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सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार

Posted On July - 20 - 2019

रूबरू/सिमरन परींजा

धर्मपाल
सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के नये शो ‘इशारों इशारों में’ की लीड एक्ट्रेस सिमरन को उम्मीद है कि उनके द्वारा निभाया जा रहा ‘गुंजन’ का किरदार दर्शकों के दिल में अपनी जगह बनाएगा। वहीं इससे दर्शकों का एक बेहतरीन पारिवारिक मनोरंजन होगा। सिमरन परींजा के साथ खास बातचीत :-
यह किरदार कितना अलग होने वाला है?
‘इशारों इशारों में’ मेरी भूमिका उन भूमिकाओं से काफी अलग है, जिन्हें मैंने अपने पिछले शो और फिल्मों में निभाया है। वास्तव में अपने किरदार गुंजन को पर्दे पर लाने के लिए बेहद उत्सुक हूं। गुंजन का एक अंतर्मुखी व्यक्तित्व है और अपने माता-पिता की आज्ञाकारी है। गुंजन एक प्यारी-सी लड़की है, जो योगी की ही सोसायटी में रहती है। उनकी कहानी कैसे सामने आती है, इसे दर्शक देखना पसंद करेंगे। ‘इशारों इशारों में’ एक मूक-बधिर व्यक्ति योगी की प्रेम-कहानी है।
आपने गुंजन के किरदार को क्यों चुना?
जब मुझे इस किरदार के बारे में बताया गया था तो गुंजन और अपने बीच बहुत समानताएं पाईं। गुंजन, एक ऐसी लड़की है जो आमतौर पर खुद को व्यस्त रखती हैं और अपने काम से काम रखती है। अपने आप में खोए रहने का आनंद लेती है और वह अपनी बनाई दुनिया में खुश है। वह परिवार द्वारा निहित आदर्शों पर विश्वास करती है, उनका पालन करती है और सारे फैसले अपने माता-पिता के लिए छोड़ देती है। मुझे पता था कि मैं इस किरदार के साथ न्याय कर सकती हूं।
किरदार के लिए कोई विशेष तैयारी कर रही हैं?
शो के लिए खुद को तैयार करने का सफर मेरे लिए एक रोलर कोस्टर की सवारी होने जैसा रहा है। यह ध्यान में रखते हुए कि योगी एक मूक-बधिर व्यक्ति है और सांकेतिक भाषा में बातचीत करता है। मेरे लिए भी यह आवश्यक है कि मैं इशारों पर काम करूं। इस वजह से, ऐसे कई पहलू हैं, जिनके साथ हमें हर दिन काम करना होता है। जरूरी बातों को समझने के लिए, बहुत-सी फिल्में देख रही हूं और कलाकारों के साथ सांकेतिक भाषा में बातचीत कर रही हूं ताकि वे मुझे समझ सकें। हालांकि, यह चुनौतीपूर्ण है, पर असंभव काम नहीं है।
2 साल बाद टीवी स्क्रीन पर वापसी कर रही हैं ? कैसा लगता है?
टीवी पर वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। भले ही मैं टॉलीवुड उद्योग में काम कर रही थीं, लेकिन मैंने कभी टेलीविजन नहीं छोड़ा। यही वह माध्यम है, जहां से मेरे करिअर की शुरुआत हुई थी। जब मैं टॉलीवुड में काम कर रही थीं, तब मैंने उन 12 घंटों की शिफ्ट को याद किया। जब ‘इशारों इशारों में’ मेरे पास आया तो लगा कि कॉन्सेप्ट आकर्षक है और यह ऐसा कुछ था, जिसे मैंने कभी नहीं देखा था। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हूं।
आपको टीवी और फिल्मों के बीच क्या पसंद है?
मुझे दोनों पसंद हैं। फिल्मों के साथ समस्या यह है कि मैं अपने परिवार के बिना नहीं रह सकती इसलिए हैदराबाद या होटलों में रहना कठिन था। मैं पूरी पंजाबी हूं और दक्षिण भारतीय भाषा बोलना भी मेरे लिए कठिन था, लेकिन मैंने फिल्म निर्माण के काम का पूरा आनंद लिया।
हालांकि, अगर मुझे दोनों के बीच चयन करना होगा तो मैं टेलीविज़न चुनूंगी क्योंकि मैं अपने माता-पिता के साथ रहूंगी और उनकी देखभाल करूंगी और शूटिंग के बाद हर दिन उनके साथ समय बिताऊंगी।
‘इशारों इशारों में’ की कास्ट बहुत बड़ी है। इसका हिस्सा बनना कैसा लगता है?
जब मैंने कास्ट और अभिनेताओं के बारे में सुना, जिनके साथ मुझे काम करने का मौका मिलेगा तो एक रोमांचक अहसास था। मुदित नायर, स्वाति शाह, किरण करमारकर, सुधीर पांडे, सुलभा आर्य और अन्य के साथ काम करना, सीखने का कुछ बेहतरीन अनुभव होने वाला है। सुधीर जी, स्वाति शाह, सुलभा जी और किरण सर जैसे दिग्गज कलाकारों को देखते हुए, मुझे लगता है कि मैं ज्यादा से ज्यादा सीखूंगी। मैं ऐसे खुशहाल परिवार का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस करती हूं।


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