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वर्ल्ड कप 2019 विराट उम्मीदें

Posted On June - 2 - 2019

मनोज चतुर्वेदी

भारत को क्रिकेट प्रेमी देश माना जाता है, इसलिए जब भी क्रिकेट की कोई प्रतियोगिता होती है तो देशवासियों पर उसका बुखार चढ़ना शुरू हो जाता है। पिछले दिनों सारा देश आईपीएल की गिरफ्त में था और अब इंग्लैंड और वेल्स में चल रहे क्रिकेट विश्व कप की तरफ सबकी निगाहें मुड़ गई हैं। देशवासियों के दिमाग में एक ही सवाल है कि क्या विराट कोहली, कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी की तरह विश्व कप लेकर लौट सकेंगे। विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया ने जिस तरह से पिछले कुछ सालों में एक के बाद एक सफलताएं हासिल की हैं, उससे हर किसी को लगता है कि टीम इंडिया में विजेता बनने का दमखम है। लेकिन हम यदि कुछ और टीमों के दमखम को देखते हैं तो लगता है कि यह काम इतना आसान भी नहीं है, क्योंकि मेजबान इंगलैंड और पिछली बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ऐसी टीमें हैं, जिनसे पार पाना असंभव नहीं तो आसान भी नहीं है। इसके अलावा न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान तो दमदार हैं ही, साथ में इस बार वेस्ट इंडीज़ भी नए तेवर में दिख रही है।

टीम इंडिया का मज़बूत पक्ष
विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम इंडिया की जहां तक बात है, तो इस टीम के कुछ मजबूत पक्ष हैं, जो इसे चैंपियन बना सकते हैं। इस टीम की प्रमुख ताकत इसके पहले तीन बल्लेबाज़ हैं। यह हैं रोहित शर्मा, शिखर धवन और कप्तान विराट कोहली। यह तीनों ही अनुभव के तो धनी हैं ही, साथ ही इनके पराक्रम से बाकी सभी टीमें वाकिफ हैं। विपक्षी टीमें यह जानती हैं कि यदि यह तीनों चल गए तो टीम इंडिया को रोकना किसी के वश की बात नहीं है। हम पहले रोहित और शिखर की ओपनिंग जोड़ी की बात करें तो यह देश की दूसरी सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी है। इस जोड़ी ने पिछले छह सालों में 101 पारियों में 45.41 की औसत से 4541 रन बनाए हैं। इस जोड़ी ने अब तक 15 शतकीय और 13 अर्धशतकीय साझेदारियां बनाई हैं। जहां तक बात भारतीय कप्तान विराट कोहली की है तो उन्हें इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार किया जाता है। वह जब भी कोई मुकाबला खेलते हैं तो उस टीम के निशाने पर वही होते हैं। विराट कोहली ने जिस रफ्तार के साथ वनडे में 41 शतक लगाए हैं, उससे यह साफ है कि सचिन तेंदुलकर का इस प्रारूप में 49 शतकों का रिकॉर्ड कुछ ही समय में टूटता दिख सकता है। विराट पिछले इंगलैंड दौरे पर तीन वनडे मैचों में दो अर्धशतकों से 191 रन बनाकर दिखा चुके हैं कि इंग्लिश माहौल में खेलना उनके लिए ज़रा भी दिक्कत वाला नहीं है। विराट 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल थे। लेकिन अब उनके पास विश्व कप जीतने वालों में नाम शुमार कराने का मौका है।

क्या कहते हैं कोच बांगड़

यह तीनों ही बल्लेबाज़ पिछले दिनों आईपीएल में अच्छी रंगत में दिखे हैं। अब सवाल यह है कि क्या टी-20 प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन वनडे मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करने में सहायक होगा। असल में जब आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपका विश्वास बढ़ जाता है और इसके सहारे आप दूसरे प्रारूप में भी अच्छा खेल सकते हैं। पर भारतीय टीम के सहायक कोच संजय बांगड़ का मानना है कि टी-20 के मुकाबले में इस प्रारूप में आपके पास जमने के लिए ज्यादा समय होता है। टी-20 में बल्लेबाज़ पहले से शॉट खेलने की तैयारी में होता है। लेकिन वनडे में ऐसा करने से दिक्कत हो सकती है। बांगड़ कहते हैं कि भारतीय बल्लेबाजों की तीन खूबियां हैं-बल्लेबाज़ी की लय, फिटनेस और मैच टेंपरामेंट। इन खूबियों की वजह से उन्हें इस विश्वकप में भी कोई दिक्कत नहीं होने वाली है।

