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ऑनलाइन रेपुटेशन

Posted On July - 7 - 2019

रमा गौतम
सोशल नेटवर्किंग साइट्स के शुरुआती दौर में इन्हें केवल किशोरों के मनोरंजन का साधन माना जाता था, मगर, अब ये सोशल साइट्स व्यवसाय और प्रोफेशनल रिलेशनशिप मेंटेन करने में भी भूमिका निभा रही हैं। आप सोचेंगे कि ऐसा भला कैसे हो सकता है?
जरा सोचें, जब आप किसी ओपन प्लेटफॉर्म पर किसी राजनीतिक-सामाजिक मुद्दे पर अच्छी या बुरी टिप्पणी करते हैं तो इससे आपकी सोच का पता चलता है। आपकी इसी सोच के चलते कंपनियों को सोशल साइट्स पर आवेदकों के कंटेंट से उनको समझने का मौका मिल जाता है। अपनी प्रोफाइल पर कुछ लोग बेवजह के पोस्ट करते हैं, वहीं कुछ लोग अपने काम और देश-दुनिया की गतिविधियों पर अपने विचार रखते हैं। इसलिए अच्छे विचार और अच्छा काम करने वाले लोग नियोक्ताओं को प्रभावित करते हैं। यही आज के इस दौर में सोशल इमेज का बड़ा फंडा माना जाने लगा है।
सवाल नौकरी का
सोशल साइट्स अब सिर्फ दोस्ती बढ़ाने का साधन नहीं रहीं, बल्कि इन पर बने ऑनलाइन प्रोफाइल कार्यक्षेत्र में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। दरअसल, सोशल साइट्स पर पोस्ट किए गए आपके स्टेट्स और फोटो के आधार पर आपकी ऑनलाइन इमेज बनती हैं। इसी फंडे को ध्यान में रखते हुए आज लोग अपनी ऑनलाइन इमेज को स्पेशल बनाने के लिए खास तवज्जो देने लगे हैं। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग वेबसाइट रेपलर डॉट कॉम के एक सर्वे के मुताबिक कंपनियों में कर्मचारियों की चयन प्रक्रिया के दौरान 91 प्रतिशत नियोक्ता आवेदकों का ऑनलाइन प्रोफाइल चेक करते हैं। प्रोफाइल पर उपलब्ध कंटेंट के आधार पर 69 प्रतिशत आवेदकों के आवेदन को रिजेक्ट कर देते हैं। वहीं सोशल साइट्स पर बनी साफ-सुथरी छवि 68 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी दिलाने में सहायक साबित हो रही हैं। आलम यह है कि आज 4 में से 3 एचआर मैनेजर किसी नौकरी के लिए कैंडिडेट का चयन करते वक्त सोशल साइट पर मौजूद उसका प्रोफाइल चेक करते हैं।
फैंस के साथ बातचीत
टेक्नोलॉजी के असर से फिल्म इंडस्ट्री भी अछूती नहीं रही है। वे दिन लद गए जब फिल्म स्टार्स मैगजींस के ज़रिये ही उनकी निजी जिंदगी के बारे में जानने को मिलता था। दरअसल, युवा पीढ़ी टेकसेवी है। सोशल मीडिया ने सेलेब्स और दुनिया के बीच इंटरैक्शन के डाइनैमिक्स को पूरी तरह से बदल दिया है। इसलिए अब स्टार्स अपने आॅनस्क्रीन लुक्स या फिल्मों के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं हैं। वे सोशल मीडिया के ज़रिये आॅडियंस से जुड़ रहे हैं। उनकी हर अपडेट, इमेज या वीडियो फैंस की उत्सुकता बढ़ाते हैं। इसी तरह फैंस अपने पसंदीदा सेलिब्रिटी से जुड़े रहते हैं। अब वे सोशल मीडिया पर भी रिकॉर्ड बना रहे हैं। हाल ही में प्रियंका चोपड़ा और शाहरुख खान को सोशल मीडिया पर लोकप्रिय और प्रभावशाली हस्ती के रूप में चुना गया। अमिताभ बच्चन ट्विटर पर सबसे पॉपुलर सेलिब्रिटी हैं, जिनके ट्विटर पर मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
