत का कटआउट सजाएं।

पूजा रूम भी सजाएं
घर में पूजा घर को अलग-अलग थीम से सजाया जाता है। अगर घर में छोटे बच्‍चे हैं तो लोग उन्‍हें भी छोटे कृष्‍ण और राधा जी के अवतार में सजाते हैं। पूजा रूम को ताजे फूलों और देसी घी के दीयों से सजाएं। यकीन मानिए प्रकृति के समावेश से कान्हा जी खुश हो जाएंगे। इस बार की कृष्ण जन्माष्टमी की डेकोरेशन अलग होनी चाहिए। इको फ्रेंडली डेकोर।
जिस चौकी या पालने पर आप कान्हा जी को स्थापित करें, उस पर चटक रंगों वाले पांरपरिक कला वाले कपड़े का प्रयोग करें। मसलन लहरिया, बंधेज या चुनरी प्रिंट के कपड़े को गोटा या किनारी या लटकन या सितार-सोसकी आदि से सजाएं।

श्रीकृष्ण को चमेली के फूल पसंद
पूजास्थल के पीछे की दीवार को ढकने के लिये आप चमकदार और अलग-अलग रंगों के पर्दों या साड़ी का प्रयोग कर सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण को चमेली का फूल काफी पसंद था, इसलिए आप चमेली की माला का प्रयोग कर सकते हैं। अगर घर में आपके छोटे बच्चे हैं तो आप उन्हें कान्हा या राधा के रूप में सजा सकते हैं।
पूजा स्थल को साफ करके आप कान्हा जी मूर्ति स्थापित करके वहां फूल माला से उसे सजा सकते हैं। सजावट के लिये गेंदे और गुलाब के फूलों का प्रयोग कर सकते हैं। बाल गोपाल के साइज का कपड़ा खरीदें और उसके साथ गहने, गले का हार, मुकुट और बांसुरी भी खरीदें। कई घरों में श्रीकृष्‍ण जी का खुद का सिंहासन होता है, जिसे आप सुंदर कपड़े और फूलों से सजा सकते हैं।


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