टीम की ताकत
टीम इंडिया की जान इसका गेंदबाज़ी अटैक है। टीम के पेस और स्पिन दोनों तरह के गेंदबाज़ अनुभवी तो हैं ही, इसके अलावा यह सभी विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी दोनों ऐसे पेस गेंदबाज हैं, जो किसी भी मौके पर विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं। इनके साथ पेस गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार भी यदि पूरी रंगत में आ जाएं तो यह जीत दिलाने वाली तिकड़ी साबित हो सकती है। पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ का कहना है कि मेरे हिसाब से गेंदबाज़ी इस विश्व कप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है। इसमें जो टीम ज्यादा अच्छी गेंदबाज़ी करेगी, वह जीत के करीब नज़र आएगी। मेरे विचार में यह बड़े स्कोरों वाला विश्व कप होगा, इसलिए मध्य के ओवरों में गेंदबाजों का विकेट निकालना महत्वपूर्ण होगा। इस मामले में मुझे भारतीय टीम भाग्यशाली लगती है। बुमराह, कुलदीप यादव और यजुवेंद्र चहल ऐसे गेंदबाज हैं, जो विकेट निकालना जानते हैं। इस तिकड़ी के साथ भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी की मौजूदगी गेंदबाज़ी अटैक को दमदार बनाएगी। यह सही है कि भुवनेश्वर आईपीएल के दौरान पिछले सालों जैसी रंगत में नहीं दिखे। लेकिन उनकी गेंद को स्विंग कराने की क्षमता टीम के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकती है। वहीं मोहम्मद शमी ने अपने ऊपर से टेस्ट का टैग हटाकर इस आईपीएल सत्र में दिखाया कि वह छोटे प्रारूप में भी कामयाब हो सकते हैं।

पांड्या हैं टीम के एक्स फैक्टर
इस टीम के एक्स फैक्टर निश्चित रूप से हार्दिक पांड्या हैं। वीरेंद्र सहवाग ने इस खिलाड़ी के बारे में कहा है कि इसका भारतीय टीम में कोई मुकाबला नहीं है। हार्दिक पांड्या ने पिछले दिनों मुंबई इंडियंस को चौथा आईपीएल खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आईपीएल के पिछले सत्र में 16 मैचों में 191.42 के स्ट्राइक रेट से 402 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 14 विकेट लिए और 11 कैच पकड़े।
हार्दिक जिस अंदाज़ में खेलते हैं, उससे उनके 8-10 ओवर विकेट पर टिकने पर मैच का नक्शा बदला जा सकता है। हार्दिक की तरह एक्स फैक्टर वाले खिलाड़ी कुछ अन्य टीमों के पास भी हैं। इंगलैंड के जोस बटलर, वेस्ट इंडीज के आंद्रे रसेल और ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर को इस श्रेणी में रखा जा सकता है। जोस बटलर को मौजूदा समय में सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ माना जाता है। 2015 के विश्वकप के बाद से वह आखिरी 10 ओवरों में 181.2 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज़ के दूसरे वनडे में उन्होंने 50 गेंद में शतक ठोककर संकेत दिया है कि इंगलैंड को चैंपियन बनाने के लिए वह क्या करने का इरादा रखते हैं। आंद्रे रसेल की आक्रामकता को क्रिकेट प्रेमी पिछले दिनों आईपीएल में देख चुके हैं। रसेल में जब रंगत में खेल रहे हों तो उनके सामने कोई भी लक्ष्य बौना नज़र आता है। डेविड वॉर्नर ने प्रतिबंध के बाद लौटने पर आईपीएल में फाइनल से पहले ही लौटने पर इतने रन ठोक दिए थे कि उन्हें ऑरेंज कैप जीतने से कोई डिगा नहीं सका। यह सभी खिलाड़ी इस समय जबर्दस्त फॉर्म में भी हैं, इसलिए विश्व कप में माहौल में गर्माहट रहने वाली है।

तेंदुलकर की राय
सचिन तेंदुलकर कहते हैं कि आजकल सभी खिलाड़ी आपस में खेलते रहते हैं, इसलिए एक-दूसरे की कम़जोरियों को अच्छे से जानते हैं। उनके हिसाब से विकेट सपाट मिलने वाले हैं, इसलिए मैचों में बड़े स्कोर बनने वाले हैं। ऐसी स्थिति में विकेट निकालने वाले गेंदबाज़ ज्यादा कारगर रहने वाले हैं।

मेजबान टीम दमदार
भारत के अलावा इंगलैंड और ऑस्ट्रेलिया को खिताब का दावेदार माना जा रहा है। इंगलैंड को घर में खेलने का फायदा भी मिलने वाला है।
ऑस्ट्रेलिया की टीम पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही थी। लेकिन वॉर्नर और स्टीव स्मिथ के टीम में लौटते ही टीम दावेदार के तौर पर सामने आई है। पर पिछले दिनों में वेस्ट इंडीज़ की टीम जिस तरह से खेल रही है, उससे वह सारे समीकरण बिगाड़ने का माद्दा रखती है। इस टीम के पास क्रिस गेल, आंद्रे रसेल, निकलस पूरन और हेटमायेर के रूप में आक्रामक बल्लेबाज़ हैं। यह सभी बल्लेबाज़ चल गए और उन्हें गेंदबाजों का सहयोग मिल गया तो इस टीम से पार पाना सबसे मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा पाकिस्तान भी मुश्किल टीम साबित हो सकती है। लेकिन भार के पक्ष में जाने वाली बात उसके पास महेंद्र सिंह धोनी जैसा गेम चेंजर होना है। वह आईपीएल के इस सत्र में खेलते समय 5-6 साल पुरानी रंगत में दिखे।
धोनी की इस कलेवर में वापसी टीम इंडिया की संभावनाओं को और मजबूत करेगी। इसमें कोई दो राय नहीं है कि धोनी की मौजूदगी से कप्तान विराट कोहली को निश्चय ही फायदा मिलेगा। धोनी फील्डिंग सजाने में विराट की मदद करते रहे हैं और वह गेंदबाजों को भी बताते हैं कि किस लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करनी है।
वह सही मायनों में विराट के हनुमान हैं। इसलिए धोनी और विराट का तालमेल भारतवासियों को खुशखबरी देने का माद्दा रखती है।

