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सिल्वर स्क्रीन

Posted On June - 1 - 2019

आ रही हैं ज़ायरा
ज़ायरा वसीम ने फिल्म ‘द स्काई इज़ पिंक’ की शूटिंग मार्च में ही पूरी कर दी थी। इसके पोस्ट प्रोडक्शन का काम जोरों पर है। जाहिर है 18 साल की अभिनेत्री ज़ायरा वसीम इससे बहुत खुश हैं। वैसे ज़ायरा को अब किसी पहचान की जरूरत नहीं है। फिल्म ‘दंगल’ की छोटी गीता फोगाट अब बहुत बड़ी हो गई है। इसके बाद सीक्रेट सुपरस्टार की ‘इनसिया’ ने तो दर्शकों का मन जीत लिया था। अब बारी है ‘द स्काई इज़ पिंक’ की। उनकी बातचीत में बचपना साफ झलकता है। अच्छी बात है एक्टिंग के साथ पढ़ाई को जारी रखना चाहती हैं। वह बताती हैं, ‘मैंने आर्ट्स लेकर पढ़ाई की है। सिनेमा में कुछ भी करूं लेकिन डिग्री की पढ़ाई को जारी रखूंगी। इस मामले में कई लोगों का सहयोग मिला है। इसलिए फिल्में भी कम कर रही हूं। आपको यकीन नहीं होगा अपनी नई फिल्म ‘द स्काई इज़ पिंक’ को महज दो शूटिंग शेड्यूल में पूरा कर दिया था। अब अगली फिल्म भी इसी अंदाज़ में करूंगी।’ इसमें कोई संदेह नहीं कि ज़ायरा ने बहुत कम उम्र में बड़ी सफलता अर्जित की है। इससे निजी जिंदगी कितनी प्रभावित हुई है। वह बताती हैं, ‘दंगल के बाद से ही लोग पूछते थे कि आसपास के लोग आपके प्रति कितना नॉर्मल हैं। आज भी सब कुछ पहले की तरह ही है। अक्सर लोग इस तरह का सवाल पूछते हैं कि दो बड़ी हिट फिल्मों के बाद जीवन कितना बदला है। यकीन कीजिए कुछ भी नहीं बदला है। हां, एयरपोर्ट या शॉपिग मॉल में जाने पर लोग पहचान जाते हैं। मुझसे बात करना चाहते हैं, सेल्फी लेते हैं। बस इतना ही… बाकी सब कुछ वैसा ही है।’
जूही-सुजीत की केमिस्ट्री
सुजीत दा इन दिनों एक साथ दो फिल्मों— ‘गुलाबो सिताबो’ और ‘सरदार उधम सिंह’ को लेकर मशगूल हैं। ‘गुलाबो सिताबो’ इसी साल रिलीज़ होगी। दोनों ही फिल्मों में सितारों का जमघट है। बेहद ज़हीन फिल्मकार सुजीत सरकार के लिए यह कोई नई बात नहीं है। विकी डोनर, मद्रास कैफे, पीकू जैसी कई उम्दा फिल्मों के जनक सुजीत दा के व्यक्तित्व का उम्दा पक्ष यह है कि वह भीड़ के साथ आसानी से घुल-मिल जाते हैं। यही वजह है कि बड़े सितारे भी उनके मुरीद हैं। जहां ‘गुलाबो सिताबो’ में अमिताभ बच्चन, आयुष्मान खुराना जैसे बड़े सितारे हैं। वहीं आज के चर्चित स्टार विकी कौशल के साथ 2020 में रिलीज होने वाली फिल्म ‘सरदार उधम सिंह’ का एक छोटा-सा शूटिंग शेड्यूल पूरा कर लिया है। ‘गुलाबो सिताबो’ कॉमेडी ट्रैक पर चलती है। एक बार फिर सुजीत ने अपनी प्रिय लेखिका जूही चतुर्वेदी के साथ इसका ताना-बाना बुना है। विकी डोनर से लेकर पीकू, अक्तूबर तक जूही ने उनके लिए कई फिल्में लिखी हैं। वह जूही को फिल्म के लिए लकी मानते हैं। बताते हैं, ‘अच्छी फिल्म की पहली शर्त डायरेक्टर और राइटर की आपसी केमिस्ट्री होती है। डायरेक्टर के दिमाग में क्या विज़न चल रहा है उसे राइटर को सही ढंग से न समझा पाएं तो फिल्म की कहानी लिखना संभव नहीं है।
तमन्ना की वापसी
