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प्रशासन ने सुखना लेक को घोषित किया वैटलैंड

Posted On July - 24 - 2019

चंडीगढ़ स्थित पंजाब राजभवन में मंगलवार को यूटी वैटलैंड अथॉरिटी की बैठक की अध्यक्षता करते प्रशासक वीपी सिंह बदनोर। -मनोज महाजन

चंडीगढ़/पंचकूला, 23 जुलाई (नस)
सुखना वैटलैंड का संरक्षण करने के लिए अब पंजाब और हरियाणा मिल कर यूटी का सहयोग करेंगे। मंगलवार को यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनोर की अध्यक्षता में हुई वैटलैंड्स अथॉरिटी की दूसरी बैठक में सर्व सम्मति से सुखना लेक को (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम 2017 के तहत वैटलैंड घोषित करने करने का फैसला किया गया है। सुखना लेक की 565 एकड़ भूमि को वैटलैंड के रूप में जलग्रहण एरिया के रूप में संरक्षण देने पर सहमति बनी है।
चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के अलावा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रतिनिधि और भारतीय वन्य जीव संस्थान, देहरादून के अधिकारियों के प्रतिनधि बैठक में शामिल हुए। हरियाणा और पंजाब से सदस्य विशेष रूप से आमंत्रित किए गए थे। इस अवसर पर प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा व अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।
पारिस्थिकीय महत्व पर दिया बल
वीपी सिंह बदनोर ने सुखना को वैटलैंड घोषित करने के लिए पारिस्थिकीय महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से सरकार का प्रतिनिधित्व करने की बात कही।
मुख्य वन संरक्षक ने दी प्रस्तुति
बैठक में मुख्य वन संरक्षक देवेंद्र दलाई ने वैटलैंड (आर्द्रभूमि) पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि सुखना वैटलैंड का एरिया 565 एकड़ भूमि में फैला हुआ है जबकि कैचमेंट एरिया 10395 एकड़ में है। इसमें हरियाणा की 2525 एकड़ और पंजाब की 684 एकड़ जमीन शामिल है। उन्होंने वैटलैंड के साथ कैचमेंट एरिया में तकनीकी समिति की प्रतिबंधित, विनियमित और प्रचारित गतिविधियों को सूचीबद्ध करने वाली सिफारिशों के बारे में जानकारी दी। कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत सुखना लेक की 565 एकड़ भूमि को वैटलैंड के जलग्रहण एरिया के रूप में संरक्षण देने पर सहमति बनी है।


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