इमेज मेकिंग
पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया का तेज़ी से विस्तार हुआ है और कम समय में ही यह राजनीति और देश की दशा और दिशा को प्रभावित करने की हैसियत पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया के बढ़ते कदमों और ताकत का अहसास राजनीतिक दलों और नेताओं को भी है इसलिए राजनीतिक दल और नेता सोशल मीडिया से लगातार जुड़ रहे हैं और अपनी बात देश की बड़ी आबादी खासकर युवाओं तक पहुंचा रहे हैं। इसलिए चुनावों में सोशल मीडिया की ताकत देखने को मिलती है। राजनीतिक पार्टियां अपनी छवि सुधारने के लिए सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल कर रही हैं। राजनीतिक दल और नेता फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यू ट्यूब, फोटो शेयरिंग वेबसाइट पिंटरेस्ट, फ्लिकर, टंबलर तथा स्टंबल अपान जैसी वेबसाइट्स पर भी दमदार तरीके से अपनी उपस्थिति अपने फॉलोवर्स, कार्यकर्ताओं और जनता के बीच दर्ज कराने की होड़ में लगे हुए हैं।
निगेटिव बनाम पॉजिटिव
सोशल साइट्स पर तर्कपूर्ण पॉजिटिव विचारों से आपकी इमेज तो बनती ही हैं, इनसे कॉरपोरेट और एमएनसी की जॉब पाने में भी आसानी हो सकती है। इसलिए इस ऑनलाइन टूल को मौज-मस्ती का प्लेटफॉर्म बनाने की बजाय यदि इसका पॉजिटिव उपयोग किया जाए तो इससे बेहतर जॉब पाने या जॉब में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं क्योंकि नेटवर्किंग स्ट्रॉन्ग होने से आपकी क्षमता दूसरे भी जान सकते हैं। इससे आपको नए और आकर्षक जॉब आॅफर भी मिल सकते हैं।
एडिक्शन न बन जायें
अगर आपको सही मायने में एक कामयाब प्रोफेशनल बनने की ओर कदम बढ़ाना है और अपनी सोशल इमेज साफ रखनी है तो सोशल साइट्स का इस्तेमाल बुद्धिमानी से करें इसमें आपके लाइक, डिसलाइक, कमेंट या रिस्पांस से पता चलना चाहिए कि आप कितने क्षमतावान और मैच्योर हैं, आप जो भी बात करते-कहते हैं, उसके पीछे कोई न कोई सॉलिड रीज़न होता है। आप इन पर सक्रिय ज़रूर रहें, लेकिन इसके एडिक्ट न बनें। पहले अपने काम को समय से पूरा करने पर ध्यान दें। इसके बाद अगर समय बचता है, तो सोशल साइट्स देखें। दरअसल, यह भी आपके समय के प्रति लगाव को प्रदर्शित करता है।
स्ट्रांग बनें