सुपर नेचुरल हॉरर फिल्म ‘खामोशी’ में अभिनेत्री तमन्ना भाटिया जल्द दिखाई पड़ेंगी। तमन्ना के मुताबिक यह उनके लिए बिल्कुल अलग अनुभव था। निर्देशक चाकरी टोलेटी को बहुत अनुभवी निर्देशक नहीं कहा जा सकता है मगर, उन्होंने साउथ में काफी काम किया है। तमन्ना कहती हैं, ‘चाकरी ने मात्र पच्चीस दिनों में इसकी पूरी शूटिंग कर ली थी। इसमें प्रभुदेवा एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा बाहुबली के प्रभास का भी इसमें कैमियो रोल है। आप भले ही इसे एक छोटी फिल्म कह सकते हैं, लेकिन इसका प्रोडक्शन वेल्यू देखकर सब चौंक जाएंगे। इसके निर्माता वासु भगनानी के साथ पहले भी कुछ फिल्में कर चुकी हूं। इसलिए इसेे कभी छोटी फिल्म नहीं समझा।’ तमन्ना मानती हैं कि वह बहुत कम हिंदी फिल्में कर रही हैं। साउथ की इस नामचीन अभिनेत्री ने इसकी वजह खुद को भी ठहराया है। वह कहती हैं, ‘असल में साउथ में हर साल एक फिल्म जबरदस्त हिट होती है, इसलिए वहां की व्यस्तता को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं कर पाती। इस वजह से हिंदी फिल्मों के लिए टाइम निकालना कई बार मुश्किल हो जाता है।’ लेकिन इसकी दूसरी वजह है कि हिंदी की कई बड़ी फिल्में हिम्मतवाला, हमशक्ल, तूतक तूतक तूतिया ने उन्हें बहुत हताश किया। यह अलग बात है कि साउथ की हिंदी में डब की गयी फिल्मों ने उन्हें बहुत संबल दिया लेकिन वह इस बात से इनकार करती हैं।
अनिल कपूर का जज़्बा
अनिल कपूर जल्द ही अनीस बज्मी की ‘पागलपंती’ की शूटिंग पूरी कर लेंगे। लेखक-निर्देशक अनीस बज्मी के साथ उनकी ज़बरदस्त ट्यूनिंग है। अनीस के साथ उनकी यह छठी फिल्म होगी। इससे पहले कि अनीस की सारी फिल्में—वेलकम, नो प्रॉब्लम, वेलकम बैक, मुबारकां में अनिल मौजूद थे। फिल्मों की कास्टिंग पर गौर फरमाएं तो एक बात साफ हो जाती है कि नये दौर के हीरो के साथ उन्होंने अच्छा तालमेल बिठा लिया है। वह चाहे पागलपंती हो या फिर मलंग, बड़े आराम से नये दौर के एक्टर के साथ अपनी जोड़ी बना लेते हैं। वह चाहे सलमान हो या राजकुमार राव या फिर जॉन अब्राहम या फिर आदित्य राय कपूर, सेट पर साथ काम करते हुए अनिल सबके साथ घुल-मिल जाते हैं। यह कमाल वह 62 की इस उम्र में दिखा रहे हैं। अनिल कहते हैं, ‘असल में मैं अपने रोल में डूब जाता हूं और अपना काम करता रहता हूं। नयी पीढ़ी के जोश से हमेशा प्रभावित रहता हूं। इसलिए उनके साथ ट्यूनिंग बनाकर चलने में कोई परेशानी नहीं होती है। अब जैसे कि जॉन के साथ पागलपंती तीसरी फिल्म होगी। मैं उसकी फिटनेस का कायल हूं। ‘वेलकेम बैक’ के दौरान जॉन ने फिट रहने के कई आसान गुर बताए जो बहुत पसंद आए।’ इधर, उनके साथ हीरोइन को कम ही देखा जा रहा है। वह बताते हैं कि हीरोइन के साथ जोड़ी बनाने को लेकर कभी चिंतित नहीं रहे। यही नहीं, अभिनेत्रियों के पीछे रहकर उन्हें मौका देना अच्छा लगता है। वह कहते हैं, ‘इस बात को कभी नोटिस नहीं किया कि कौन-सी फिल्म हीरोइन बेस्ड है या हीरो बेस्ड है। सिर्फ यह देखता हूं कि फिल्म में मेरा रोल कितना तार्किक और पॉवरफुल है।’