स्कोर कार्ड बदला
इंगलैंड के मैदानों पर मैच की समाप्ति पर प्रिंटेड स्कोर कार्ड दिए जाने का चलन है। इसे दर्शकों को एक या दो पाउंड में दिया जाता है। दर्शक मैच की यादों को संजोने के लिए इस स्कोर कार्ड को खरीदते हैं। इन स्कोर कार्ड में अब तक 400 रन तक की व्यवस्था रही है। लेकिन पिछले कुछ समय में इंगलैंड के विकेट भी सपाट होते जा रहे हैं, जिसकी वजह से मैचों में रनों का अंबार लगने लगा है। पिछले साल इंगलैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह विकेट पर 481 रन बनाए थे। इसके अलावा इंगलैंड और पाकिस्तान के बीच हुई सीरीज़ में भी रनों का अंबार लगने से इंगलैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने अधिकृत फैंस स्कोर कार्ड का डिज़ाइन बदलने का फैसला किया। नए स्कोर कार्ड में 500 रन तक की व्यवस्था की गई है। विश्व कप के निदेशक स्टीव एलवर्दी को लगता है कि सपाट विकेटों पर 500 का स्कोर भी देखने को मिल सकता है, इसलिए पहले से स्कोरकार्ड को 500 रन तक के लिए तैयार कर लिया गया है।
सबसे कम उम्र के मुजीब
इस विश्व कप में भाग लेने वाली 10 टीमों में अफगानिस्तान के 18 वर्षीय स्पिन गेंदबाज मुजीब उर रहमान सबसे कम उम्र के क्रिकेटर हैं। मुजीब ने 2017 में ही वनडे अंतर्राष्ट्रीय मैचों में खेलना शुरू किया है और वह दो साल से भी कम समय में खासी सुर्खियां बटोरने में सफल हो गए हैं। उन्होंने अब तक खेले 28 वनडे मैचों में 3.74 की इकॉनमी रेट से 51 विकेट लिए हैं। मुजीब उंगलियों से स्पिन कराने वाले गेंदबाज हैं। वह पिछले दो सालों से आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब से खेल रहे हैं।
पर आईपीएल का 12वां सत्र मुजीब उर रहमान के लिए अच्छा नहीं बीता है। वह इस बार पांच मैचों में तीन विकेट ही ले सके। इस वजह से टीम के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने उन्हें ज्यादा मैचों में नहीं खिलाया। अफगानिस्तान की टीम पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई की है, इसलिए मुजीब सहित सभी खिलाड़ियों पर अपना बेस्ट देने का दवाब है। पर अफ़गानी खिलाड़ी दवाब झेलना जानते हैं, इसलिए मुजीब भी शानदार प्रदर्शन करते नज़र आ सकते हैं।
विजेता टीम को मिलेंगे 28 करोड़ रुपए
क्रिकेट विश्व कप में इस बार विजेता टीम 40 लाख डॉलर यानी करीब 28 करोड़ रुपए की इनामी राशि हासिल करेगी। जबकि आईपीएल का खिताब जीतने वाली मुंबई इंडियंस को मिली 20 करोड़ रुपए की इनामी राशि से यह कोई बहुत ज्यादा बड़ी राशि नहीं है। पर यह राशि चैंपियंस लीग फुटबॉल और एनबीए चैंपियन को मिलने वाली राशि के मुकाबले बहुत कम है। चैंपियंस लीग फुटबाल का खिताब जीतने वाली टीम को इस बार 150 करोड़ रुपए और अमेरिका में होने वाली बास्केटबॉल की एनबीए चैंपियनशिप में विजेता को 139 करोड़ रुपए की इनामी राशि मिलेगी। आईसीसी विश्व कप में विजेता को मिलने वाली 28 करोड़ रुपए की राशि अब तक सबसे ज्यादा है।
इसमें उपविजेता को 20 लाख डॉलर यानी 14 करोड़ रुपए, सेमीफाइनल तक चुनौती पेश करने वाली टीमों को आठ-आठ लाख डॉलर यानी 5.6 करोड़ रुपए मिलेंगे। नॉकआउट दौर में स्थान बनाने वाली प्रत्येक टीम को एक लाख डॉलर यानी 70 लाख रुपए और लीग चरण में प्रत्येक मैच जीतने पर 40 हजार डॉलर यानी 28 लाख रुपए मिलेंगे।


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