युवा वर्ग को सोशल नेटवर्क वेबसाइट्स पर कथित तौर पर बनी अपनी इमेज की बहुत चिंता रहती है। इसके लिए वे खुद को बढ़ा-चढ़ाकर भी पेश करते रहते हैं। यहां कूल फिनॉमिना भी बड़ा प्रचलन में है। कोई कितना कूल है, ये उसके फेसबुक पर प्रोफाइल या फोटो से तय किया जाता है। भावनात्मक तौर पर टूटने का खतरा उनमें ज्यादा हो जाता है जो परिवार से दूर हॉस्टल या कमरे लेकर अकेले रहते हैं और नेट पर दोस्ती और रिश्तों को ही अपना सब कुछ मान लेते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि किशोरों के लिए आजकल रियल लाइफ और वर्चुअल लाइफ का भेद मिट गया है। यही वजह है कि पिछले पांच साल में इंटरनेट से जुड़े अवसाद को लेकर आने वाले मरीजों (ज्यादातर 15-25 आयु वर्ग) की संख्या काफी बढ़ी है।
ब्रांड वैल्यू
अब तो एक नया ट्रेंड सामने आया है। अब फिल्म निर्माता अपनी मूवी पर सोशल मीडिया के ज़रिये जनता की राय मांगते हैं और उस राय को आखिरी फैसला मानते हैं। निर्माता अपने फिल्मों के पोस्टर्स चुनने में सोशल मीडिया यूजर्स से मदद ले रहे हैं। अमिताभ बच्चन का ब्लॉग काफी चर्चित है। उसे बड़ी संख्या में लोग पढ़ते हैं। अमिताभ ने इस मीडियम का इस्तेमाल अपने फैंस से जुड़ने के लिए किया है, जिसके चलते आज वह आम आदमी की पहुंच में हैं। ट्विटर के जरिये फिल्म स्टार्स को सामाजिक मुद्दों पर राय रखने में भी मदद मिली है। आलम तो यह है कि आज ट्विटर और फेसबुक पर सेलिब्रिटिज के फॉलोअर्स की संख्या लाखों का आंकड़ा छू रही है। सोशल मीडिया और बॉलीवुड के कॉम्बिनेशन ने मूवी मार्केटिंग के दिग्गजों के लिए चमत्कार कर दिया है। फिल्म का प्रमोशन, डिजिटल पोस्टर्स की पब्लिशिंग या किसी मूवी से जुड़ा कॉन्टेस्ट, बॉलीवुड स्टार्स, प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स सोशल मीडिया के ज़रिए इनकी मार्केटिंग कर रहे हैं।

बुनियादी बातें
हम लिंक्डिन को अक्सर बिजनेस या प्रोफेशनल व्‍यावसायिक मंच मान लेते हैं। लेकिन यह ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां बहुत तेज़ी से आपके साथ बहुत से लोग जुड़ जाते हैं लेकिन प्रोफाइल देखकर। लिंक्डिन पर हैं तो ध्यान रखें कि काम या आपकी किसी एक विशेषज्ञता से न संबंध रखने वाले पोस्‍ट इस पर न डालें और सुनिश्चित कर लें कि इस चैनल पर जो भी पोस्‍ट किया गया है वह सामग्री या आर्टिकल प्रोफेशनल और अप टू डेट हो। ट्विटर पर हैं तो बुनियादी बातों जैसे स्‍पेलिंग और ग्रामर का खास ध्यान रखें। लिंक्डइन. फेसबुक और इंस्टाग्राम यूजर्स के लिए भी यह महत्‍वपूर्ण हैं। फेसबुक पर व्‍यक्तिगत राय ठीक है लेकिन जब बात तस्वीरों की आये तो ध्‍यान रखें कि प्रोफेशनल लुक में इमेज डाली गई हो। प्राइवेसी सेटिंग को केवल दोस्‍तों के लिए रखें। किसी विशेष जॉब के लिए अप्‍लाई कर रहे हों तो किसी अच्छे नेटवर्कर की तरह संबंधित सामग्री पोस्‍ट व शेयर करने के दौरान इसे अपने सभी सोशल प्लेटफॉर्म पर डालें।
बेहतर इमेज से मिलता है लोन भी
