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मेहमानों के प्रति सम्मान

Posted On July - 7 - 2019

मोनिका अग्रवाल

जीवन के विभिन्न पड़ावों पर चाहे बाल्यावस्था हो या वृद्ध अवस्था, शिष्टाचार बहुत ज़रूरी है। इन सब पड़ावों पर इसके अलग-अलग रूप भी सामने आते हैं। इन्हीं रूपों में से एक है मेहमानों के प्रति शिष्टाचार। भारतीय समाज शुरू से मेहमानों को भगवान का दर्जा देता आया है। इसलिए तो कहा गया है ‘अतिथि देवो भव:’। हम बात कर रहेे हैं मेहमान से जुड़े हुए सामान्य शिष्टाचार की, जो कि आज के समय में बहुत ज़रूरी है।

  • आप दरवाजा खोलें और सामने मेहमान खड़ा हो तब आप क्या करेंगे? मेहमानों का मुस्कुराते हुए स्वागत करेंगे या उनके आने पर नाक-भौं सिकोड़ेंगे? भले ही मेहमान बिन बुलाए आये हों पर स्वागत मुस्कुरा कर करें।
  • यदि मेहमान के आने की पहले से जानकारी है तो कोशिश करें कि उनसे उनका पूरा प्रोग्राम भी पहले से पता कर लें। मालूम करें कि वह किस प्रकार आ रहे हैं। यदि वह कहीं बाहर से आ रहे हैं तो कोशिश करें कि उनको लेकर आएं।
  • मेहमानों का अभिनंदन करें और बच्चों से भी उनको हाथ मिलाकर, पैर छूकर या नमस्ते कहकर स्वागत करने के लिए कहें।
  • मेहमान को आदर के साथ फिर गर्म या ठंडा पूछें। यदि वह कुछ दिनों के लिए रुकने आए हैं तो खुश होकर इस बात का स्वागत करें। मेहमान को उनके रहने का कमरा दिखाएं।
  • घर आये अतिथि का सत्कार करना चाहिए न कि उसके सामने परिवार के किसी सदस्य की बुराई या अपनी तारीफों के पुल बांधने चाहिए।
  • मेहमान को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो, न ही आपकी तरफ से किसी आये हुए मेहमान का अपमान हो या दिल दुखे।
  • ध्यान रखें, यदि आपके विचार और आपके मेहमान के विचार आपस में मेल नहीं खाते या आपके रीति-रिवाज घर आए मेहमान से अलग हैं तो इस बात को लेकर न ही उनका मजाक बनायें, न ही उनसे अशिष्ट व्यवहार करें।
  • बहुत से घरों में देखा गया है कि घर आये मेहमान को अकेले खाना खिलाया जाता है और घर का कोई भी सदस्य उनके साथ में नहीं बैठता। यह अशिष्टता की निशानी है। अगर आप उस समय खुद नहीं बैठ सकते तो घर के किसी न किसी सदस्य को मेहमान के साथ बैठाकर खाना खिलाएं।
  • घर आये मेहमान को जितनी भूख होगी वह खा लेगा। उसके साथ खाने की टेबल पर ज़ोर ज़बरदस्ती न करें।
  • यदि वे बच्चों से कुछ सवाल करते हैं तो आप बीच में न बोलें। बच्चे को खुद जवाब देने दें और यदि वह आपसे कोई सवाल करता है तो आराम से मुस्कुराते हुए जवाब दें। इस बात का यह भी मतलब नहीं है कि आप उसके उचित और अनुचित हर सवाल का जवाब दें।
    यदि आप किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहते तो मुस्कुराते हुए वहां से हट जाएं या चुप हो जाएं वे समझ जाएंगे।
  • घर में मेहमानों के रहते हुए अपने छोटे बच्चों या आपसी झगड़ों को बिना शोर मचाए चुप रहकर निपटाएं। मेहमानों के सामने आपसी तकरार अशिष्टता की निशानी है।
  • घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें, कहीं ऐसा न हो कि आप मेहमान के सामने उसकी ज़रूरत की चीज उसको न दें पाएं। इसलिए चीजों को संभाल कर रखें।
  • खाने के समय मेहमान की पसंद-नापसंद का ध्यान रखते हुए खाना बनाएं। यदि आपने स्वयं किसी मेहमान को या मेहमानों को घर पर खाने के लिए आमंत्रित किया है तो पहले से ही खाना तैयार रखें।

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