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हार के मुंह से भी छीन सकते हैं जीत : कोहली

Posted On June - 24 - 2019

साउथम्पटन, 23 जून (भाषा)
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ विश्व कप मैच में जीत दर्ज करना बहुत जरूरी था क्योंकि इससे 2 बार की चैंपियन टीम को अपना जज्बा दिखाने और हार के मुंह से जीत हासिल करने में मदद मिली। मोहम्मद शमी के अंतिम ओवर में बनी हैट्रिक से भारत शनिवार को विश्वकप ग्रुप मैच में अफगानिस्तान को 11 रन हराने के बाद सेमीफाइनल के करीब पहुंच गया। विश्वकप में अपना पहला मैच खेल रहे शमी (9.5-1-40-4) ने अंतिम ओवर में 16 रन बनने से बचाने के अलावा लगातार गेंदों में खतरनाक दिख रहे मोहम्मद नबी (55 गेंद में 52 रन), आफताब आलम (0) और मुजीब रहमान (0) को आउट कर अपनी हैट्रिक पूरी की। कोहली ने मैच के बाद कहा, यह मैच हमारे लिए ज्यादा महत्वपूर्ण था क्योंकि चीजें रणनीति के अनुसार नहीं हुईं। और ऐसे ही समय में आपको अपना जज्बा दिखाते हुए वापसी करनी होती है।’ कोहली ने शमी के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा, ‘हर कोई मौके का इंतजार कर रहा है। शमी ने आज अच्छा प्रदर्शन किया। वह किसी अन्य गेंदबाज से कहीं ज्यादा गेंद को मूव करवा पा रहा था। हम जानते हैं कि खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ दिखाने के भूखे हैं।’ अफगानिस्तान के खिलाफ मिली जीत के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘यह जीत काफी अहम रही। आप टास जीतकर बल्लेबाजी करते हो और विकेट को धीमा होता हुए देखते हो जिससे आपको लगता है कि 260 या 270 रन का लक्ष्य अच्छा होगा।’ उन्होंने कहा, ‘फिर जब खेलने उतरे तो हमें इस बारे में थोड़ा संशय भी हुआ लेकिन साथ ही हमारे अंदर आत्मविश्वास भी था।’ कोहली ने मैन आफ द मै रहे जसप्रीत बुमराह के प्रदर्शन की भी प्रशंसा की जिनकी गेंदबाजी ने भारत को मैच में वापसी करायी। उन्होंने कहा, ‘‘हम बुमराह को चालाकी से इस्तेमाल करना चाहते थे। जब वह एक या दो विकेट झटक लेता है तो वह फिर बेहतर करता जाता है। वर्ना हम प्रतिद्वंद्वी को दबाव में भी लाने की कोशिश करते हैं।

अत्यधिक अपील के लिये कोहली पर लगा जुर्माना
भारतीय कप्तान विराट कोहली पर शनिवार को यहां अफगानिस्तान के खिलाफ विश्वकप मैच के दौरान आक्रामक तरीके से अपील करने के लिये उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। आईसीसी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘कोहली को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.1 के उल्लघंन का दोषी पाया गया जो एक अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान अत्यधिक अपील से संबंधित है।’ शनिवार को मैच के दौरान यह घटना अफगानिस्तान की पारी के 29वें ओवर में घटी जब कोहली अंपायर अलीम डार की ओर बढ़े। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की गेंद पर रहमत शाह के पगबाधा आउट करने की अपील की गयी थीं यह आईसीसी आचार संहिता के लेवल एक का उल्लघंन है जिसमें न्यूनतम सजा अधिकारी की फटकार होती है जबकि अधिकतम सजा खिलाड़ी की मैच फीस से 50 प्रतिशत कटौती, एक या दो डिमैरिट अंक होते हैं। कोहली ने अपराध स्वीकार कर इस जुर्माने को स्वीकार लिया। इसके अलावा कोहली के अनुशासनात्मक रिकार्ड में एक डिमैरिट अंक जुड़ गया है जो सितंबर 2016 में संशोधित संहिता के आने के बाद उनका दूसरा अपराध है। कोहली के अब 2 डिमैरिट अंक हैं। उन्हें 15 जनवरी 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ प्रिटोरिया टेस्ट के दौरान एक डिमैरिट अंक मिला था। जब एक खिलाड़ी 24 महीने के अंदर 4 या इससे ज्यादा अंक पर पहुंच जाता है तो इन्हें निलंबन अंक में बदल दिया जाता है और खिलाड़ी प्रतिबंधित हो जाता है।