सोशल मीडिया में अच्छी इमेज का फायदा केवल आपके व्यक्तित्व तक सीमित नहीं है। आपकी ऑनलाइन इमेज, जहां अच्छी नौकरी दिलाने में मददगार बन सकती है, वहीं कुछ कंपनियां इसे देखकर आपको लोन भी देने लगी हैं। पुणे के एक स्टार्टअप ने यह पहल शुरू की है, जिसे कुछ और कंपनियां भी अपना रही हैं। यहां लोगों की सोशल मीडिया एक्टिविटी देखकर लोन दिया जाता है। अभी तक सभी बैंक लोगों के क्रेडिट स्कोर, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट और इनकम टैक्स रिटर्न को देखने के बाद ही लोन देते थे लेकिन लोनटैप अब केवल संबंधित शख्स के फेसबुक और लिंक्डइन प्रोफाइल, सैलरी और सोशल मीडिया अकाउंट्स देखकर पर्सनल लोन दे रहा है। यह डिजिटल नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी लोन लेने वाले का पर्सनल, प्रोफेशनल और फाइनेंशियल डिटेल्स सर्च करती है, उनका फेसबुक और लिंक्डइन, फ्रेंड लिस्ट, अकाउंट्स की लॉगेविटी, लाइफस्टाइल डिटेल और एक्टिविटी देखती है और उसे लोन का फायदा देने पर विचार करती है। इतना ही नहीं ग्राहक को सुविधा के अनुसार किस्तों के मासिक भुगतान की सुविधा दी जाती है।
ऑनलाइन इमेज इंप्रूव करने के तरीके

  • सोशल नेटवर्किंग साइट्स ऐसी जगह हैं, जहां आप अपनी जो भी छवि बनाना चाहते हैं, बना सकते हो। इसलिए अपनी इमेज और रेपुटेशन को ध्यान में रखकर ही कुछ लिखें।
  • अपने पोस्ट में वर्तनी की गलतियां करने से बचें। व्यक्तिगत बातों को भी इन साइट्स पर लाने से बचें।
  • व्यक्तिगत फोटो व एलबम को लॉक करके रखें।
  • किसी भी ग्रुप को एड करते वक्त देख लें कि उससे संबंधित अन्य लोग कैसी गतिविधियों से जुड़े हैं।
  • अगर आप सोशल साइट्स पर बेहद बिंदास तरीके से खुद को अभिव्यक्त करते हैं और आपका अकाउंट लॉक नहीं है यानी आपके स्टेट्स या कमेंट कोई भी पढ़ सकता है तो आपकी प्रोफेशनल इमेज और करिअर के लिए यह नुकसानदेह हो सकता है।
  • सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपने दोस्तों को भी कभी आपत्तिजनक कमेंट न करें।
  • इन साइट्स पर भी अपने प्रोफेशन से जुड़ी सही बातें ही लिखें, बढ़ा-चढ़ाकर न लिखें।
  • अपने प्रोफाइल को थोड़े-थोड़े समय बाद अपडेट करते रहें।
  • कुछ साफ्ट स्किल्स भी प्रयास कर सीखने की कोशिश करें, जैसे कि कम्युनिकेशन स्किल्स और बॉडी लैंग्वेज की समझ।
  • काम से समय मिलने पर ही इनसे जुड़ें, न कि काम छोड़कर।
  • निगेटिव कमेंट्स या अति-उत्साह में आकर टिप्पणी करने से बचें।
  • ऑनलाइन किसी तरह की विवादास्पद चीजें पोस्ट न करें, न ही ऐसी पोस्ट्स पर कमेंट या शेयर करें।
  • कुछ लोग अपनी अहमियत दिखाने के लिए पर्सनल चैट या ग्रुप चैट को सोशल साइट्स पर शेयर करते हैं, पर आप ऐसा न करें, क्योंकि इसे केवल आपके दोस्त ही नहीं, कई और लोग भी पढ़ेंगे।
  • लाइक या कमेंट सोच-समझकर करें, ताकी उससे आपकी मैच्योरिटी और गहराई का पता चले।
  • खुद को बेहतर तरीके से प्रेजेंट करके सोशल मीडिया का एडवांटेज लेने का प्रयास करें।
  • फाइनेंशियल इंफॉर्मेशन मिले, ऐसे पोस्ट, कमेंट, इमेज या स्टेटस न डालें।

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