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केरल देश का पहला डिजिटल गार्डन

Posted On July - 7 - 2019

कुमार गौरव अजीतेन्दु
देश का पहला डिजिटल गार्डन केरल में बनाया जा रहा है। इसके लिए राजभवन स्थित 21 एकड़ के क्षेत्र में फैले कनककुन्नु गार्डन में जितने भी पेड़ हैं, सभी को क्यूआर कोड दिया जा रहा है। स्मार्टफोन के ज़रिए पेड़ों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर उसकी पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है। इसमें पेड़ों की प्रजाति, उम्र, बॉटेनिकल नाम, प्रचलित नाम, पेड़ों पर फूल खिलने का मौसम, फल आने का मौसम, चिकित्सा और अन्य इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी तुरंत हासिल हो जाएगी। गार्डन में पेड़ों की 126 प्रजातियां हैं, जिन्हें डिजिटल फॉर्मेट में डाला गया है। इस गार्डन को विकसित करने में केरल विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. ए. गंगाप्रसाद और अखिलेश नायर ने मुख्य रूप से योगदान दिया है। कनककुन्नु गार्डन में हजारों पेड़ हैं, जिनमें से 600 पेड़ों पर क्विक रिस्पांस यानी क्यूआर कोड लगाया जा चुका है। शेष पर कोडिंग का काम जारी है। अमेरिका और जापान जैसे देशों में पेड़ों पर क्यूआर कोड या माइक्रो चिप अनिवार्य रूप से लगाई जाती है। क्यूआर कोड की वजह से रोजाना सैर करने वालों के साथ-साथ पर्यटकों में भी पेड़ों के प्रति जागरूकता बढ़ती है। दिल्ली के लुटियंस जोन स्थित लोधी गार्डन के पेड़ों पर क्यूआर कोड सबसे पहले लगाए गए थे। इसका उद्देश्य था कि लोगों को पुराने पेड़ों के बारे में अधिक जानकारी मिले। यहां करीब 100 से ज्यादा पेड़ों पर कोडिंग की गई है, जिन पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, उनमें से कई पेड़ों की उम्र सौ साल से अधिक है। गार्डन में कई औषधीय गुणों वाले पौधे भी हैं।
ड्राइविंग आसान बनाते विंडशील्ड वाइपर डिवाइस
बारिश का मौसम आ चुका है। इस मौसम में टू-व्हीलर की ड्राइविंग को आसान बनाने के लिए अब मार्केट में कई तरह के हेलमेट आ चुके हैं। ये हेलमेंट वाटरप्रूफ हैं। वहीं, कुछ में वाइपर लगे हैं, जो पानी को ग्लास से हटाने का काम करेंगे। बताते हैं ऐसे ही कुछ हेलमेट और डिवाइसेज़ के बारे में :-
ड्राइविंग विज़न फॉर राइडर्स
ये एक ब्लूटूथ डिवाइस है, जिसे रेनपाल कंपनी ने डिज़ाइन किया है। इस डिवाइस को स्मार्टफोन से कनेक्ट करके किसी भी हेलमेट में फिक्स किया जा सकता है। डिवाइस के अंदर बिल्ट-इन रिचार्जेबल बैटरी है, वहीं इसमें एक पतला-सा वाइपर है, जो हेलमेट के ग्लास से पानी हटाता है। इसकी कीमत लगभग 8,300 रुपए के करीब है।
वाटरप्रूफ हेंड्सफ्री हेलमेट
स्टीलबर्ड कंपनी के इस हेलमेट का मॉडल नंबर एसबीए-1 एचएफ है। इससे हैंड्सफ्री कॉलिंग की जा सकती है। इस हेलमेट के अंदर 2 स्पीकर्स और माइक हैं। खास बात है यह है कि स्पीकर फोन की बैटरी से ही ऑपरेट होते हैं। इसमें जो माइक दिया है, वह सिर्फ राइडर की आवाज़ पकड़ता है। यदि आप हेलमेट में म्यूजिक सुन रहे हैं तब आपको बाहर की आवाज या हॉर्न अंदर सुनाई देगा। ये पूरी तरह वाटर और डस्टप्रूफ है। कंपनी का कहना है कि यदि ये 6 घंटे भी पानी में रहेगा तब भी इसके स्पीकर और माइक को कुछ नहीं होगा। इसकी कीमत फिलहाल 2500 रुपये के आसपास है।
फिंगर हेलमेट वाइपर
इस डिवाइस को उंगली में पहना जाता है। यह एक छोटा-सा वाइपर है, जिससे ग्लास का पानी पूरी तरह क्लीन हो जाता है। इस डिवाइस की खास बात है कि ये उंगली में पूरी तरह फिक्स हो जाता है, यानी हेलमेट से पानी हटाने के लिए इसे बार-बार पहनने की ज़रूरत नहीं होती। इसकी ऑनलाइन कीमत 100 रुपये के करीब है।
हेलमेट वाइज़र शील्ड वाइपर
यह शील्ड वाइपर डिवाइस है, जिसे किसी भी हेलमेट पर फिक्स किया जा सकता है। यह डिवाइस वाटप्रूफ है। इसमें एक वाइपर फिक्स किया गया है, जिसे एक रिमोट से कंट्रोल किया जाता है। यह रिमोट वॉच के डिज़ाइन वाला है, जिससे वाइपर की स्पीड को कम-ज्यादा किया जा सकता है। वाइपर हेलमेट के ग्लास से बारिश की बूंदों को हटाता है, जिससे विजि़बिलिटी बनी रहती है और ड्राइविंग आसान बन जाती है। इसकी कीमत करीब 8 हज़ार रुपये से शुरू हो जाती है।


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