धोनी-जाधव से खुश नहीं सचिन
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की धीमी बल्लेबाजी पर निराशा जताते हुए कहा कि महेन्द्र सिंह धोनी और केदार जाधव सहित मध्यक्रम में सकारात्मक बल्लेबाजी की कमी दिखी। तेंदुलकर ने कहा, ‘मुझे थोड़ी निराशा हुई, यह बेहतर हो सकता था। मुझे केदार और धोनी की साझेदारी से भी निराशा हुई जो काफी धीमी थी। हमने स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ 34 ओवर बल्लेबाजी की और 119 रन बनाए। यह एक ऐसा पहलू है जहां हम बिल्कुल भी सहज नहीं दिखे। सकारात्मक रवैये की कमी दिखी। मध्यक्रम के बल्लेबाजों को हालांकि अभी तक ज्यादा मौके नहीं मिले हैं, जिससे वे दबाव में थे। ’तेंदुलकर ने कहा कि जाधव को अब तब बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था और ऐसे में धोनी को जिम्मेदारी उठानी चाहिये थी।

माही भाई ने कहा, ‘यार्कर डालो’
मोहम्मद शमी ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के रोमांचक विश्व कप मुकाबले के दौरान महेंद्र सिंह धोनी ने सलाह दी थी कि वह हैट्रिक गेंद में यार्कर डाले और उन्होंने भी ऐसा करने के बारे में ही सोचा था।शमी ने कहा, ‘रणनीति सरल थी और वो यार्कर डालने की थी। यहां तक कि माही भाई ने भी इसी का सुझाव दिया। उन्होंने कहा था, ‘अब कुछ भी मत बदलो क्योंकि तुम्हारे पास हैट्रिक हासिल करने शानदार मौका है।’

अफगान स्पिनरों का किया ज्यादा ही सम्मान : श्रीकांत
पूर्व कप्तान के श्रीकांत को लगता है कि भारत ने अफगानिस्तान के स्पिनरों की गेंदों का कुछ ज्यादा सम्मान किया तथा उन्हें और ज्यादा आक्रामकता से खेलना चाहिए था। श्रीकांत ने अफगानिस्तान पर मिली 11 रन की जीत के दौरान भारतीय कप्तान विराट कोहली की बेहतरीन कप्तानी की भी प्रशंसा की। भारत की 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य श्रीकांत ने आईसीसी में लिखे अपने कालम में कहा, ‘विकेट थोड़ा धीमा था लेकिन सच कहूं तो मुझे लगता है कि भारत मध्य के ओवरों में थोड़ा अटक गया था और उसे थोड़ा और ज्यादा आक्रामक होकर खेलना चाहिए था।’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने अफगानिस्तान के स्पिनरों का कुछ ज्यादा ही सम्मान किया क्योंकि अफगानिस्तान ने अच्छी गेंदबाजी -विशेषकर नबी, मुजीब उर रहमान और राशिद खान- ने की लेकिन उन्होंने इतना अच्छा भी नहीं किया कि वे भारत को 225 रन पर रोक दें। श्रीकांत ने कहा, ‘मुझे लगता है कि विराट कोहली ने अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार कप्तानी की और उनकी बेहतरीन नेतृत्व क्षमता के कारण ही भारत ने अंत में जीत हासिल की।’


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