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अधिकांश स्कूलों में सफाई कर्मी नहीं, खुल रही स्वच्छता की पोल

Posted On July - 14 - 2019

कैथल के तितरम स्कूल के पास से निकल रहा गंदा नाला। -हप्र

कैथल, 13 जुलाई (हप्र)

जिले में देश का भविष्य गंदगी में है। प्राथमिक विद्यालय हो या हाई स्कूल या फिर सीनियर सेकेंडरी सभी स्कूलों के बाहर वर्षों से सफाई नहीं हुई। इसके बाद भी यहां इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। सफाई कर्मी वर्षों से नहीं हैं, स्कूल के मुख्य द्वार पर झाड़ियां उगी हैं, स्कूल के साथ बह रहे हैं गंदे नाले, स्कूल चारदीवारी के साथ लोग लघुशंका करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ बच्चों का स्तर सुधारने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं, वही देश का भविष्य गंदगी में बैठकर पढ़ने को मजबूर है। स्कूल स्टाफ जैसे कैसे जुगाड़ करके शौचालयों की सफाई करवा रहा है।
पिछले दिनों जाखौली स्कूल के आधा दर्जन से अधिक बच्चे बीमारी भी हो गए थे। इस बीमारी के पीछे स्कूल के पास फैली गंदगी थी। स्कूली बच्चे समय-समय पर गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूकता रैलियों के माध्यम से स्वच्छता के प्रति सचेत करते रहते हैं, लेकिन स्कूलों के मुख्य द्वारों पर ही स्वच्छता अभियान की पोल खुल रही है। जिले के प्राथमिक स्कूलों में सफाई व्यवस्था राम भरोसे है। विभाग की ओर से सफाई के लिए केवल पार्ट टाइम स्वीपर रखे जाते हैं, लेकिन जिले के कुल 373 प्राथमिक स्कूलों में से लगभग 200 स्कूलों के पास पार्ट टाइम स्वीपर भी नहीं हैं। बिना स्वीपर के स्कूलों की सफाई कौन करेगा, इस प्रश्न का जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है।

कैथल के देबवन स्कूल के पास लगा उपलों का ढेर।-हप्र

तितरम स्कूल के पास गंदा नाला, जाखौली, नवोदय विद्यालय के बाहर उगी झाड़ियां

यहां जींद रोड स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला की चारदीवारी के साथ ही गंदा नाला बह रहा है। चारदीवारी के साथ बह रहा गंदा नाला यहां दीवार को खराब कर रहा है वहीं उठने वाली बदबू भी छात्रों की पढ़ाई को बाधित कर रही है। जाखौली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक के बाहर उगी झाड़ियों, कांग्रेसी घास भी बीमारी का कारण बन सकती है। इसी प्रकार नवोदय विद्यालय तितरम की चारदीवारी के पास उगी घास व गंदगी भी लंबे समय से खड़ी है।

देबवन स्कूल के बाहर बंधते हैं पशु

जिले के गांव देबवन के स्कूल की बात करें तो स्कूल के बाहर पशु बांधे जाते हैं। जींद रोड से गुरजने वाले हर अधिकारी, शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी इस स्थिति को देखते हैं, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इतना नहीं स्कूल की चारदिवारी के पास गंदगी भी पड़ी है। राजौंद-कैथल मार्ग स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय नरवल के बाहर पड़ी गंदगी सरकार के स्वच्छता अभियान की पोल खोल रही है।

क्या कहते हैं अधिकारी

इस बारे में जब जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही से बात की गई तो उन्होंने कहा कि करीब आधे प्राइमरी स्कूलों में सफाई कर्मचारी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों के बाहर गंदगी जमा है, उन स्कूलों के मुखियाओं को सफाई के लिए कहा जाएगा और स्कूल के मुखिया पंचायत से भी सफाई में सहयोग ले सकते हैं। जिन स्कूलों के बाहर पशु बांधे जाते हैं, इसके लिए बीडीपीओ को लिखा जाएगा।


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