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एक स्वच्छता मिशन मोबाइल पर

Posted On July - 11 - 2019

शमीम शर्मा
मैंने अपनी एक पुरानी सहेली को फोन किया कि कल मैं तुमसे मिलने आ रही हूं। जवाब मिला कि कल तो मैं बहुत बिजी हूं, मैंने सफाई करनी है। मैंने सहज भाव से पूछा कि अभी तो दीवाली बहुत दूर है, किसकी सफाई हो रही है? वह चिंतित से स्वर में बोली-यार! मैंने अपने मोबाइल की सफाई करनी है। मेरे मुंह से सहसा निकला-मोबाइल की!! उसका जवाब था-जी हां मोबाइल की, पूरा भर गया है, कचरा निकालना है। तब जाकर यह काम करेगा। मैं सोच में पड़ गई कि बिना वजह के कचरे ने हम सबको गिरफ्त में ले लिया है।
पन्द्रह-बीस दिनों में मोबाइल का मेमोरी कार्ड भर जाता है। इसी मैटेरियल के कारण हर व्यक्ति डरा भी रहता है कि कहीं कोई देख या पढ़ न ले। और फिर एक-एक आर्टिकल, फोटो, वीडियो व चैटिंग पर आंख गड़ा कर मोबाइल की फाइल रूपी नालियों की सफाई करना आवश्यक हो जाता है।
हमारे पूर्वजों की बुद्धिमत्ता की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने स्वास्थ्य और संबंधों को धर्म के साथ जोड़कर लोगों को चार धाम की यात्रायें करने और गंगा स्नान आदि के लिये प्रेरित किया। इसी बहाने लोग जीवन और प्राकृतिक नजारों का आनंद ले लिया करते थे। अब तो सारे धाम और सारी यात्रायें मोबाइल में ही करना मंजूर है पर एक दूसरे से बतियाना और साथ बैठना स्वीकार नहीं है। साथ-साथ बैठे हुए भी सब गुमसुम हैं। घरों की चहल-पहल तेजी से विलुप्त हो रही है और चारों ओर एक सन्नाटा पसरता जा रहा है।
अगर हमारे देश की सरकार फेसबुक और व्हाट्सएप पर डीपी बदलने के लिये मात्र एक रुपया लेना शुरू कर दे तो जल्दी ही भारत विकसित देशों को लोन देने में समर्थ हो जायेगा। वैसे एक अध्यादेश आना चाहिए जो ऐलान करे कि सप्ताह में एक दिन का सबको उपवास करना होगा और उस दिन मोबाइल को स्पर्श भी नहीं करना। एक पखवाड़ा ऐसा होना चाहिये जब टीवी के सभी चैनलों को विश्राम करने को कहा जाये और टीवी पर कोई प्रोग्राम नहीं आना चाहिये ताकि लोग बाहर जा सकें, घूम सकें, मेल-मिलाप कर सकें, बतिया सकें।
बड़े बूढ़ों को जब गुस्सा आता है तो वे अपनी ही सन्तानों को कोसने लगते हैं। आज के दिन उनकी बददुआ है-राम करे तेरा नेट बन्द हो जाये, तेरा मोबाइल नाले में गिर जाये।
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एक बर नत्थू बस मैं चढ़ते ही कंडक्टर तै बोल्या-बीड़ी पी सकूं हूं के? कंडक्टर सुरजा बोल्या- टिकट ले राखी सै के? नत्थू बोल्या-ले राखी है। सुरजा बोल्या- फेर चाहे सल्फास खा ले।


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