‘लीला’ को लेकर उत्साहित हुमा
अभिनेत्री हुमा कुरैशी अपनी जल्द रिलीज़ होने वालेे वेब सीरीज ‘लीला’ के अपने रोल को लेकर बेहद उत्साहित हैं। बकौल हुमा 2018 की रजनीकांत के साथ की फिल्म ‘काला’ के बाद कोई फिल्म फ्लोर पर नहीं थी। उस खाली वक्त का उपयोग करने के लिए उन्होंने वेब सीरीज़ करना पसंद किया। वह बताती हैं, ‘इस सीरीज़ को करने की खास वजह इसमें मेरा लीड रोल बेहद प्रभावशाली है। इसकी मुख्य किरदार शालिनी बेहद नकारात्मक परिस्थितियों में अपने आपको साबित करती है। यह प्रयोग अकबर के चर्चित नॉवेल लीला पर बेस्ड है। इसे करने की बड़ी वजह डायरेक्टर दीपा मेहता भी हैं। उनके साथ पूर्व में काम कर चुकी हूं। छह किस्तों की इस सीरीज़ का टीज़र काफी वायरल हुआ था। अब जून के मध्य में यह आएगी। सिद्धार्थ, आकाश खुराना, सीमा विश्वास, आरिफ़ जकारिया आदि मुख्य कलाकार हैं।’ हुमा के अनुसार इसे वह एक अलग तरह का अनुभव मानती हैं। वह कहती हैं, ‘वेब सीरीज़ ने अपनी एक अलग दुनिया बनानी शुरू कर दी है। ‘गैंग ऑफ वासेपुर, एक थी डायन, बदलापुर, डेढ़ इश्कियां, हाइवे, जॉली एलएलबी जैसी डेढ़ दर्जन से ज्यादा फिल्मों का हिस्सा रह चुकीं हुमा का करिअर कभी भी तेज़ गति से आगे नहीं बढ़ा लेकिन उन्हें इस बात का कोई अफसोस नहीं है। बड़े व्यवसायी परिवार की बेटी हुमा अपनी फिल्मों की बजाय तरह-तरह के गॉसिप की वजह से ज्यादा चर्चा में रहती हैं।’
डायना का अंदाज़
डायना पेंटी ने अपने पांच साल के करिअर में पांच फिल्में की हैं। इन दिनों भी इंडोर्समेंट को ही लेकर ज्यादा व्यस्त हैं। वैसे अपनी कुछ गिनी-चुनी फिल्मों— ‘कॉकटेल,’ ‘हैप्पी भाग जाएगी’, ‘परमाणु’ के ज़रिए ही मॉडल अभिनेत्री डायना पेंटी ने अपने आपको अच्छी तरह से पेश किया है। डायना की अच्छी बात यह कि करिअर की धीमी रफ्तार से ज़रा भी अप-सेट नहीं होती हैं। वह दो टूक कहती हैं कि अपनी फिल्मी व्यस्तता को रफ्तार देना चाहती हैं लेकिन इसे लेकर कोई जोड़-तोड़ करना उन्हें सख्त नापसंद है। वह कहती हैं, ‘जो फिल्में मेरे पास आईं उसमें अपना बेस्ट देने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। यह अपनी पहली फिल्म ‘कॉकटेल’ से करती आ रही हूं। इस वजह से न ही अपसेट हूं। मॉडलिंग के इंडोर्समेंट ने बहुत व्यस्त कर रखा है।
इसलिए कम फिल्में मेरी प्राथमिकता हैं। लेकिन जब कई तारिकाएं मेरे अच्छे रोल पर नज़र रखती हैं तो निजी तौर पर बहुत तकलीफ होती है। लेकिन मेरी एक मजबूरी है कि किसी भी जोड़-तोड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहती। दूसरे काम पर ज्यादा ध्यान देती हूं।’ बहरहाल, इन दिनों वह दो फिल्में— ‘शिद्दत’ और ‘कहां खो गए हम’ कर रही हैं। इन फिल्मों की चाल बहुत धीमी है। बातचीत से साफ लगता है कि ये बातें उन्हें ज्यादा परेशान नहीं करती हैं।
उन्हें फिल्मों में बेवजह बोल्डनेस से सख्त नफ़रत है। इसी वजह से पिछले दिनों दो बड़ी फिल्में छोड़ दीं।
ए. चक्रवर्ती


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