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मौत से आखिर कितनी जंग लड़ता फतेहवीर!

Posted On June - 12 - 2019

संगरूर/चंडीगढ़-पंचकूला, 11 जून (एजेंसी/निस)

बच्चे के शव को जब उसके गांव लाया गया तो माहौल बेहद गमगीन हो गया (बाएं) और लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने प्रदर्शन किया।

सोशल मीडिया पर अभियान चले। हर किसी ने दुआ की। मंत्री-अफसर भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तकनीक ‘देसी’ अपनाई गयी। फिर वही हुआ जो कोई नहीं चाहता था। दो साल के बच्चे फतेहवीर सिंह को बोरवेल से जीवित नहीं निकाला जा सका। आखिर इस भीषण गर्मी में वह इतने गहरे बोरवेल में मौत से कितनी जंग लड़ता। बताया जा रहा है कि बच्चा बोरवेल में महज 48 घंटे ही जिंदा रह पाया।
असल में समानांतर बोरवेल खुदाई काम नहीं आई और बच्चे के हाथ में क्लैंप लगाकर उसे बाहर निकाला गया। अब हर कोई सवाल उठा रहा है कि अगर बच्चे को ऐसे ही निकालना था तो पांच दिन क्यों लगा दिए। यही नहीं लोगों ने ‘मृत बच्चे’ को निकालकर 150 किलोमीटर दूर पीजीआई चंडीगढ़ ले जाने पर भी सवाल उठाये। लोगों ने कहा, ‘जब सबको पता था कि वह मर चुका है तो वे संगरूर सिविल अस्पताल में ही पोस्टमार्टम कर सकते थे।’ फतेहवीर सिंह को सुबह 7.24 बजे पीजीआई लाया गया जहां पेडियाट्रिक सेंटर में डाक्टर पहले से ही मौजूद थे। डॉक्टरों के मुताबिक पीजीआई लाए गए फतेहवीर के शरीर में कोई हरकत नहीं थी। उधर, संगरूर से भी अनेक लोग चंडीगढ़ पहुंचे और यहां भी नारेबाजी की।
चंडीगढ़ से बच्चे के शव को हेलीकॉप्टर से उसके गांव भेजा गया। वहां फतेहवीर सिंह को गांव वालों ने अश्रुपूर्ण विदाई दी। संगरूर के भगवानपुरा के निवासी और बच्चे के परिजन आंसू नहीं रोक पाए। एक अधिकारी ने बताया कि करीब 110 घंटे तक बोरवेल में रहने के बाद बचावकर्मियों ने सुबह पौने पांच बजे बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला। पीजीआई के फोरेंसिक चिकित्सा विभाग में डॉक्टर वाईएस बंसल और डॉक्टर सेंथिल कुमार की टीम ने बच्चे का पोस्टमार्टम किया। पीजीआई के बयान में बताया गया, ‘पोस्टमार्टम की रिपोर्ट बताती है कि बच्चे की मौत कुछ दिन पहले ही हो गई थी।’ गौर हो कि बच्चा सोमवार को दो वर्ष का हुआ था।
सभी खुले बोरवेल बंद करने का आदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह ने बोरवेल को लेकर रिपोर्ट तलब की है। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार सिंह ने निर्देश दिया है कि किसी भी जिले में ऐसा खुला बोरवैल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि लोगों के पास खुले बोरवैल की जानकारी है तो वह हेल्पलाइन नंबर 0172-2740397 पर इसकी जानकारी दे सकते हैं।

खेलते वक्त गिरा था
फतेहवीर बृहस्पतिवार को भगवानपुरा गांव में शाम 4 बजे खेलते वक्त बोरवेल में गिर गया। वह 150 फुट गहरे बोरवेल में 125 फुट पर जाकर फंस गया था। बचावकर्मियों ने उसे ऑक्सीजन मुहैया कराई लेकिन खाना या पानी नहीं। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, ‘फतेहवीर की दुखद मौत पर काफी गमगीन हूं। मैं वाहेगुरु से प्रार्थना करता हूं कि उसके परिवार को दुख सहने की शक्ति दें।’ शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल समेत अनेक लोगों ने भी इस दर्दनाक हादसे पर शोक जताया।


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